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ईरान युद्ध का विरोध: नेशनल काउंटर टेररिज्म सेंटर प्रमुख जोसेफ केंट का इस्तीफा

ईरान युद्ध का विरोध: नेशनल काउंटर टेररिज्म सेंटर प्रमुख जोसेफ केंट का इस्तीफा
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अमेरिका के नेशनल काउंटर टेररिज्म सेंटर (NCTC) के निदेशक जोसेफ केंट ने ईरान के साथ चल रहे सैन्य संघर्ष के विरोध में अपने पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है। जोसेफ केंट ट्रंप प्रशासन के पहले ऐसे उच्च पदस्थ अधिकारी बन गए हैं जिन्होंने ईरान नीति और युद्ध की स्थिति को लेकर सार्वजनिक रूप से असहमति जताते हुए पद छोड़ा है। केंट ने अपना इस्तीफा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया जिसमें उन्होंने प्रशासन के फैसलों पर गंभीर सवाल उठाए हैं और उनके इस कदम ने वाशिंगटन के राजनीतिक और खुफिया गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। केंट ने स्पष्ट रूप से कहा कि वह अपने विवेक के आधार पर इस युद्ध का समर्थन करने में असमर्थ हैं।

जोसेफ केंट का इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है। केंट को नेशनल इंटेलिजेंस की निदेशक तुलसी गबार्ड का करीबी माना जाता है। गबार्ड ने भी हाल के दिनों में ईरान संघर्ष पर सीमित प्रतिक्रिया दी है। खुफिया समुदाय के अधिकारियों के अनुसार केंट का जाना प्रशासन के भीतर विदेश नीति को लेकर चल रहे गहरे मतभेदों को उजागर करता है। व्हाइट हाउस और ऑफिस ऑफ द डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलिजेंस (ODNI) ने फिलहाल इस इस्तीफे पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।

युद्ध के औचित्य और तात्कालिक खतरे पर सवाल

जोसेफ केंट ने अपने त्याग पत्र में सबसे प्रमुख बिंदु यह उठाया कि ईरान से अमेरिका की सुरक्षा को कोई तात्कालिक खतरा नहीं था और उनके अनुसार किसी भी देश के खिलाफ युद्ध शुरू करने के लिए एक स्पष्ट और वर्तमान खतरे का होना आवश्यक होता है जो इस मामले में अनुपस्थित था। केंट ने तर्क दिया कि खुफिया सूचनाओं को इस तरह से पेश किया गया जिससे युद्ध की स्थिति पैदा हो सके। उन्होंने चेतावनी दी कि बिना किसी ठोस आधार के शुरू किया गया यह संघर्ष अमेरिकी हितों के लिए घातक साबित हो सकता है। केंट ने कहा कि एक खुफिया अधिकारी के रूप में वह उन तथ्यों को नजरअंदाज नहीं कर सकते जो इस युद्ध की आवश्यकता को नकारते हैं।

बाहरी दबाव और इजरायली लॉबी के आरोप

अपने इस्तीफे में केंट ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का निर्णय स्वतंत्र अमेरिकी हितों के बजाय बाहरी दबाव में लिया गया है। उन्होंने विशेष रूप से इजराइल और उसके प्रभावशाली लॉबिंग समूहों का उल्लेख किया। केंट के अनुसार इन समूहों के दबाव में आकर अमेरिका को एक ऐसे युद्ध में धकेला जा रहा है जिसकी आवश्यकता नहीं थी। उन्होंने पत्र में लिखा कि अमेरिकी सैनिकों के जीवन को उन उद्देश्यों के लिए जोखिम में डाला जा रहा है जो सीधे तौर पर अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा से नहीं जुड़े हैं। यह आरोप अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिहाज से काफी संवेदनशील माना जा रहा है।

इराक युद्ध की पुनरावृत्ति और गलत खुफिया जानकारी

केंट ने वर्तमान स्थिति की तुलना 2003 के इराक युद्ध से की है। उन्होंने कहा कि जिस तरह इराक में गलत खुफिया जानकारी के आधार पर युद्ध थोपा गया था और बाद में उसके विनाशकारी परिणाम सामने आए थे वही स्थिति अब ईरान के मामले में दोहराई जा रही है और केंट ने राष्ट्रपति ट्रंप को उनके पुराने चुनावी वादों की याद दिलाई जिसमें उन्होंने मिडिल ईस्ट के अंतहीन युद्धों को समाप्त करने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति को कुछ सलाहकारों द्वारा गुमराह किया गया है जो यह मानते हैं कि ईरान पर त्वरित हमला एक आसान जीत दिलाएगा। केंट ने आगाह किया कि यह धारणा वास्तविकता से कोसों दूर है और इससे भारी जन-धन की हानि हो सकती है।

प्रशासन के भीतर बढ़ता वैचारिक मतभेद

जोसेफ केंट के इस्तीफे ने ट्रंप सरकार के भीतर वैचारिक दरार को स्पष्ट कर दिया है। केंट ने राष्ट्रपति के पहले कार्यकाल की प्रशंसा करते हुए कहा कि तब कासिम सुलेमानी के खिलाफ कार्रवाई और ISIS का खात्मा बिना किसी लंबी जंग में फंसे किया गया था। हालांकि वर्तमान नीति को उन्होंने उन सिद्धांतों के विपरीत बताया। केंट का मानना है कि प्रशासन के कुछ तत्व जानबूझकर युद्ध का माहौल बना रहे हैं। तुलसी गबार्ड के साथ उनके करीबी संबंधों को देखते हुए यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि खुफिया विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस सैन्य रुख से पूरी तरह सहमत नहीं हैं।

जोसेफ केंट का पेशेवर अनुभव और व्यक्तिगत पृष्ठभूमि

45 वर्षीय जोसेफ केंट का करियर काफी प्रभावशाली रहा है। वह अमेरिकी स्पेशल फोर्स के सदस्य रहे हैं और CIA में एक अनुभवी अधिकारी के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। उन्होंने अपने करियर के दौरान 11 बार युद्ध क्षेत्रों में तैनाती का अनुभव प्राप्त किया है। केंट की व्यक्तिगत जिंदगी भी इस संघर्ष से प्रभावित रही है। उनकी पत्नी शैनन केंट जो एक नेवी क्रिप्टोलॉजिस्ट थीं 2019 में सीरिया में एक आत्मघाती हमले के दौरान शहीद हो गई थीं। केंट ने अपने पत्र में इस व्यक्तिगत क्षति का उल्लेख करते हुए कहा कि वह एक सैनिक और एक पति के रूप में जानते हैं कि युद्ध की कीमत क्या होती है। उन्होंने राष्ट्रपति से अपील की कि वे इस फैसले पर पुनर्विचार करें क्योंकि अभी भी कूटनीतिक रास्ता अपनाने का समय शेष है।

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