अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) ने राष्ट्रीय पुरुष टीम के भविष्य को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लिया है। बोर्ड ने आधिकारिक तौर पर रिचर्ड पायबस को टीम का नया मुख्य कोच नियुक्त करने की घोषणा की है। यह निर्णय टी20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप चरण में अफगानिस्तान के निराशाजनक प्रदर्शन और टूर्नामेंट से बाहर होने के बाद लिया गया है। बोर्ड के अनुसार, पायबस की नियुक्ति का उद्देश्य टीम की संरचना को मजबूत करना और आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए एक उच्च-प्रदर्शन प्रणाली विकसित करना है। पायबस को विश्व क्रिकेट में उनकी रणनीतिक सूझबूझ और टीमों को बड़े खिताब जिताने के अनुभव के लिए जाना जाता है।
नियुक्ति का विवरण और श्रीलंका दौरा
रिचर्ड पायबस की नियुक्ति की पुष्टि 24 फरवरी को की गई। वह मार्च के मध्य में टीम के साथ जुड़ेंगे और श्रीलंका के खिलाफ आगामी व्हाइट-बॉल सीरीज से अपने कार्यकाल की शुरुआत करेंगे। अफगानिस्तान और श्रीलंका के बीच यह सीरीज 13 मार्च से शुरू होने वाली है। बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, पायबस की रणनीतिक विशेषज्ञता और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का उनका व्यापक अनुभव टीम के लिए एक नई दिशा तय करने में सहायक होगा। श्रीलंका के खिलाफ होने वाली यह सीरीज उनके लिए पहली बड़ी परीक्षा मानी जा रही है, जहां वह टीम के साथ तालमेल बिठाने और खिलाड़ियों की क्षमताओं का आकलन करने का प्रयास करेंगे।
रिचर्ड पायबस का शानदार कोचिंग करियर
रिचर्ड पायबस क्रिकेट जगत में एक बेहद सम्मानित कोच और परफॉर्मेंस डायरेक्टर रहे हैं। उनके पास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोचिंग का दशकों का अनुभव है। उन्होंने 2013 से 2019 के बीच वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम के साथ विभिन्न भूमिकाओं में काम किया, जिसमें हेड कोच, डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट और हाई-परफॉर्मेंस हेड की जिम्मेदारियां शामिल थीं। उनके मार्गदर्शन में वेस्टइंडीज क्रिकेट ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं। इससे पहले, पायबस पाकिस्तान की राष्ट्रीय टीम के मुख्य कोच के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं और उनके कार्यकाल के दौरान पाकिस्तान ने 1999 के क्रिकेट वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया था, हालांकि फाइनल में उन्हें ऑस्ट्रेलिया से हार का सामना करना पड़ा था।
वेस्टइंडीज के साथ ऐतिहासिक उपलब्धियां
पायबस के करियर का सबसे सुनहरा दौर वेस्टइंडीज क्रिकेट के साथ जुड़ा रहा है। उनके कार्यकाल के दौरान 2016 में वेस्टइंडीज ने क्रिकेट इतिहास में एक अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की थी। उस वर्ष वेस्टइंडीज की पुरुष टीम, महिला टीम और अंडर-19 टीम ने एक ही कैलेंडर वर्ष में तीन अलग-अलग ICC वर्ल्ड कप खिताब जीते थे। पायबस उस समय वेस्टइंडीज के हाई-परफॉर्मेंस सिस्टम के प्रमुख थे और उनकी रणनीतियों को इन जीतों का एक प्रमुख आधार माना गया था। इसके अलावा, उन्होंने 2013 में बांग्लादेश क्रिकेट टीम को भी कोचिंग दी थी और उन्हें दो बार दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट कोच ऑफ द ईयर के सम्मान से नवाजा जा चुका है।
खिलाड़ियों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका
कोचिंग के अलावा, पायबस को व्यक्तिगत खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने के लिए भी जाना जाता है। उन्होंने अपने करियर के दौरान कई दिग्गज खिलाड़ियों के साथ काम किया है और उनके कौशल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने में मदद की है। पाकिस्तान के विकेटकीपर-बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान, दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान फाफ डु प्लेसिस और विश्व के बेहतरीन तेज गेंदबाजों में शुमार डेल स्टेन जैसे खिलाड़ियों के करियर के शुरुआती और विकासशील चरणों में पायबस का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड को उम्मीद है कि पायबस के मार्गदर्शन में अफगानिस्तान के युवा और अनुभवी खिलाड़ी अपनी तकनीक और मानसिक मजबूती में सुधार कर सकेंगे।
शैक्षणिक योग्यता और रणनीतिक विशेषज्ञता
रिचर्ड पायबस केवल एक क्रिकेट कोच ही नहीं, बल्कि एक अकादमिक और परफॉर्मेंस स्ट्रैटेजिस्ट भी हैं। 2022 में उन्हें लंदन की मिडलसेक्स यूनिवर्सिटी से 'ऑप्टिमल परफॉर्मेंस सिस्टम' पर उनके शोध के लिए डॉक्टरेट की मानद उपाधि प्रदान की गई थी। इसके अतिरिक्त, उनके पास ग्रीनविच यूनिवर्सिटी से पोस्टग्रेजुएट डिग्री और पोर्ट्समाउथ यूनिवर्सिटी से बीए (ऑनर्स) की डिग्री है। उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें खेल के प्रति एक वैज्ञानिक और डेटा-आधारित दृष्टिकोण अपनाने में मदद करती है। अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड का मानना है कि उनकी यह रणनीतिक सोच टीम को आधुनिक क्रिकेट की चुनौतियों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।