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अजमेर में चक्का जाम के बीच बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा- फर्क नहीं पड़ेगा... पीएम की सभा में पहुंचेंगे 2 लाख लोग

अजमेर में चक्का जाम के बीच बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा- फर्क नहीं पड़ेगा... पीएम की सभा में पहुंचेंगे 2 लाख लोग
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राजस्थान के अजमेर में 28 फरवरी को प्रस्तावित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विशाल जनसभा से पहले प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। निजी बस ऑपरेटरों द्वारा घोषित अनिश्चितकालीन चक्का जाम के बीच भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने स्पष्ट किया है कि इस हड़ताल का प्रधानमंत्री की सभा पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। राठौड़ के अनुसार, जनता में प्रधानमंत्री के प्रति भारी उत्साह है और सभा स्थल पर 2 लाख से अधिक लोगों की उपस्थिति दर्ज की जाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि साधनों की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी और कार्यकर्ता अपने स्तर पर भी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर रहे हैं।

मदन राठौड़ का बयान और परिवहन रणनीति

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सुनने के लिए राजस्थान की जनता हमेशा उत्सुक रहती है। उन्होंने कहा कि निजी बस ऑपरेटरों की हड़ताल एक अलग विषय है और सरकार उनके साथ निरंतर संवाद कर रही है। राठौड़ ने दावा किया कि सभा के लिए कार्यकर्ताओं और समर्थकों को लाने के लिए पर्याप्त वैकल्पिक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। उनके अनुसार, भाजपा संगठन ने जमीनी स्तर पर टोलियां बनाई हैं जो यह सुनिश्चित करेंगी कि दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले लोगों को परिवहन में किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने यह भी कहा कि जनता उमड़-उमड़ कर प्रधानमंत्री का भाषण सुनने आएगी और भीड़ के आंकड़ों में कोई कमी नहीं आएगी।

निजी बस ऑपरेटरों का विरोध और हड़ताल का कारण

अजमेर सहित पूरे राजस्थान में निजी बस ऑपरेटरों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। अजमेर में ही करीब 200 से अधिक निजी बसों के पहिए थम गए हैं। प्राइवेट बस एसोसिएशन ने स्पष्ट रूप से घोषणा की है कि वे 28 फरवरी की प्रधानमंत्री की सभा के लिए अपनी बसें उपलब्ध नहीं कराएंगे। ऑपरेटरों का कहना है कि उनकी मांगों पर सरकार की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं होने तक यह चक्का जाम जारी रहेगा। इस हड़ताल के कारण न केवल राजनीतिक आयोजनों बल्कि आम यात्रियों, छात्रों और पेशेवर लोगों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बस स्टैंडों पर सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग निजी वाहनों या अन्य साधनों की तलाश में भटक रहे हैं।

रोडवेज प्रशासन की वैकल्पिक बस सेवा योजना

निजी बसों की हड़ताल से उत्पन्न संकट को देखते हुए राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (रोडवेज) ने अपनी कमर कस ली है। रोडवेज प्रशासन ने अतिरिक्त बसों को रिजर्व रखने की तैयारी शुरू कर दी है ताकि यात्रियों और सभा में आने वाले लोगों को राहत मिल सके और अधिकारियों के अनुसार, मुख्य मार्गों पर बसों के फेरे बढ़ाए जा सकते हैं और डिपो प्रबंधकों को स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, निजी बसों की संख्या के मुकाबले रोडवेज की बसें सीमित हैं, जिससे परिवहन व्यवस्था पर दबाव बढ़ने की संभावना है। प्रशासन का प्रयास है कि सभा के दिन यातायात सुचारू रहे और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

प्रशासन और सुरक्षा के कड़े इंतजाम

प्रधानमंत्री की सभा को देखते हुए अजमेर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। सभा स्थल पर भारी पुलिस बल की तैनाती की जा रही है और यातायात प्रबंधन के लिए विशेष रूट चार्ट तैयार किया गया है। परिवहन विभाग के अधिकारी बस ऑपरेटरों के साथ वार्ता कर हड़ताल खत्म करवाने का प्रयास कर रहे हैं ताकि सभा से पहले स्थिति सामान्य हो सके और प्रशासन के लिए यह एक बड़ी परीक्षा की घड़ी है क्योंकि एक तरफ सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखनी है और दूसरी तरफ हजारों लोगों के परिवहन का प्रबंधन करना है। सभा स्थल के आसपास के क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए निगरानी रखी जा रही है।

राजनीतिक माहौल और कार्यकर्ताओं का उत्साह

प्रधानमंत्री की इस सभा को आगामी राजनीतिक परिदृश्य के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भाजपा कार्यकर्ताओं में इस आयोजन को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है और पार्टी के स्थानीय नेताओं ने गांव-गांव जाकर पीले चावल बांटकर लोगों को आमंत्रित किया है। मदन राठौड़ के बयान ने कार्यकर्ताओं के मनोबल को बढ़ाने का काम किया है। पार्टी का मानना है कि प्रधानमंत्री का संबोधन प्रदेश की जनता के लिए एक नई ऊर्जा का संचार करेगा और भले ही निजी बस ऑपरेटरों ने हाथ पीछे खींच लिए हों, लेकिन भाजपा का दावा है कि निजी वाहनों, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य साधनों के माध्यम से लोग भारी संख्या में अजमेर पहुंचेंगे।

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