भोजपुरी अभिनेत्री आकांक्षा दुबे की मौत के मामले में आज का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण है। इलाहाबाद हाईकोर्ट इस चर्चित मामले में आज अपनी अहम सुनवाई करते हुए फैसला सुनाएगा। इस फैसले के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इस केस की जांच आगे किस दिशा में जाएगी। गौरतलब है कि 26 मार्च 2023 को वाराणसी के एक होटल के कमरे में आकांक्षा दुबे का शव रहस्यमय परिस्थितियों में पाया गया था। इस घटना के बाद अभिनेत्री की मां मधु दुबे ने भोजपुरी गायक समर सिंह के खिलाफ वाराणसी के सारनाथ थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई थी और मां का आरोप है कि समर सिंह ने आकांक्षा को आत्महत्या के लिए उकसाया था।
सीबीआई जांच की मांग पर आएगा फैसला
आकांक्षा दुबे की मौत का मामला लंबे समय तक सुर्खियों में बना रहा था, हालांकि समय बीतने के साथ इसमें स्थिरता आ गई थी। बाद में याचिकाकर्ता मधु दुबे ने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर संदेह व्यक्त किया और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई (CBI) जांच की मांग करते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और आज इलाहाबाद हाईकोर्ट इसी याचिका पर अपना फैसला सुनाने वाला है कि मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जाए या नहीं।
4 मई को सुरक्षित रखा गया था निर्णय
इस मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत 4 मई को सभी पक्षों की विस्तृत बहस पूरी हो गई थी। बहस पूरी होने के बाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। आकांक्षा दुबे की संदिग्ध मौत के इस मामले में भोजपुरी गायक समर सिंह और संजय सिंह के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस ने इन दोनों आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने सहित अन्य संबंधित धाराओं में चार्जशीट भी दाखिल कर दी है।
आरोपियों की वर्तमान स्थिति और अदालती कार्यवाही
वर्तमान में इस मामले के दोनों मुख्य आरोपी, समर सिंह और संजय सिंह, जेल से बाहर हैं और हालांकि पुलिस ने उनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया है, लेकिन ट्रायल कोर्ट में चल रही मुकदमे की कार्यवाही पर फिलहाल हाईकोर्ट ने रोक लगा रखी है। आज का यह महत्वपूर्ण फैसला जस्टिस सिद्धार्थ और जस्टिस विनय कुमार द्विवेदी की डिवीजन बेंच द्वारा सुनाया जाएगा। इस फैसले पर सबकी निगाहें टिकी हैं क्योंकि यह तय करेगा कि मामले की जांच का जिम्मा अब किस एजेंसी के पास होगा।
अदालत के इस फैसले से यह तय होगा कि क्या समर सिंह और संजय सिंह की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ेंगी या जांच की वर्तमान स्थिति बरकरार रहेगी और मधु दुबे लगातार पुलिस जांच पर सवाल उठाती रही हैं और उनका मानना है कि सीबीआई जांच से ही उनकी बेटी को न्याय मिल पाएगा।