अखिलेश यादव का बीजेपी पर हमला, राम मंदिर चंदा चोरी और सितंबर चुनाव की चुनौती

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अखिलेश यादव का बीजेपी पर हमला, राम मंदिर चंदा चोरी और सितंबर चुनाव की चुनौती
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समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है। उन्होंने बीजेपी पर जनता की आस्था और श्रद्धा के साथ खिलवाड़ करने का गंभीर आरोप लगाया है। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि चंदा चोरी की सच्चाई बहुत जल्द सबके सामने आएगी और जनता अब भारतीय जनता पार्टी को सत्ता से हटाने का मन बना चुकी है। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने लोगों के विश्वास के साथ विश्वासघात किया है और इसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ेगा।

प्रशासनिक भ्रष्टाचार और पुलिस पर निशाना

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि बीजेपी सरकार में थाने और तहसील भ्रष्टाचार के केंद्र बन गए हैं। उन्होंने "हथेली गरम पुलिस नरम" का मुहावरा इस्तेमाल करते हुए आरोप लगाया कि पुलिस स्टेशनों में वसूली हो रही है और आम जनता को न्याय नहीं मिल पा रहा है और " उन्होंने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम का नाम लेते हुए कहा कि बीजेपी ने संविधान, मर्यादा, आस्था और श्रद्धा को दगा दी है।

सितंबर में चुनाव कराने की चुनौती

अखिलेश यादव ने बीजेपी को चुनौती देते हुए कहा कि जो लोग नवंबर में चुनाव कराने की योजना बना रहे थे, वे सितंबर में ही चुनाव करा लें, समाजवादी पार्टी इसके लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि चोरी करना बीजेपी की प्रैक्टिस में शामिल है और इस बार प्रभु राम ने खुद उनकी पोल खोल दी है। उन्होंने कहा, "भगवान राम इनको माफ नहीं करेंगे। " उन्होंने राम मंदिर में मिलने वाले गुप्त दान पर भी सवाल उठाए और कहा कि इसका कोई हिसाब-किताब नहीं दिया जा रहा है, जिसका जवाब अब प्रभु श्री राम ही देंगे।

प्रधानमंत्री मोदी और विकास परियोजनाओं पर सवाल

अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जिस बुंदेलखंड परियोजना का उद्घाटन किया था, वह ढह गई और गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण में भी भारी कमियां पाई गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी का हर कार्यक्रम भ्रष्टाचार के लिए होता है और लोकतंत्र में विपक्ष की जिम्मेदारी निभाते हुए उन्होंने कहा कि वह इन मुद्दों को उठाते रहेंगे। चंदा चोरी मामले में ट्रस्ट के महासचिव रहे चंपत राय की गिरफ्तारी और वकीलों के सड़कों पर उतरने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अब जनता ने इस सरकार को हटाने का मन बना लिया है।

अयोध्या के किसानों और सिख समाज का मुद्दा

अयोध्या का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि वहां के गरीब किसानों की जमीन एयरपोर्ट के लिए सस्ते दामों पर ली गई। उन किसानों ने पवित्र सरयू नदी में खड़े होकर कसम खाई थी कि वे बीजेपी को वोट नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि वहां के व्यापारी और किसान, जो पीडीए समाज से आते थे, न्याय के लिए भटकते रहे लेकिन सरकार ने उनकी एक नहीं सुनी। अखिलेश ने कहा कि उन्होंने किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की थी, लेकिन सुनवाई नहीं हुई, यही वजह है कि बीजेपी अयोध्या में चुनाव हार गई। इसके साथ ही उन्होंने सिख समाज को न्याय दिलाने का वादा किया और कहा कि जहां सिख समाज के लोग जीतने की स्थिति में होंगे, वहां उन्हें चुनाव लड़वाया जाएगा।

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