ई-कॉमर्स दिग्गज अमेजन ने एक बार फिर छंटनी का बड़ा कदम उठाते हुए अपनी डिवाइस यूनिट से लगभग 250 कर्मचारियों को नौकरी से बाहर कर दिया है. अमेजन की यह डिवाइस यूनिट किंडल ई-रीडर और इको स्मार्ट स्पीकर जैसे लोकप्रिय प्रोडक्ट्स तैयार करती है और इस ताजा छंटनी का सबसे बड़ा और सीधा असर सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट से जुड़े पदों पर पड़ा है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेजन ने प्रभावित होने वाले कर्मचारियों को सुबह-सुबह ईमेल और टेक्स्ट मैसेज भेजकर उनकी नौकरी समाप्त किए जाने की अचानक जानकारी दी, जिससे कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है.
रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में अमेजन की वाइस प्रेसिडेंट चेरी रॉबिन्सन द्वारा भेजे गए एक ईमेल का विशेष रूप से जिक्र किया गया है. अपने इस ईमेल में वाइस प्रेसिडेंट चेरी रॉबिन्सन ने स्पष्ट रूप से बताया कि कंपनी ने अपने पूरे स्ट्रक्चर की गहन समीक्षा की है, जिसके परिणामस्वरूप कुछ पदों को पूरी तरह से खत्म करने का कड़ा फैसला लिया गया है. कॉर्पोरेट जगत में छंटनी के मामलों के दौरान सुबह-सुबह ईमेल भेजना कोई नया चलन नहीं है. इससे पहले मेटा और ओरेकल जैसी अन्य दिग्गज तकनीकी कंपनियों ने भी इसी तरह ईमेल के माध्यम से अपने कर्मचारियों को नौकरी से निकाले जाने की सूचना दी थी और अमेजन ने आधिकारिक तौर पर इस छंटनी की पुष्टि कर दी है.
अमेजन के एक आधिकारिक प्रवक्ता ने इस छंटनी की पुष्टि करते हुए एक बयान में कहा कि हमने कुछ पदों को खत्म करने का बेहद मुश्किल फैसला लिया है. हालांकि कंपनी ने शुरुआती बयान में यह स्पष्ट रूप से नहीं बताया था कि कुल कितने पदों पर इसका असर पड़ा है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार लगभग 250 कर्मचारियों को इस छंटनी के तहत नौकरी से हाथ धोना पड़ा है. कंपनी का तर्क है कि इस प्रकार के कदमों से संगठन को भविष्य में अधिक कुशलता से काम करने और अपने प्रोडक्ट रोडमैप के साथ बेहतर तालमेल बिठाने में काफी मदद मिलेगी.
यह पूरी छंटनी ऐसे महत्वपूर्ण समय में सामने आई है जब अमेजन ने हाल ही में एलेक्सा पर चलने वाले पांच नए डिवाइस बाजार में पेश किए हैं और इन नए उत्पादों में नए डिजाइन वाला इको शो 16 स्मार्ट डिस्प्ले, एलेक्सा फोटो फ्रेम और बिस्तर के पास रखने वाली इको टाइम घड़ी शामिल हैं. इन सभी डिवाइस को अमेजन की इसी डिवाइस यूनिट द्वारा तैयार किया गया है जिसे अब छंटनी का सामना करना पड़ा है. कर्मचारियों को निकाले जाने के इस फैसले से ठीक एक दिन पहले, अमेजन ने अपनी इंजीनियरिंग लीडरशिप का सितंबर महीने का एक मेमो भी जारी किया था, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई के इस दौर में डेवलपर्स की बदलती भूमिका पर गंभीर चर्चा की गई थी.
उस आंतरिक मेमो में साफ तौर पर कहा गया था कि हम सभी को इस बड़े तकनीकी बदलाव को अपनाना होगा और सीखने के लिए पर्याप्त समय निकालना होगा, वरना हम सब इस दौड़ में बहुत पीछे छूट जाएंगे. मेमो में इस बात पर भी जोर दिया गया था कि सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के काम में एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सबसे अहम और निर्णायक भूमिका निभाएगा. इससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि तकनीक में आ रहे इन बड़े बदलावों और एआई के बढ़ते प्रभाव का सीधा असर अब कर्मचारियों की नौकरियों पर भी पड़ रहा है.
अमेजन द्वारा कर्मचारियों की छंटनी का यह कोई पहला मामला नहीं है, बल्कि कंपनी इससे पहले भी इस तरह के कई बड़े कदम उठा चुकी है. इसी महीने के दौरान अमेजन ने अपने मुख्य रिटेल डिवीजन से लगभग 1,000 कर्मचारियों को नौकरी से हटाने का बड़ा फैसला लिया था. इसके अलावा इस साल जनवरी के महीने में कंपनी ने अपने कुल 16,000 पदों में कटौती करने की बड़ी घोषणा की थी, जबकि उससे पहले पिछले साल अक्टूबर महीने के दौरान भी लगभग 14,000 लोगों को अपनी नौकरियों से हाथ धोना पड़ा था.
एक तरफ जहां अमेजन अपने कर्मचारियों की संख्या में लगातार बड़ी कटौतियां कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई के क्षेत्र में भारी-भरकम निवेश कर रही है और विश्लेषकों का मानना है कि अमेजन अकेले इस चालू वर्ष के दौरान एआई तकनीक में 220 अरब अमेरिकी डॉलर तक का भारी निवेश कर सकता है. तकनीकी क्षेत्र में छंटनी करने वाली अमेजन अकेली इकलौती कंपनी नहीं है, बल्कि दुनिया भर की कई बड़ी टेक कंपनियां इस दौर से गुजर रही हैं.
लेऑफ्स डॉट एफआई के आंकड़ों के अनुसार, अकेले इस साल अब तक पूरी दुनिया में 135,000 से अधिक टेक नौकरियां पूरी तरह खत्म हो चुकी हैं. हाल ही में ड्रॉपबॉक्स नामक कंपनी ने भी आधिकारिक घोषणा की कि वह अपने वैश्विक वर्कफोर्स यानी कुल कर्मचारियों का 9 प्रतिशत हिस्सा कम करने जा रही है. इसके साथ ही माइक्रोसॉफ्ट ने भी अपने लगभग 60,000 कर्मचारियों को जो कि उसके कुल वर्कफोर्स का एक-चौथाई हिस्सा बनते हैं, स्वेच्छा से यानी अपनी मर्जी से नौकरी छोड़ने का एक विशेष विकल्प प्रदान किया है.