हरियाणा के अंबाला कैंट में नेशनल हाईवे 44 (NH 44) पर देर रात का मंजर किसी युद्ध क्षेत्र जैसा नजर आया। सिख समुदाय के प्रदर्शनकारियों द्वारा पिछले 6 घंटों से लगाए गए लंबे जाम को खुलवाने के लिए जब पुलिस बल मौके पर पहुंचा, तो स्थिति हिंसक हो गई। हाईवे को सुचारू कराने की कोशिश कर रही पुलिस टीम पर भीड़ में मौजूद उपद्रवियों ने अचानक हमला कर दिया और भारी पथराव शुरू कर दिया। इस हिंसक झड़प में एक डीएसपी (DSP) समेत करीब 7 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। भीड़ को तितर बितर करने और कानून व्यवस्था बहाल करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा।
हिंसा और पुलिस पर पथराव की घटना
यह घटना उस समय हुई जब पुलिस प्रशासन ने 6 घंटे से बंद पड़े हाईवे को खुलवाने का निर्णय लिया। प्रदर्शन के कारण हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई थीं और आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। जैसे ही पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की, भीड़ में शामिल कुछ हथियारबंद बदमाशों और उपद्रवियों ने पुलिस पर पत्थरों से हमला बोल दिया। इस अचानक हुए हमले में पुलिसकर्मियों को संभलने का मौका नहीं मिला और कई जवान लहूलुहान हो गए। स्थिति को बिगड़ता देख पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए आंसू गैस का प्रयोग किया और बल प्रयोग कर हाईवे को खाली कराया।
प्रदर्शन का मुख्य कारण
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सिख समुदाय के सदस्य अंतरराष्ट्रीय एंटी खालिस्तानी टेररिस्ट फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरसिमरन सिंह मंड के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करा रहे थे और प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग गुरसिमरन सिंह मंड की तत्काल गिरफ्तारी थी। इसी मांग को लेकर उन्होंने NH 44 पर धरना दिया था, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया था। करीब 6 घंटे तक चले इस विरोध प्रदर्शन ने अंततः हिंसक रूप ले लिया, जब पुलिस ने हस्तक्षेप कर सड़क मार्ग को बहाल करने की कोशिश की।
घायल पुलिसकर्मियों की सूची और स्थिति
उपद्रवियों द्वारा किए गए इस हमले में पुलिस के कई वरिष्ठ और कनिष्ठ अधिकारी घायल हुए हैं। घायलों में डीएसपी वीरेंद्र शर्मा शामिल हैं, जिनके अंगूठे पर गंभीर चोट आई है। उनके अलावा सिपाही रक्षित और सिपाही नवीन कुमार भी इस हमले का शिकार हुए। हेड कांस्टेबल संदीप कुमार, सहायक उप निरीक्षक सतीश और सहायक उप निरीक्षक पंकज भी घायल जवानों में शामिल हैं, जिनमें से पंकज की उंगलियों पर चोट लगने की सूचना है। सभी घायल 7 पुलिसकर्मियों को तुरंत अंबाला कैंट के मिलिट्री अस्पताल और नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
डीजीपी अजय सिंघल ने किया अस्पताल का दौरा
घटना की गंभीरता को देखते हुए हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (DGP) अजय सिंघल स्वयं अंबाला पहुंचे। उन्होंने अंबाला कैंट के मिलिट्री अस्पताल और सिविल अस्पताल का दौरा किया और घायल जवानों से मुलाकात कर उनका हाल चाल जाना। डीजीपी ने घायल पुलिसकर्मियों का हौसला बढ़ाया और डॉक्टरों से उनके इलाज के बारे में विस्तृत जानकारी ली। इस दौरान उनके साथ आईजी पंकज नैन, उपायुक्त सचिन गुप्ता और एसडीएम कनिका गोयल भी मौजूद रहे। उच्चाधिकारियों की मौजूदगी ने ड्यूटी के दौरान घायल हुए जवानों के मनोबल को बढ़ाने का काम किया।
कानून व्यवस्था पर कड़ा संदेश
अस्पताल में मीडिया और अधिकारियों से बात करते हुए डीजीपी अजय सिंघल ने स्पष्ट किया कि हरियाणा पुलिस अपने जवानों के साथ मजबूती से खड़ी है और उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी को भी इसे भंग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। डीजीपी ने आम जनता से अपील की कि वे अपनी मांगों या शिकायतों को शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से प्रशासन के सामने रखें। उन्होंने चेतावनी दी कि कानून को अपने हाथ में लेना और नेशनल हाईवे जैसे महत्वपूर्ण मार्गों को बाधित करना स्वीकार्य नहीं है और ऐसे कृत्यों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।