अमेरिका में दिवाली पर राइटविंग एक्टिविस्ट का हंगामा और नफरत, पढ़ें पूरी रिपोर्ट विस्तार से

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अमेरिका में दिवाली पर राइटविंग एक्टिविस्ट का हंगामा और नफरत, पढ़ें पूरी रिपोर्ट विस्तार से
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दुनियाभर में दिवाली की धूम है और रोशनी के इस त्योहार को लेकर लोगों में गजब का उत्साह देखा जा रहा है। इस बीच अमेरिका में दिवाली के जश्न के दौरान नस्लीय नफरत और विवाद का एक बड़ा मामला सामने आया है। अमेरिका के धुर दक्षिणपंथी कार्यकर्ता जेक लैंग ने वाशिंगटन के सिएटल में आयोजित दिवाली समारोह में बाधा डालने की पुरजोर कोशिश की और इसके साथ ही उसने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हिंदू समुदाय के खिलाफ खुलेआम अपमानजनक टिप्पणियां भी कीं। लैंग ने मध्यावधि चुनावों यानी मिडटर्म इलेक्शन में रिपब्लिकन पार्टी की हार को लेकर अपनी गहरी नाराजगी जाहिर की और डोनाल्ड ट्रंप की हार का पूरा गुस्सा हिंदू समुदाय पर निकाला।

प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार को स्थानीय समयानुसार अमेरिका के दक्षिणपंथी कार्यकर्ता जेक लैंग ने वाशिंगटन के सिएटल में चल रहे दिवाली समारोह में खलल डालने की कोशिश की, जिसके बाद वहां पर मौजूद कुछ सतर्क लोगों ने उसे रोकने का प्रयास किया और इस दौरान जेक लैंग और उसके साथ आए अन्य प्रदर्शनकारी अपने हाथों में डिपोर्ट ऑल डॉट हेड्स यानी सभी भारतीयों को देश से बाहर करो लिखे हुए साइनबोर्ड लेकर पहुंचे थे। हालांकि समारोह में मौजूद कुछ सूझबूझ वाले लोगों ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया और स्थिति को संभाला।

जेक लैंग ने सोशल मीडिया पर शेयर की तस्वीरें

समारोह में बाधा डालने की अपनी इस घृणित कोशिश की तस्वीरें जेक लैंग ने खुद सोशल मीडिया पर पोस्ट कीं और साथ ही उसने हिंदुओं के खिलाफ बेहद अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। उसने अपनी पोस्ट में बेबुनियाद दावा किया कि डेमोक्रेट्स के लिए टेक्सास को ब्लू यानी डेमोक्रेटिक पार्टी के पक्ष में करने के लिए पूरी तरह से हिंदू जिम्मेदार थे। अपनी इस सोशल मीडिया पोस्ट में जेक लैंग ने लिखा कि सिएटल दिवाली फेस्टिवल में दर्जनों एंटीफा और हिंदुओं ने हम पर हमला कर दिया और लगता है उन्हें हमारा डिपोर्ट ऑल डॉट हेड्स वाला साइनबोर्ड पसंद नहीं आया, इसके अलावा उसने लिखा कि हिंदुओं ने टेक्सास को ब्लू कर दिया और भाड़ में जाएं वे।

मध्यावधि चुनावों और नतीजों को लेकर लैंग के दावे

लैंग ने अपनी बयानबाजी में यह भी दावा किया है कि अमेरिका के मध्यावधि चुनावों यानी मिडटर्म इलेक्शन के नतीजे, जिनमें टेक्सास और कंसास जैसे राज्यों में रेड वॉल यानी रिपब्लिकन का मजबूत गढ़ ढह गया था, उनमें पूरी तरह से धांधली हुई थी। आगामी राजनीतिक गतिविधियों का जिक्र करते हुए और 6 जनवरी के अमेरिकी कैपिटल हमलों की बरसी के आसपास विरोध प्रदर्शन का आह्वान करते हुए लैंग ने कहा कि 3 जनवरी 2027 को क्रिश्चियन क्रूसेडर्स यानी ईसाई धर्मयोद्धा वाशिंगटन डीसी में अमेरिकी कैपिटल पहुंचेंगे और इन धांधली वाले मध्यावधि चुनावों के सर्टिफिकेशन का कड़ा विरोध करेंगे। आपको बता दें कि टेक्सास में जेम्स तालारिको के सीनेटर और जीना हिनोजोसा के गवर्नर के रूप में चुनाव जीतने के बाद पूरा राज्य डेमोक्रेटिक रंग में नीला हो चुका है।

अमेरिकी कैपिटल हमले में शामिल रहा है आरोपी जैक लैंग

व्हाइट रिप्लेसमेंट नाम का संगठन चलाने वाला दक्षिणपंथी कार्यकर्ता जेक लैंग कोई नया अपराधी नहीं है, बल्कि वह 6 जनवरी 2021 को अमेरिकी संसद भवन यानी कैपिटल पर हुए खूनी हमले में भी सक्रिय रूप से शामिल रहा है। इसी मामले में उसने चार साल तक जेल की लंबी सजा भी काटी है और हालांकि इसके बावजूद साल 2025 में अपने दूसरे कार्यकाल के पहले ही दिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जेक लैंग को आधिकारिक तौर पर माफ़ कर दिया था, जिसके बाद से उसके हौसले और अधिक बुलंद हो गए हैं।

हाल ही में एक हिंदू मंदिर को भी बनाया गया था निशाना

यह पूरा निंदनीय घटनाक्रम एक अन्य गंभीर मामले के सामने आने के कुछ ही दिनों बाद हुआ है, जिसमें एक अन्य दक्षिणपंथी कार्यकर्ता ने शिकागो के पास स्थित एक हिंदू मंदिर को बड़े पैमाने पर निशाना बनाने की खतरनाक साजिश रची थी। उस हिंदू मंदिर में मास शूटिंग यानी बड़े पैमाने पर गोलीबारी करने की गंभीर धमकी मिलने के बाद अमेरिकी जांच एजेंसियों ने तुरंत कार्रवाई की और जांच के दौरान 19 साल के संदिग्ध एलेक्जेंड्रोस पैपोराकिस को धर दबोचा। नाजी विचारधारा का कट्टर समर्थक होने का दावा करने वाले पैपोराकिस ने कथित तौर पर उस हिंदू मंदिर में बड़े पैमाने पर गोलीबारी करने और तबाही मचाने की पूरी योजना बनाई थी, जो अमेरिका में अल्पसंख्यकों और खासकर हिंदू समुदाय के खिलाफ बढ़ते खतरों को उजागर करता है।

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