अमेरिका में ट्रंप की हार के बाद रिपब्लिकन पार्टी में फूट और सत्ता संघर्ष की शुरुआत

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अमेरिका में ट्रंप की हार के बाद रिपब्लिकन पार्टी में फूट और सत्ता संघर्ष की शुरुआत
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अमेरिका में मध्यावधि चुनावों के परिणाम डोनाल्ड ट्रंप के लिए उनके दूसरे कार्यकाल का सबसे बड़ा राजनीतिक झटका साबित हुए हैं और इन चुनावों में डेमोक्रेट्स की लहर ने वाशिंगटन में सत्ता के संतुलन को पूरी तरह से बदल दिया है। ट्रंप इन चुनावों को अपने लिए एक निजी जनमत संग्रह बनाना चाहते थे, लेकिन परिणाम उनके कार्यकाल को खारिज किए जाने के रूप में सामने आए हैं। अब ट्रंप के बाद के अमेरिका के लिए पार्टी के भीतर ही जंग शुरू हो चुकी है।

पार्टी में फूट और नए सत्ता केंद्र

इस हार के बाद रिपब्लिकन पार्टी के नेता अलग-अलग गुट बनाने में जुट गए हैं और हालांकि ट्रंप जनवरी 2029 तक व्हाइट हाउस में बने रहेंगे और संविधान के अनुसार तीसरा कार्यकाल नहीं ले सकते, लेकिन मध्यावधि चुनाव के नतीजे उनके राजनीतिक प्रभाव के अंत की शुरुआत माने जा रहे हैं। पार्टी के भीतर ही ट्रंप के खिलाफ माहौल तैयार हो रहा है।

वेंस और क्रूज के बदले तेवर

उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और सीनेटर टेड क्रूज जैसे नेता अब ट्रंप के खिलाफ रुख अपनाते दिख रहे हैं। मार्को रूबियो एक संभावित प्रतिद्वंद्वी के रूप में उभरे हैं, जिनकी छवि अधिक पारंपरिक है। रॉन डेसेंटिस और टेड क्रूज जैसे नेता पहले से ही ट्रंप के बाद के दौर की चर्चाओं में अपनी जगह बना रहे हैं। जेडी वेंस, जिन्हें ट्रंप का उत्तराधिकारी माना जाता था, अब एक अलोकप्रिय प्रशासन और ऐतिहासिक हार से जुड़े होने के कारण जटिल स्थिति में हैं।

टेड क्रूज ने नतीजों को ब्लू सुनामी और वाटरगेट स्तर का अस्वीकार करार दिया है। उन्होंने कहा कि रिपब्लिकन पार्टी इसलिए हारी क्योंकि उनके समर्थक डेमोक्रेट्स की ओर चले गए। यह हार पार्टी के भीतर मौजूद उन दरारों को उजागर करती है जो पिछले एक दशक से ट्रंप के दबदबे के नीचे दबी हुई थीं।

ट्रंप की प्रतिक्रिया और भविष्य की चुनौतियां

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे चुनाव मैदान में नहीं थे और अगर होते तो भारी बहुमत से जीतते और हालांकि, यह उनके पहले के दावों के विपरीत है। डेमोक्रेट्स के पास अब समन जारी करने की शक्ति और समितियों पर नियंत्रण आ गया है। वे ट्रंप द्वारा नामित लोगों को रोकने और प्रशासन की नीतियों, ईरान युद्ध तथा पारिवारिक व्यावसायिक सौदों की जांच करने की स्थिति में हैं। ट्रंप के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती उनके आंदोलन के इर्द-गिर्द खड़े राजनीतिक ढांचे से आएगी। 2026 की ब्लू वेव ने उस दौर को खत्म कर दिया है जिसमें रिपब्लिकन पार्टी एक व्यक्ति की इच्छा पर काम करती थी। अब ट्रंप एक लेम डक राष्ट्रपति बनकर रह जाएंगे।

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