US-Venezuela Conflict: वेनेजुएला संकट: UNSC बैठक से पहले अमेरिका का यू-टर्न, कहा- 'नहीं करेंगे शासन'

US-Venezuela Conflict - वेनेजुएला संकट: UNSC बैठक से पहले अमेरिका का यू-टर्न, कहा- 'नहीं करेंगे शासन'
| Updated on: 05-Jan-2026 10:09 AM IST
अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है, जब अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला में सैन्य कार्रवाई करते हुए वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में ले लिया और इस अप्रत्याशित घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय में हलचल पैदा कर दी है, जिसके बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की एक आपात बैठक बुलाई गई है। इस बैठक से ठीक पहले, अमेरिका ने अपने पहले के बयान से पलटते हुए एक बड़ा। ऐलान किया है, जिसमें उसने वेनेजुएला के शासन में कोई भूमिका न निभाने की बात कही है।

अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और मादुरो की गिरफ्तारी

अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला में एक बड़ी सैन्य कार्रवाई को अंजाम दिया, जिसके परिणामस्वरूप राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया गया। इस कार्रवाई ने वेनेजुएला की राजनीतिक स्थिति को पूरी तरह से बदल दिया है और क्षेत्र में अस्थिरता को बढ़ा दिया है और मादुरो को गिरफ्तार कर मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर ब्रुकलिन में रखा गया है, जहां उनकी रिहाई की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने न केवल अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन किया है, बल्कि अमेरिकी कानून का भी उल्लंघन किया है।

अमेरिका के रुख में बदलाव

वेनेजुएला पर हमला करने और निकोलस मादुरो को पकड़ने के बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले घोषणा की। थी कि अमेरिका वेनेजुएला को तब तक चलाएगा, जब तक कि वहां एक विवेकपूर्ण सत्ता परिवर्तन नहीं हो जाता। यह बयान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी विवादास्पद रहा था और हालांकि, अब अमेरिका ने इस मामले पर अपना रुख बदल लिया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने स्पष्ट किया है कि। वेनेजुएला के शासन में उनके देश की कोई भूमिका नहीं होगी। यह बयान UNSC की आपात बैठक से ठीक पहले आया है, जो अमेरिका की सैन्य कार्रवाई के बाद होने वाली है।

सैन्य कार्रवाई में भारी जानमाल का नुकसान

वेनेजुएला में अमेरिकी सेना द्वारा की गई सैन्य कार्रवाई में भारी जानमाल का नुकसान हुआ है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस ऑपरेशन में मरने वालों की संख्या बढ़कर 80 हो गई है। इन मृतकों में सेना के जवान और आम नागरिक दोनों शामिल हैं। यह आंकड़ा इस सैन्य हस्तक्षेप की गंभीरता और उसके मानवीय परिणामों को दर्शाता है। इस कार्रवाई ने वेनेजुएला के लोगों के बीच भय और अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है।

क्यूबा के अधिकारियों की मौत

अमेरिकी सैन्य ऑपरेशन में 32 क्यूबा के अधिकारी भी मारे गए हैं। ये क्यूबा के सैन्य और पुलिस अधिकारी एक विशेष मिशन पर थे, जिसे कैरिबियन देश की सेना वेनेजुएला सरकार के अनुरोध पर चला रही थी। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं था कि क्यूबा के लोग दक्षिण अमेरिकी देश में क्या काम कर रहे थे, लेकिन क्यूबा वेनेजुएला सरकार का एक करीबी सहयोगी रहा है और उसने वर्षों से विभिन्न ऑपरेशनों में सहायता के लिए अपने सैन्य और पुलिस बल भेजे हैं। इन मौतों ने इस घटनाक्रम को और अधिक जटिल बना दिया है।

मादुरो की रिहाई की मांग और विरोध प्रदर्शन

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को जिस मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर ब्रुकलिन में रखा गया है, उसके बाहर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन जारी हैं। लोग अमेरिकी सरकार से मादुरो को तुरंत रिहा करने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का मानना है कि मादुरो की गिरफ्तारी अंतरराष्ट्रीय और अमेरिकी कानूनों का उल्लंघन है। इन विरोध प्रदर्शनों से यह स्पष्ट होता है कि वेनेजुएला के भीतर और बाहर दोनों जगह अमेरिकी कार्रवाई के खिलाफ व्यापक असंतोष है।

UNSC में आपात बैठक

इन सब घटनाक्रमों के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर वेनेजुएला को धमकी दी है। ट्रंप ने वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज को धमकाते हुए कहा है कि अगर उन्होंने अमेरिका की बात नहीं मानी, तो उनका हश्र मादुरो से भी बुरा हो सकता है। ट्रंप का यह बयान डेल्सी रोड्रिग्ज के कार्यवाहक राष्ट्रपति बनाए जाने के 24 घंटे के भीतर आया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर वह सही से काम नहीं करती। हैं, तो उन्हें बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी, शायद मादुरो से भी बड़ी। यह धमकी वेनेजुएला पर अमेरिकी दबाव को और बढ़ाती है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) सोमवार को वेनेजुएला के मुद्दे पर एक आपातकालीन बैठक आयोजित करेगा। इस बैठक का मुख्य एजेंडा अमेरिका की ओर से वेनेजुएला पर की गई सैन्य कार्रवाई है। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुटेरेस ने अमेरिकी कार्रवाई को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है और अमेरिकी सेना द्वारा निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़कर अपने देश ले जाने की इस घटना के बाद विश्व के तमाम देशों की प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं, जो इस मुद्दे की अंतरराष्ट्रीय संवेदनशीलता को उजागर करती हैं। यह बैठक वेनेजुएला के भविष्य और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकती है।

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