केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को देश के पूर्वोत्तर राज्यों में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाई गई एक बड़ी और निर्णायक कार्रवाई की विस्तृत जानकारी साझा की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि सुरक्षा बलों और जांच एजेंसियों ने एक अंतरराष्ट्रीय नशीले पदार्थों के गिरोह का पूरी तरह से भंडाफोड़ कर दिया है और इस बड़ी कार्रवाई के तहत असम, मिजोरम और मणिपुर राज्यों से कुल 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री ने इस सफल अभियान को अंजाम देने वाली पूरी टीम को अपनी ओर से बधाई दी है, जिसमें विभिन्न केंद्रीय एजेंसियों के सदस्य और तीनों राज्यों के कर्तव्यनिष्ठ पुलिसकर्मी शामिल थे। सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर ऑपरेशन ट्राइडेंट नाम के इस विशेष अभियान के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की गई। अमित शाह ने अपने संदेश में बताया कि यह पूरा अवैध नेटवर्क डेथ ट्रायंगल कॉरिडोर के माध्यम से भारत, म्यांमार और बांग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पार नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी का संचालन करता था।
अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर की गई पोस्ट में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह ऑपरेशन 31 दिसंबर, 2029 तक भारत को पूरी तरह से नशा मुक्त बनाने के केंद्र सरकार के दृढ़ संकल्प को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि देश तब तक इन अपराधियों के खिलाफ कड़ा प्रहार जारी रखेगा, जब तक कि नशीले पदार्थों के इन सभी गिरोहों यानी नार्को-कार्टेल का पूरी तरह से सफाया नहीं हो जाता। देश के गृह मंत्री ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि हमारी विभिन्न सुरक्षा और जांच एजेंसियों ने 23 अक्टूबर को असम, मिजोरम और मणिपुर राज्यों में एक साथ 38 अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की और नशीले पदार्थों के इस अंतरराष्ट्रीय गिरोह को जड़ से उखाड़कर ध्वस्त कर दिया। इस सुनियोजित और बड़े पैमाने पर चलाए गए ऑपरेशन के दौरान अधिकारियों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए और भारी मात्रा में अवैध चीजें बरामद कीं।
इस सिलसिले में आगे जानकारी साझा करते हुए केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने बताया कि इस विशेष ऑपरेशन के दौरान कुल 100 करोड़ रुपये के हवाला लेनदेन का बड़ा सुराग हाथ लगा है। इसके अलावा, अवैध गतिविधियों से जुड़े कुल 1424 बैंक खातों को पूरी तरह से फ्रीज कर दिया गया है ताकि अपराधियों तक पैसों की पहुंच को रोका जा सके। जांच के दौरान अधिकारियों ने कुल 17 करोड़ रुपये 82 पैसे की अवैध संपत्ति को भी सफलतापूर्वक जब्त कर लिया है। इसके साथ ही इस छापेमारी के दौरान 500 डेटोनेटर और 12 लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं, जो इस गिरोह के खतरनाक मंसूबों को बयां करते हैं। इन सभी पुख्ता सबूतों और बरामदगी के आधार पर कुल 18 लोगों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया है, जिनसे लगातार पूछताछ की जा रही है और उनके अन्य सहयोगियों के बारे में सुराग जुटाए जा रहे हैं।
आपको बता दें कि इससे पहले भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार को भारत के सामने मौजूद सबसे बड़ी और गंभीर चुनौतियों में से एक बताया था। उन्होंने सार्वजनिक रूप से यह कहा था कि अगर इस नासूर को समय रहते नहीं रोका गया, तो यह दीमक की तरह देश की युवा पीढ़ी और तरक्की को पूरी तरह से बर्बाद कर सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने घोषणा की थी कि केंद्र सरकार आने वाली 31 दिसंबर, 2029 तक देश को पूरी तरह से नशा मुक्त बना देगी। इसी कड़ी में 21 अक्टूबर को नई दिल्ली स्थित प्रतिष्ठित नेशनल पुलिस मेमोरियल से दिए गए अपने प्रेरक संदेश में, उन्होंने देश भर के सभी पुलिस बलों से यह जोरदार अपील की थी कि वे भारत को नशा मुक्त बनाने और इस गंभीर खतरे को जड़ से खत्म करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध रहें और अपनी पूरी ताकत झोंक दें।
अपने उस संबोधन में उन्होंने यह भी रेखांकित किया था कि देश के विभिन्न पुलिस बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों यानी सीएपीएफ ने भारत के चहुंमुखी विकास में हमेशा से बेहद अहम और ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। इस भूमिका में उग्रवाद और नक्सलियों से कड़ाई से निपटना तथा देश भर में नशीले पदार्थों के खिलाफ चल रही यह लंबी लड़ाई भी शामिल है। शाह ने देश के वीरों को याद करते हुए कहा था कि ये अमर नायक अपने इस पवित्र संकल्प पर हमेशा पूरी तरह से अडिग रहे कि देश की पावन भूमि का एक इंच भी हिस्सा किसी भी परिस्थिति में विदेशी हाथों में नहीं जाना चाहिए। इन वीर जवानों ने अपना कर्तव्य निभाते हुए देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दे दिया। यही कारण है कि तब से लेकर आज तक हर साल 21 अक्टूबर का दिन पुलिस स्मृति दिवस के रूप में पूरे देश में बेहद सम्मान के साथ मनाया जाता है।
अपने संबोधन को आगे बढ़ाते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने देशवासियों को याद दिलाया कि कोई भी सामान्य नागरिक यह सोच भी नहीं सकता कि अगर इन वीर जवानों ने देश की आंतरिक सुरक्षा और देश की सीमाओं की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति न दी होती, तो आज हमारा देश भू-राजनीतिक और आंतरिक मोर्चे पर कहाँ खड़ा होता। इन बहादुर जवानों के त्याग और बलिदान के कारण ही आज देश सुरक्षित माहौल में विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। सरकार का यह स्पष्ट मानना है कि नशीले पदार्थों का कारोबार करने वाले असामाजिक तत्व देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं, और ऑपरेशन ट्राइडेंट जैसी कार्रवाइयां इसी खतरे के खिलाफ निर्णायक युद्ध का हिस्सा हैं। केंद्र सरकार और सभी सुरक्षा एजेंसियां मिलकर इस नेटवर्क को नेस्तनाबूद करने के लिए पूरी तरह से संकल्पबद्ध हैं और आने वाले दिनों में ऐसी और भी बड़ी कार्रवाइयां देखने को मिल सकती हैं ताकि देश की आने वाली पीढ़ी को इस जहर से पूरी तरह से बचाया जा सके।