केंद्र सरकार ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक फेरबदल करते हुए मध्य प्रदेश कैडर के 1989 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अनुराग जैन को नीति आयोग का मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी सीईओ नियुक्त किया है। मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने उनकी इस नियुक्ति को अपनी मंजूरी दे दी है। आधिकारिक आदेश के अनुसार, अनुराग जैन इस महत्वपूर्ण पद पर दो साल की अवधि तक अपनी सेवाएं देंगे और उनकी नियुक्ति उन्हीं नियमों और शर्तों के आधार पर की गई है जो उनसे पहले इस पद पर रहे अधिकारियों के लिए निर्धारित थीं।
प्रशासनिक अनुभव का लंबा सफर
आईएएस अनुराग जैन को भारतीय प्रशासनिक सेवा में लगभग चार दशकों का व्यापक और सफल अनुभव प्राप्त है। उन्हें एक बेहद कुशल और परिणामोन्मुखी प्रशासक के रूप में पहचाना जाता है। अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने केंद्र सरकार और मध्य प्रदेश सरकार दोनों में कई उच्च स्तरीय और चुनौतीपूर्ण पदों पर कार्य किया है। उन्होंने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय में सचिव के रूप में अपनी सेवाएं दी हैं और उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) में भी सचिव का पद संभाला है और इसके अलावा, उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में संयुक्त सचिव जैसे महत्वपूर्ण पद पर भी कार्य किया है।
अनुराग जैन के अनुभव की सूची यहीं समाप्त नहीं होती। उन्होंने दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के उपाध्यक्ष और मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम के मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में भी अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया है। क्षेत्रीय स्तर पर उन्होंने मध्य प्रदेश में जिला कलेक्टर के रूप में कार्य किया और मुख्यमंत्री के सचिव के रूप में भी अपनी सेवाएं प्रदान कीं। इन विभिन्न भूमिकाओं ने उन्हें शासन और प्रशासन की बारीकियों को समझने में मदद की है।
नीति आयोग में नई भूमिका और जिम्मेदारियां
अपने पूरे करियर में अनुराग जैन बुनियादी ढांचे के विकास, औद्योगिक प्रगति और शासन सुधारों से जुड़ी कई नीतिगत पहलों का हिस्सा रहे हैं। अब देश के प्रमुख थिंक टैंक नीति आयोग के सीईओ के रूप में वह सहकारी और प्रतिस्पर्धी संघवाद को बढ़ावा देने की दिशा में काम करेंगे। उनकी देखरेख में साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण को समर्थन दिया जाएगा और राष्ट्रीय विकास की प्रमुख प्राथमिकताओं को जमीन पर उतारने के प्रयासों को गति दी जाएगी।
शिक्षा और प्रारंभिक जीवन
अनुराग जैन का जन्म 11 अगस्त 1965 को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में हुआ था। वह बचपन से ही मेधावी छात्र रहे हैं। उन्होंने साल 1986 में देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी खड़गपुर से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री हासिल की थी। विशेष बात यह है कि उन्होंने अपने बैच में दूसरा स्थान प्राप्त किया था। इंजीनियरिंग के बाद उन्होंने लोक सेवा को अपना करियर चुना और साल 1988 में यूपीएससी की परीक्षा उत्तीर्ण कर आईएएस अधिकारी बने। अपनी प्रशासनिक क्षमताओं को और निखारने के लिए उन्होंने अमेरिका की सिरैक्यूज यूनिवर्सिटी से लोक प्रशासन में मास्टर डिग्री भी प्राप्त की है।
मध्य प्रदेश में प्रशासनिक बदलाव
नीति आयोग का सीईओ बनने से पहले अनुराग जैन मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव के पद पर तैनात थे। उनके केंद्र में जाने के बाद अब मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव की जिम्मेदारी 1991 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अशोक बर्णवाल को सौंपी गई है। अशोक बर्णवाल भी उच्च शिक्षित अधिकारी हैं, जिन्होंने माइनिंग इंजीनियरिंग में बीटेक करने के साथ-साथ पब्लिक पॉलिसी एंड मैनेजमेंट में मास्टर डिग्री हासिल की है।