अरविंद केजरीवाल और परिवार को SIR नोटिस: क्या वोटर लिस्ट से कटेगा नाम?

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अरविंद केजरीवाल और परिवार को SIR नोटिस: क्या वोटर लिस्ट से कटेगा नाम?
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दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं और दिल्ली में वर्तमान में चल रहे वोटर लिस्ट स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान एक बड़ी खबर सामने आई है। निर्वाचन आयोग ने अरविंद केजरीवाल के साथ-साथ उनके परिवार के पांच सदस्यों को नोटिस जारी किया है। इस घटनाक्रम के बाद यह सवाल उठने लगा है कि क्या इन सभी का नाम मतदाता सूची से हटा दिया जाएगा। यह नोटिस दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के दफ्तर की ओर से जारी किया गया है, जो मतदाता सूची को पूरी तरह से शुद्ध और सटीक बनाने की कवायद का हिस्सा है।

केजरीवाल परिवार के इन सदस्यों को मिला नोटिस

निर्वाचन आयोग द्वारा जारी किए गए इस नोटिस में अरविंद केजरीवाल के अलावा उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल, उनके बेटे पुलकित केजरीवाल और उनके माता-पिता गोविंद राम केजरीवाल तथा गीता देवी के नाम शामिल हैं। यह नोटिस उस समय आया है जब चुनाव आयोग दिल्ली की मतदाता सूची को अपडेट करने के लिए एक व्यापक अभियान चला रहा है। आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता सूची में केवल वही लोग शामिल हों जो वास्तव में उस क्षेत्र के निवासी हैं और जिनके दस्तावेज पूरी तरह से सही हैं। केजरीवाल परिवार के सदस्यों को अब अपनी नागरिकता और निवास से जुड़े दस्तावेजों के माध्यम से इन विसंगतियों को दूर करना होगा।

क्या है 'Unmapped with Last SIR' श्रेणी?

केजरीवाल और उनके परिवार को ये सभी नोटिस 'Unmapped with Last SIR' श्रेणी के तहत जारी किए गए हैं। इसका सीधा अर्थ यह है कि संबंधित मतदाताओं का विवरण पिछली SIR की मतदाता सूची से मेल नहीं खा सका है। डिजिटल मैपिंग की प्रक्रिया के दौरान जब आंकड़ों का मिलान किया गया, तो कुछ तार्किक विसंगतियां (Logical Discrepancies) सामने आईं। चुनाव आयोग ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि बिना पुख्ता कागजी सबूतों के इन विसंगतियों को दूर नहीं किया जाएगा। इसी कारण से यह सवाल उठ रहा है कि क्या उचित दस्तावेज न होने की स्थिति में अरविंद केजरीवाल का नाम वोटर लिस्ट से काट दिया जाएगा।

ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के महत्वपूर्ण आंकड़े

दिल्ली में चल रहे इस स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के तहत 31 अगस्त को एक ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की गई थी। इस लिस्ट के अनुसार दिल्ली में कुल 97,53,577 मतदाता दर्ज किए गए हैं। यदि हम इन आंकड़ों का विस्तार से विश्लेषण करें, तो इनमें 49,88,993 पुरुष मतदाता, 47,64,137 महिला मतदाता और 447 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। यह आंकड़े दिल्ली की वर्तमान चुनावी जनसांख्यिकी को दर्शाते हैं और इन्हीं आंकड़ों के आधार पर अब शुद्धिकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।

एएसडीडीयू (ASDU) श्रेणी और वेरिफिकेशन की रिपोर्ट

बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) द्वारा घर-घर जाकर किए गए गहन वेरिफिकेशन के बाद एक बड़ी संख्या में मतदाताओं को एएसडीडीयू (ASDU) श्रेणी में रखा गया है। इस श्रेणी में कुल 47,56,722 मतदाताओं को शामिल किया गया है। इस श्रेणी का विवरण इस प्रकार है: स्थायी रूप से स्थानांतरित या अनुपस्थित पाए गए मतदाताओं की संख्या 43,32,775 है। इसके अलावा 2,82,412 मतदाता ऐसे पाए गए हैं जिनकी मृत्यु हो चुकी है। वहीं 1,41,535 मतदाता ऐसे मिले हैं जिनके नाम एक से अधिक जगहों पर दर्ज हैं या जो डुप्लीकेट वोटर की श्रेणी में आते हैं। यह आंकड़े बताते हैं कि मतदाता सूची को दुरुस्त करने के लिए कितने बड़े स्तर पर काम करने की आवश्यकता है।

चुनाव आयोग का स्पष्टीकरण और पारदर्शिता

चुनाव आयोग ने इस पूरी प्रक्रिया पर अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि जिन वोटरों का पिछली लिस्ट से मिलान नहीं हो सका है या जिनकी लिंकिंग में तकनीकी खामियां पाई गई हैं, उन्हें नोटिस जारी करना एक अनिवार्य प्रक्रिया है और दिल्ली में इस समय कुल 31,63,930 नोटिस तैयार करके बांटे जा रहे हैं। आयोग ने यह भी साफ किया है कि यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शी है और इसका एकमात्र उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रहे। इन सभी नोटिसों का निपटारा करने के लिए 29 अक्टूबर 2026 तक का समय निर्धारित किया गया है।

दावा पेश करने की समय सीमा और अंतिम प्रकाशन

निर्वाचन आयोग ने उन नागरिकों के लिए भी रास्ता खुला रखा है जिनका नाम लिस्ट में नहीं है या जिन्हें नोटिस मिला है। यदि कोई पात्र नागरिक अपना नाम लिस्ट में जुड़वाना चाहता है, तो वह 30 सितंबर तक फॉर्म-6 के जरिए अपना दावा पेश कर सकता है। इसके लिए चुनाव आयोग द्वारा विशेष कैंप भी लगाए जा रहे हैं ताकि लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। सभी दावों और आपत्तियों के निपटारे के बाद, अंतिम वोटर लिस्ट का प्रकाशन 4 नवंबर 2026 को किया जाएगा। तब तक केजरीवाल परिवार सहित अन्य सभी नोटिस प्राप्तकर्ताओं को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी।

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