ब्रिसबेन के एलन बॉर्डर फील्ड में खेले गए पहले एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेट टीम ने भारतीय महिला टीम को 6 विकेट से पराजित कर दिया। 3 ओवरों में 214 रनों के स्कोर पर सिमट गई। 2 ओवरों में 4 विकेट खोकर 215 रन बनाकर लक्ष्य हासिल कर लिया। इस जीत के साथ ही मेजबान ऑस्ट्रेलिया ने तीन मैचों की वनडे सीरीज में 1-0 की महत्वपूर्ण बढ़त बना ली है।
भारतीय शीर्ष क्रम का शुरुआती संघर्ष
मुकाबले की शुरुआत भारत के लिए निराशाजनक रही। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम को पहले ही ओवर में बड़ा झटका लगा जब सलामी बल्लेबाज प्रतिका रावल बिना खाता खोले पवेलियन लौट गईं। इसके बाद शेफाली वर्मा भी क्रीज पर ज्यादा समय नहीं बिता सकीं और 25 रन के कुल योग पर अपना विकेट गंवा बैठीं। जेमिमा रोड्रिग्ज भी ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के सामने संघर्ष करती नजर आईं और टीम का स्कोर 52 रन तक पहुंचते-पहुंचते भारत ने अपने तीन महत्वपूर्ण विकेट खो दिए थे। 2 ओवरों में ही शीर्ष क्रम के लड़खड़ाने से भारतीय टीम दबाव में आ गई थी।
मंधाना और हरमनप्रीत की अर्धशतकीय पारियां
शुरुआती झटकों के बाद उप-कप्तान स्मृति मंधाना और कप्तान हरमनप्रीत कौर ने पारी को संभालने का प्रयास किया। स्मृति मंधाना ने एक छोर थामे रखा और ऑस्ट्रेलियाई आक्रमण का डटकर सामना किया और उन्होंने 68 गेंदों की अपनी पारी में 7 चौकों की मदद से 58 रन बनाए। मंधाना के आउट होने के बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर ने जिम्मेदारी संभाली और धैर्यपूर्ण बल्लेबाजी की। हरमनप्रीत ने 84 गेंदों पर 53 रनों की पारी खेली, जिसमें उनकी सधी हुई तकनीक देखने को मिली। इन दोनों अनुभवी खिलाड़ियों के बीच हुई साझेदारी ने भारत को एक सम्मानजनक स्कोर की ओर अग्रसर किया, हालांकि अन्य बल्लेबाजों से उन्हें पर्याप्त सहयोग नहीं मिल सका।
निचले क्रम की विफलता और पूरी टीम आउट
मध्यक्रम और निचले क्रम के बल्लेबाजों के विफल रहने के कारण भारतीय टीम निर्धारित 50 ओवर भी पूरे नहीं खेल सकी। दीप्ति शर्मा और ऋचा घोष जैसी आक्रामक बल्लेबाजों से बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन वे ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के सटीक लाइन-लेंथ के सामने टिक नहीं सकीं। 3 ओवर में 214 रनों पर ऑल आउट हो गई। ऑस्ट्रेलिया की ओर से गेंदबाजों ने अनुशासित प्रदर्शन किया और नियमित अंतराल पर विकेट चटकाकर भारतीय टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचने से रोक दिया। अंतिम ओवरों में तेजी से रन बनाने के प्रयास में भारतीय पुछल्ले बल्लेबाज भी जल्दी पवेलियन लौट गए।
ऑस्ट्रेलिया की सधी हुई बल्लेबाजी और लक्ष्य का पीछा
215 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम को उनकी कप्तान एलिसा हीली और बेथ मूनी ने शानदार शुरुआत दिलाई। एलिसा हीली ने कप्तानी पारी खेलते हुए अर्धशतक जड़ा और भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। दूसरी ओर, बेथ मूनी ने 76 रनों की शानदार पारी खेलकर जीत की राह आसान कर दी। भारतीय गेंदबाजों ने बीच के ओवरों में वापसी की कोशिश की और 4 विकेट भी लिए, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों की रन गति इतनी तेज थी कि लक्ष्य कभी भी उनकी पहुंच से बाहर नहीं दिखा। ऑस्ट्रेलिया ने 70 गेंद शेष रहते ही मुकाबला अपने नाम कर लिया।
सीरीज की वर्तमान स्थिति और आगामी मुकाबला
इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ने तीन मैचों की इस द्विपक्षीय सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली है। भारतीय टीम के लिए यह हार एक बड़ा झटका है, विशेषकर तब जब टीम के दो प्रमुख बल्लेबाजों ने अर्धशतक लगाए थे। गेंदबाजी विभाग में भी भारतीय टीम को सुधार की आवश्यकता महसूस हुई क्योंकि वे ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को रन बनाने से रोकने में असफल रहे। सीरीज का अगला मुकाबला अब दोनों टीमों के लिए निर्णायक होगा, जहां भारत को सीरीज में बने रहने के लिए जीत दर्ज करनी होगी, वहीं ऑस्ट्रेलिया की नजरें सीरीज पर कब्जा करने पर होंगी।