बांग्लादेश की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। शेख हसीना की सरकार को सत्ता से बेदखल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले छात्र नेता आसिफ महमूद भुइयां अब खुद कानूनी मुश्किलों में फंस गए हैं। बांग्लादेश की भ्रष्टाचार निरोधक इकाई ने आसिफ के खिलाफ भ्रष्टाचार के गंभीर मामलों में जांच शुरू कर दी है। यह कार्रवाई उन आरोपों के बाद की गई है जिनमें कहा गया है कि आसिफ ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं की हैं।
भ्रष्टाचार और वसूली के गंभीर आरोप
जांच इकाई के एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, आसिफ महमूद पर वसूली के पैसे को अवैध तरीके से विदेश भेजने का आरोप है। जब मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार का गठन हुआ था, तब आसिफ को खेल एवं युवा मामलों का मंत्री (सलाहकार) बनाया गया था। आरोप है कि इस 16 महीने के कार्यकाल के दौरान ठेकों के आवंटन और सरकारी नियुक्तियों में भारी भ्रष्टाचार हुआ। इस मामले में केवल आसिफ ही नहीं, बल्कि चार अन्य लोग भी जांच के दायरे में हैं जो इस पूरे खेल में उनके साथ शामिल बताए जा रहे हैं।
जुलाई विद्रोह और तख्तापलट में भूमिका
बांग्लादेशी अखबार प्रथम आलो की रिपोर्ट के अनुसार, आसिफ महमूद 2024 के मध्य में शेख हसीना के खिलाफ हुए जुलाई विद्रोह का प्रमुख चेहरा थे। नाहिद इस्लाम और आसिफ महमूद ने मिलकर छात्रों के इस प्रदर्शन का नेतृत्व किया था। जुलाई के अंत तक यह आंदोलन हिंसक हो गया और अंततः 5 अगस्त 2024 को शेख हसीना का तख्तापलट हो गया। उस समय शेख हसीना ने आरोप लगाया था कि इन प्रदर्शनकारियों को अमेरिका द्वारा फंडिंग दी जा रही थी। तख्तापलट के बाद बनी अंतरिम सरकार में आसिफ और नाहिद दोनों को सलाहकार का पद दिया गया था। वर्तमान में ये दोनों नेशनल सिटीजन पार्टी का संचालन कर रहे हैं।
विवादों से पुराना नाता
28 साल के आसिफ महमूद का जन्म कोमिला जिले में हुआ था। उन्होंने ढाका यूनिवर्सिटी से अपनी पढ़ाई पूरी की और वहीं से छात्र राजनीति में सक्रिय हुए। आसिफ का विवादों से पुराना नाता रहा है। मार्च 2025 में उन्होंने अपने ही विभाग का एक बड़ा ठेका अपने पिता को दे दिया था, जिसके कारण सरकार की काफी किरकिरी हुई थी। इसके अलावा, एक बार एयरपोर्ट पर गन ले जाने के कारण भी वह सुरक्षा एजेंसियों के निशाने पर आए थे और सरकार को मुश्किल स्थिति का सामना करना पड़ा था। अब तारिक रहमान की सरकार के प्रभाव में आसिफ के खिलाफ भ्रष्टाचार की गहन जांच शुरू कर दी गई है, जिससे उनकी राजनीतिक मुश्किलें बढ़ सकती हैं।