बांग्लादेश के रंगपुर शहर से एक अत्यंत दुखद और सनसनीखेज मामला सामने आया है जहां एक ही हिंदू परिवार के चार सदस्यों के शव उनके अपने ही घर में संदिग्ध परिस्थितियों में पाए गए हैं और इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। मृतकों की पहचान एक सेवानिवृत्त स्कूल शिक्षक गणपति चक्रवर्ती, उनकी पत्नी प्रीतिलता, उनकी बेटी आगामी और उनके 12 वर्ष के बेटे प्रियम के रूप में हुई है। फिलहाल इस बात का खुलासा नहीं हो पाया है कि इस हिंदू परिवार को किसने और किस मकसद से निशाना बनाया है। स्थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां मामले की गहराई से तफ्तीश में जुट गई हैं।
रंगपुर के दासपारा में मिला शवों का ढेर
यह पूरी घटना बांग्लादेश के रंगपुर शहर की है जहां शनिवार देर रात एक बंद मकान के भीतर से चार लोगों के शव बरामद किए गए। रंगपुर मेट्रोपॉलिटन कोतवाली पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी नजमुल कादर ने जानकारी दी कि पुलिस को सूचना मिली थी कि एक घर काफी समय से बंद है और वहां रहने वाले लोगों से कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है। इसके बाद पुलिस ने रात करीब 11 बजकर 30 मिनट पर शहर के दासपारा (मछुआपारा) इलाके में स्थित उस घर का ताला तोड़ा और अंदर प्रवेश किया। घर के अंदर का नजारा बेहद खौफनाक था जहां परिवार के सभी चार सदस्य मृत अवस्था में पड़े थे।
मृतकों का विवरण और पारिवारिक पृष्ठभूमि
इस सामूहिक हत्याकांड के शिकार हुए गणपति चक्रवर्ती की उम्र 65 वर्ष थी और वह रंगपुर जिला स्कूल के एक सम्मानित शिक्षक थे। उन्होंने पिछले साल 31 दिसंबर को अपनी सेवाओं से सेवानिवृत्ति ली थी। रिटायरमेंट के बाद उन्होंने समाज सेवा के तौर पर होम्योपैथिक चिकित्सक के रूप में काम करना शुरू किया था। उनकी पत्नी प्रीतिलता चक्रवर्ती की उम्र 50 वर्ष थी। उनकी बेटी आगामी चक्रवर्ती प्रार्थी की उम्र 23 वर्ष थी और उसने इसी साल अंग्रेजी विषय में स्नातकोत्तर (एमए) की डिग्री पूरी की थी। परिवार का सबसे छोटा सदस्य प्रियम चक्रवर्ती था जिसकी उम्र मात्र 12 वर्ष थी और वह कक्षा 5 का छात्र था। स्थानीय लोगों के अनुसार यह परिवार बेहद शांत स्वभाव का था और उन्होंने हाल ही में दासपारा में अपना नया घर बनाया था।
गुरुवार से बंद थे मोबाइल फोन
मृतकों के रिश्तेदारों ने बताया कि परिवार से उनका संपर्क पिछले कई घंटों से पूरी तरह टूटा हुआ था जिससे उनकी चिंता बढ़ती जा रही थी। प्रीतिलता की छोटी बहन पूजा चक्रवर्ती ने मीडिया को बताया कि उनकी अपनी बहन से आखिरी बार गुरुवार दोपहर को बात हुई थी। इसके बाद से ही परिवार के किसी भी सदस्य का फोन नहीं लग रहा था। बताया जा रहा है कि परिवार के सभी सदस्यों के मोबाइल फोन गुरुवार रात से ही बंद आ रहे थे। जब शनिवार रात तक कोई खबर नहीं मिली तो रिश्तेदार खुद दासपारा स्थित उनके घर पहुंचे। वहां मुख्य द्वार पर ताला लटका हुआ था और घर के अंदर की सभी लाइटें बंद थीं जिसके बाद पुलिस को सूचित किया गया।
घर के अलग-अलग हिस्सों में मिले शव
पुलिस और फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। रंगपुर मेट्रोपॉलिटन सीआईडी के प्रभारी सुबीर चौधरी ने शवों की स्थिति के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि मां प्रीतिलता और बेटी आगामी के शव घर की सीढ़ियों पर पाए गए। वहीं परिवार के मुखिया गणपति चक्रवर्ती का शव घर की छत पर मिला। सबसे छोटा बेटा प्रियम बिस्तर के नीचे मृत पाया गया। शवों की इस तरह की स्थिति से यह अंदेशा जताया जा रहा है कि हमलावरों ने घर के हर कोने में जाकर सदस्यों को निशाना बनाया है। सीआईडी की टीम मौके से फिंगरप्रिंट और अन्य फोरेंसिक सबूत इकट्ठा कर रही है ताकि हत्यारों तक पहुंचा जा सके।
परिजनों का बयान और पुलिस की कार्रवाई
गणपति चक्रवर्ती की भतीजी सोमा चक्रवर्ती ने बताया कि उनके चाचा का किसी से कोई विवाद या दुश्मनी नहीं थी। स्कूल से रिटायर होने के बाद वह अपना अधिकतर समय होम्योपैथी प्रैक्टिस और परिवार के साथ बिताते थे। पूजा चक्रवर्ती ने भी रोते हुए कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि उनके हंसते-खेलते परिवार को किसने और क्यों खत्म कर दिया। पुलिस अधिकारी नजमुल कादर ने आश्वासन दिया है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह लूटपाट के इरादे से की गई हत्या है या इसके पीछे कोई और सांप्रदायिक या व्यक्तिगत रंजिश है। फिलहाल पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।