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BCCI सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट: ईशान किशन और मोहम्मद शमी बाहर, 30 खिलाड़ी शामिल

BCCI सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट: ईशान किशन और मोहम्मद शमी बाहर, 30 खिलाड़ी शामिल
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भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने आगामी 2025-26 सीजन के लिए अपने वार्षिक सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट की सूची को अंतिम रूप दे दिया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस बार बोर्ड ने अनुबंधों की संख्या में कटौती करते हुए इसे 34 से घटाकर 30 कर दिया है। इस नई सूची में सबसे चौंकाने वाला नाम स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन और अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी का है, जिन्हें इस बार अनुबंध से बाहर रखा गया है और यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब टीम इंडिया टी20 वर्ल्ड कप 2026 की तैयारियों में जुटी है।

BCCI सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट 2025-26 की नई संरचना

BCCI हर साल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों के लिए सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट की घोषणा करता है। इन अनुबंधों को खिलाड़ियों के प्रदर्शन, अनुभव और प्रारूप के आधार पर अलग-अलग ग्रेड में विभाजित किया जाता है। चयनित खिलाड़ियों को बोर्ड द्वारा एक निश्चित वार्षिक वेतन दिया जाता है। रिपोर्ट के अनुसार, 2025-26 सीजन के लिए तैयार की गई सूची में कुल 30 खिलाड़ियों को स्थान मिला है। हालांकि बोर्ड की ओर से अभी इसका आधिकारिक ऐलान होना बाकी है, लेकिन प्राथमिक जानकारी के अनुसार कई बड़े नामों की छुट्टी कर दी गई है।

ईशान किशन और मोहम्मद शमी के बाहर होने के कारण

ईशान किशन, जिन्होंने हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज और आगामी टी20 वर्ल्ड कप के लिए टीम में वापसी की है, उन्हें अनुबंध सूची में जगह नहीं मिली है। पिछले सीजन में वह ग्रेड C का हिस्सा थे और उन्हें ₹1 करोड़ का अनुबंध मिला था। विश्लेषकों के अनुसार, उनकी निरंतरता और पिछले कुछ समय में टीम से बाहर रहने के कारण यह फैसला लिया गया हो सकता है और दूसरी ओर, अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी का बाहर होना भी एक बड़ा अपडेट है। शमी पिछले साल ग्रेड A में शामिल थे, जिसके तहत उन्हें ₹5 करोड़ मिलते थे। चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के बाद से टीम से बाहर चल रहे शमी और चयन समिति के बीच हालिया घटनाक्रमों को इस निष्कासन का मुख्य कारण माना जा रहा है।

सरफराज खान और अन्य खिलाड़ियों की स्थिति

युवा बल्लेबाज सरफराज खान को भी इस बार सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से बाहर कर दिया गया है। पिछली बार वह ग्रेड C में शामिल थे, लेकिन ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद टीम में उनकी नियमित उपस्थिति न होने के कारण उन्हें इस बार सूची में जगह नहीं मिली। उनके साथ ही बंगाल के तेज गेंदबाज मुकेश कुमार और मध्य प्रदेश के रजत पाटीदार को भी अनुबंध से मुक्त कर दिया गया है। ये दोनों खिलाड़ी भी पिछले सीजन में ग्रेड C का हिस्सा थे और ₹1 करोड़ की श्रेणी में आते थे। इन निष्कासनों के बीच, युवा बल्लेबाज साई सुदर्शन के लिए अच्छी खबर है, जिन्हें उनके हालिया प्रदर्शन के आधार पर नई सूची में शामिल किया गया है।

विश्लेषकों का दृष्टिकोण और चयन प्रक्रिया

खेल विश्लेषकों के अनुसार, BCCI का यह कदम टीम में युवा प्रतिभाओं को प्राथमिकता देने और फिटनेस मानकों को कड़ा करने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है और अनुबंधों की संख्या में कमी यह दर्शाती है कि बोर्ड केवल उन्हीं खिलाड़ियों को अनुबंधित करना चाहता है जो सभी प्रारूपों में या विशिष्ट प्रारूपों में निरंतर उपलब्ध हों। हालांकि, यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि ईशान किशन या अन्य खिलाड़ी टी20 वर्ल्ड कप या आगामी सीरीज में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हैं, तो उन्हें सीजन के बीच में भी प्रो-राटा आधार पर अनुबंध दिया जा सकता है।

निष्कर्ष के तौर पर, BCCI की यह नई सूची भारतीय क्रिकेट में एक बदलाव के संकेत दे रही है। जहां अनुभवी खिलाड़ियों को बाहर का रास्ता दिखाया गया है, वहीं साई सुदर्शन जैसे युवाओं पर भरोसा जताया गया है। आधिकारिक घोषणा के बाद ही ग्रेडिंग और वेतन संरचना की पूरी स्पष्टता सामने आएगी और फिलहाल, सभी की निगाहें टी20 वर्ल्ड कप 2026 के प्रदर्शन पर टिकी हैं, जो खिलाड़ियों के भविष्य के अनुबंधों को प्रभावित कर सकता है।

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