बेन स्टोक्स ने इंटरनेशनल क्रिकेट से लिया संन्यास, न्यूजीलैंड के खिलाफ खेल रहे आखिरी टेस्ट

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बेन स्टोक्स ने इंटरनेशनल क्रिकेट से लिया संन्यास, न्यूजीलैंड के खिलाफ खेल रहे आखिरी टेस्ट
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इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान और स्टार ऑलराउंडर बेन स्टोक्स ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत को चौंकाते हुए संन्यास का ऐलान कर दिया है। यह बड़ी घोषणा न्यूजीलैंड के खिलाफ ट्रेंट ब्रिज में खेले जा रहे तीसरे टेस्ट मैच के दौरान की गई। स्टोक्स ने स्पष्ट किया है कि यह टेस्ट मैच उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का आखिरी मुकाबला होगा। इसके बाद क्रिकेट प्रेमी मैदान पर बेन स्टोक्स का वह आक्रामक और जुझारू खेल नहीं देख पाएंगे जिसने पिछले एक दशक में इंग्लैंड क्रिकेट की तस्वीर बदल दी। स्टोक्स ने अप्रैल 2022 से इंग्लैंड की टेस्ट टीम की कमान संभाली थी और उनकी कप्तानी में टीम ने टेस्ट क्रिकेट में कई ऐतिहासिक सफलताएं हासिल की हैं। उनके इस फैसले से इंग्लैंड क्रिकेट में एक युग का अंत हो गया है।

करियर की शुरुआत और कप्तानी का सफर

बेन स्टोक्स के अंतरराष्ट्रीय करियर का सफर साल 2011 में व्हाइट बॉल फॉर्मेट के साथ शुरू हुआ था। सीमित ओवरों के क्रिकेट में अपनी छाप छोड़ने के बाद, उन्होंने दिसंबर 2013 में एडिलेड में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एशेज सीरीज के दौरान अपना टेस्ट डेब्यू किया। स्टोक्स ने बहुत जल्द खुद को एक बेहतरीन ऑलराउंडर के रूप में स्थापित कर लिया, जो बल्ले और गेंद दोनों से मैच का रुख पलटने की क्षमता रखते थे। अप्रैल 2022 में उन्हें इंग्लैंड टेस्ट टीम का कप्तान नियुक्त किया गया, जिसके बाद उन्होंने टीम की खेलने की शैली में आमूल-चूल परिवर्तन किए और टेस्ट क्रिकेट को एक नया रोमांच प्रदान किया। उनकी कप्तानी में इंग्लैंड का प्रदर्शन टेस्ट क्रिकेट में काफी अच्छा रहा और उन्होंने टीम को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।

ऐतिहासिक पारियां और यादगार लम्हे

बेन स्टोक्स का नाम क्रिकेट इतिहास के उन पन्नों में दर्ज है जहां असंभव को संभव बनाया गया। साल 2019 के वर्ल्ड कप फाइनल में उनकी नाबाद 84 रनों की पारी को कभी नहीं भुलाया जा सकता। इस पारी की बदौलत ही मैच सुपर ओवर तक पहुंचा और इंग्लैंड पहली बार विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल कर सका। उसी साल हेडिंग्ले में खेले गए एशेज टेस्ट में स्टोक्स ने अकेले दम पर नाबाद 135 रन बनाकर इंग्लैंड को एक ऐसी जीत दिलाई जिसकी उम्मीद लगभग खत्म हो चुकी थी। इसके अलावा, साल 2016 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ केपटाउन में खेली गई उनकी 258 रनों की तूफानी पारी उनके टेस्ट करियर का सर्वोच्च स्कोर है। अपनी कप्तानी के दौरान भी उन्होंने इंग्लैंड को कई ऐसी जीत दिलाईं जो लंबे समय तक याद रखी जाएंगी।

ईसीबी अध्यक्ष ने दी भावभीनी विदाई

इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) के अध्यक्ष रिचर्ड थॉम्पसन ने बेन स्टोक्स के संन्यास पर उनकी जमकर सराहना की। थॉम्पसन ने कहा कि स्टोक्स इंग्लैंड के इतिहास के सबसे महान खिलाड़ियों में से एक हैं और उन्होंने अपनी पीढ़ी के क्रिकेटरों को गहराई से प्रेरित किया है। उन्होंने आगे कहा कि स्टोक्स ने हमेशा मुश्किल परिस्थितियों में अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाया और कभी हार नहीं मानी। संकट के समय टीम के लिए कुछ अनोखा कर दिखाने का उनका जज्बा दुनिया भर के करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों के दिलों में हमेशा जिंदा रहेगा। थॉम्पसन के अनुसार, स्टोक्स का योगदान केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्होंने खेल की भावना को भी ऊंचा उठाया है और वह हमेशा एक फाइटर के रूप में याद किए जाएंगे।

आंकड़ों में बेन स्टोक्स का शानदार प्रदर्शन

अगर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बेन स्टोक्स के आंकड़ों पर नजर डालें, तो उन्होंने अपने करियर में कुल 121 टेस्ट, 114 वनडे और 43 टी20I मैच खेले। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 34 दशमलव 58 की औसत से 7228 रन बनाए और साथ ही 246 विकेट लेने में सफल रहे। वनडे क्रिकेट की बात करें तो उन्होंने 99 पारियों में 41 दशमलव 22 के औसत से 3463 रन बनाए और 74 विकेट अपने नाम किए। टी20 इंटरनेशनल में उन्होंने 585 रन बनाने के साथ-साथ 26 विकेट भी हासिल किए। ट्रेंट ब्रिज टेस्ट के समापन के साथ ही एक ऐसे खिलाड़ी का अंतरराष्ट्रीय सफर थम जाएगा जिसने क्रिकेट के मैदान पर अपनी मेहनत और प्रतिभा से एक अमिट छाप छोड़ी है और उनके जाने से इंग्लैंड की टीम में एक बड़ा शून्य पैदा होगा जिसे भरना आसान नहीं होगा।

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