राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर जुबानी जंग तेज हो गई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को सिरोही में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस पार्टी पर जमकर प्रहार किए। मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री जी की अब उम्र हो गई है और उन्हें अपना चश्मा बदलवा लेना चाहिए, ताकि उन्हें राजस्थान का विकास और प्रदेश के युवाओं का भविष्य साफ दिखाई दे सके। यह बयान उस समय आया जब सीएम ग्राम उत्थान शिविरों के शुभारंभ और लाभार्थियों को राशि हस्तांतरण के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
घुसपैठियों और तुष्टिकरण पर कड़ा प्रहार
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने संबोधन में सुरक्षा और घुसपैठ के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने हमेशा तुष्टिकरण की राजनीति की है। सीएम ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि राजस्थान में किसी भी घुसपैठिए के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा, 'हम एक-एक घुसपैठिए को चुन-चुनकर प्रदेश से बाहर निकालेंगे। ' सीएम ने आगे कहा कि जब भी उनकी सरकार घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई की बात करती है, तो कांग्रेस के नेताओं के 'पेट में मरोड़े' उठने लगते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हमेशा भ्रष्टाचार को बढ़ावा। दिया है, लेकिन अब प्रदेश कानून के शासन से चलेगा।
विकास पर सवाल उठाने वालों को दिया जवाब
विकास के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरते हुए भजनलाल शर्मा ने 'राइजिंग राजस्थान' और 'इन्वेस्ट राजस्थान' की तुलना की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपनी सरकार के अंतिम समय में 'इन्वेस्ट राजस्थान' का ढोंग किया था, लेकिन जाने वाली सरकार की बातों पर कोई भरोसा नहीं करता। इसके विपरीत, उनकी सरकार ने पहले ही साल में 'राइजिंग राजस्थान' के जरिए 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश को धरातल पर उतारने का काम शुरू कर दिया है। सीएम ने तंज कसा कि कांग्रेस के लोगों को यह विकास इसलिए नहीं दिखता क्योंकि उनकी आंखें खराब हो गई हैं। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वह कांग्रेस नेताओं के लिए भी एक जांच कैंप लगवा देंगे ताकि उन्हें चश्मा मिल सके और वे विकास देख सकें।
पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा
मुख्यमंत्री ने पेपर लीक और ओएमआर शीट में गड़बड़ी के मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को सीधे कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने 2019 के एक पेपर का जिक्र करते हुए कहा कि ओएमआर शीट में जो बदलाव हुए, उसकी जांच अब पूर्व मुख्यमंत्री के घर तक पहुंच रही है। सीएम ने सवाल उठाया कि क्या गहलोत का पीएसओ (PSO) उनकी जानकारी के बिना यह सब कर रहा था? उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा। नहीं जाएगा और जांच की आंच अब बड़े नामों तक पहुंच रही है।
किसानों और लाभार्थियों को बड़ी सौगात
इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश के किसानों, महिलाओं और श्रमिकों के लिए खजाना खोल दिया। उन्होंने एक बटन दबाकर 1590 करोड़ रुपये की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की और सीएम ने इस दिन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि आज ही के दिन दो साल पहले रामलला के मंदिर का उद्घाटन हुआ था, इसलिए यह खुशी का दिन है। उन्होंने घोषणा की कि बसंत पंचमी से प्रदेश में 'ग्राम उत्थान शिविर' लगाए जाएंगे, जहां सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे ग्रामीणों को मिलेगा। साथ ही, उन्होंने बताया कि 22 जिलों में किसानों को दिन में बिजली। दी जा रही है और जल्द ही पूरे प्रदेश में यह व्यवस्था लागू होगी।
अशोक गहलोत का पलटवार
मुख्यमंत्री के हमलों पर पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जवाब दिया। गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री को व्यक्तिगत बयानबाजी के बजाय युवाओं के सवालों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने पूछा कि क्या 2024 और 2025 की परीक्षाओं में ओएमआर शीट बदली गई हैं? गहलोत ने मांग की कि अगर कोई गड़बड़ी हुई है, तो उनकी सरकार द्वारा बनाए गए। सख्त कानून के तहत दोषियों को उम्रकैद और 10 करोड़ रुपये के जुर्माने की सजा दी जाए।