भिवंडी में चार मंजिला कोहिनूर बिल्डिंग का हिस्सा ढहा, 3 की मौत, कई लोग मलबे में दबे

Add as Preferred Source on Google News
विज्ञापन
भिवंडी में चार मंजिला कोहिनूर बिल्डिंग का हिस्सा ढहा, 3 की मौत, कई लोग मलबे में दबे
विज्ञापन

महाराष्ट्र के पावरलूम शहर भिवंडी से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहां गुरुवार रात करीब 11:30 बजे एक चार मंजिला इमारत का बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया। यह हादसा भिवंडी के बालाजी नगर इलाके में स्थित कोहिनूर बिल्डिंग में हुआ। इमारत का एक हिस्सा ढहने से वहां अफरा-तफरी मच गई और कई लोग मलबे के नीचे दब गए और शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस दर्दनाक हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई है। मलबे में अभी भी 7 से 8 लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है, जिन्हें बाहर निकालने के लिए बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

राहत और बचाव कार्य जारी

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय फायर ब्रिगेड और एनडीआरएफ (NDRF) की टीमें मौके पर पहुंच गईं और अंधेरे और मलबे के ढेर के बीच बचाव कर्मियों ने अपना काम शुरू किया। एनडीआरएफ की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद मलबे से एक महिला को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता हासिल की है, जिन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। मलबे में दबे अन्य लोगों की तलाश के लिए आधुनिक उपकरणों और खोजी कुत्तों की मदद ली जा रही है। प्रशासन ने घटनास्थल के चारों ओर सुरक्षा घेरा बना दिया है ताकि बचाव कार्य में कोई बाधा न आए।

खतरनाक श्रेणी में थी कोहिनूर बिल्डिंग

बताया जा रहा है कि भिवंडी के नारपोली इलाके के भंडारी कंपाउंड में स्थित यह चार मंजिला कोहिनूर बिल्डिंग काफी पुरानी थी और भिवंडी-निजामपुर नगर निगम ने इस इमारत को पहले ही खतरनाक घोषित कर दिया था और इसे कैटेगरी-सी में रखा गया था। इस श्रेणी का अर्थ है कि इमारत रहने के लिए सुरक्षित नहीं है और इसे खाली करने के निर्देश दिए गए थे। नगर निगम की चेतावनी के बाद अधिकांश परिवार इमारत छोड़कर चले गए थे, लेकिन एक परिवार वहां रुककर कुछ मरम्मत का काम करवा रहा था। इसी मरम्मत कार्य के दौरान इमारत का बी विंग अचानक ढह गया, जिसकी चपेट में वहां मौजूद मजदूर और परिवार के सदस्य आ गए।

प्रशासनिक अधिकारियों का बयान

नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, इस इमारत में कुल 48 कमरे थे और प्रत्येक मंजिल पर 12 कमरे बने हुए थे। हादसे के समय स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए कई परिवारों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की और बीएनसीएमसी (BNCMC) के मेयर नारायण चौधरी ने घटनास्थल का दौरा किया और बताया कि उनकी पूरी टीम राहत कार्य में जुटी हुई है। उन्होंने जानकारी दी कि इमारत से बचाए गए और विस्थापित लोगों के रहने के लिए गायत्री मंदिर-गीता हॉल में व्यवस्था की गई है। मेयर ने बताया कि उन्हें मलबे के अंदर करीब 6 या 7 कर्मचारियों के फंसे होने की सूचना मिली है।

विधायक ने दी स्थिति की जानकारी

भिवंडी वेस्ट के विधायक महेश चौगुले ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि नारपोली के भंडारी कंपाउंड स्थित इस कोहिनूर बिल्डिंग को नगर निगम ने खतरनाक माना था और इसे खाली करा लिया गया था। हालांकि, ग्राउंड फ्लोर पर कुछ काम चल रहा था, जिसके कारण वहां मजदूर मौजूद थे। विधायक ने आशंका जताई कि मलबे में फंसे लोगों में वहां काम कर रहे मजदूर भी शामिल हो सकते हैं। पुलिस, फायर ब्रिगेड और एनडीआरएफ की टीमें आपसी समन्वय के साथ काम कर रही हैं ताकि मलबे में दबे हर व्यक्ति को जल्द से जल्द बाहर निकाला जा सके। प्रशासन ने लोगों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है।

विज्ञापन