बिहार में अगले मुख्यमंत्री के नाम को लेकर जारी राजनीतिक गहमागहमी के बीच प्रशासनिक स्तर पर शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू हो गई हैं। सोमवार को पटना के जिलाधिकारी (डीएम) डॉ. त्यागराजन ने राजभवन पहुंचकर राज्यपाल से मुलाकात की। लगभग 30 मिनट तक चली इस उच्च स्तरीय बैठक में डीएम ने आगामी शपथ ग्रहण समारोह के लिए सुरक्षा व्यवस्था, वीवीआईपी प्रोटोकॉल और आयोजन स्थल की तैयारियों से जुड़ी एक विस्तृत रिपोर्ट राज्यपाल को सौंपी। सूत्रों के अनुसार, प्रशासन को संकेत मिले हैं कि शपथ ग्रहण समारोह जल्द ही आयोजित किया जा सकता है, जिसके मद्देनजर सुरक्षा घेरे को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
राजभवन में सुरक्षा ब्लूप्रिंट पर चर्चा
जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन ने लोकभवन में राज्यपाल के साथ बैठक के दौरान सुरक्षा के त्रिस्तरीय घेरे की योजना प्रस्तुत की। इस रिपोर्ट में मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण स्थल पर तैनात होने वाले सुरक्षाकर्मियों की संख्या, प्रवेश और निकास द्वारों की निगरानी और आपातकालीन निकास योजनाओं का विवरण शामिल है। अधिकारियों के अनुसार, राजभवन और उसके आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। डीएम ने राज्यपाल को आश्वस्त किया है कि सुरक्षा मानकों में किसी भी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी और हर गतिविधि पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से नजर रखी जाएगी।
प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों का संभावित आगमन
शपथ ग्रहण समारोह की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सहित देश के कई दिग्गज राजनेताओं के शामिल होने की प्रबल संभावना है। सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के आगमन को देखते हुए विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल तैयार किया गया है। वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए विशेष सुरक्षा समूह (SPG) और राज्य पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित किया जा रहा है।
ट्रैफिक प्रबंधन और रूट डायवर्जन योजना
पटना की सड़कों पर वीवीआईपी आवाजाही के कारण आम जनता को होने वाली असुविधा को कम करने के लिए प्रशासन ने एक विशेष ट्रैफिक प्लान तैयार किया है। डीएम द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट में प्रमुख मार्गों पर रूट डायवर्जन और पार्किंग व्यवस्था का स्पष्ट उल्लेख है। पटना के बेली रोड और राजभवन की ओर जाने वाली सड़कों पर यातायात को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, समारोह के दिन कुछ विशिष्ट मार्गों को केवल अधिकृत वाहनों के लिए ही आरक्षित रखा जा सकता है, ताकि काफिलों की आवाजाही बिना किसी बाधा के हो सके।
राज्यपाल के सचिव ने बुलाई समीक्षा बैठक
प्रशासनिक तैयारियों को और पुख्ता करने के लिए राज्यपाल के सचिव गोपाल मीणा ने आज शाम 4:30 बजे एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक बुलाई है। इस बैठक में पटना के डीएम, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP), पुलिस अधीक्षक (SP) और अन्य विभागों के आला अधिकारी शामिल होंगे। बैठक का मुख्य एजेंडा सुरक्षा व्यवस्था की अंतिम समीक्षा करना और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित करना है और सचिव द्वारा बुलाई गई इस बैठक में पार्किंग, बिजली आपूर्ति, अग्निशमन व्यवस्था और चिकित्सा सहायता दलों की तैनाती पर भी विस्तृत चर्चा की जाएगी।
आयोजन स्थल पर हाई अलर्ट और निगरानी
शपथ ग्रहण समारोह के संभावित स्थल को हाई अलर्ट पर रखा गया है। पुलिस प्रशासन ने आयोजन स्थल के आसपास के क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान और गश्त बढ़ा दी है। अधिकारियों के अनुसार, समारोह स्थल पर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की गहन जांच की जाएगी और केवल वैध पास धारकों को ही प्रवेश की अनुमति होगी। सुरक्षा रिपोर्ट में ड्रोन कैमरों के माध्यम से हवाई निगरानी और सादे लिबास में पुलिसकर्मियों की तैनाती का भी प्रस्ताव दिया गया है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को तुरंत रोका जा सके।