जेएनयू प्रकरण: कांग्रेस सांसद की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जयपुर में भाजपा महिला मोर्चा का उग्र प्रदर्शन

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जेएनयू प्रकरण: कांग्रेस सांसद की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जयपुर में भाजपा महिला मोर्चा का उग्र प्रदर्शन
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दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की छात्राओं से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न के मामले को लेकर राजस्थान की राजधानी जयपुर में सियासी पारा चढ़ गया है। इस गंभीर मामले में कांग्रेस सांसद की संलिप्तता के आरोपों के विरोध में भाजपा महिला मोर्चा ने शनिवार को जयपुर की सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया और मोर्चा की नेता और कार्यकर्ता भाजपा प्रदेश कार्यालय से एकत्रित होकर कांग्रेस दफ्तर का घेराव करने के लिए निकली थीं। हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को चौमूं हाउस सर्किल पर ही रोक दिया। इस दौरान पुलिस और भाजपा महिला नेताओं के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की भी देखने को मिली।

सांसद की गिरफ्तारी और फांसी की मांग

प्रदर्शनकारी महिला नेता अपने हाथों में पोस्टर और तख्तियां लेकर पहुंची थीं, जिन पर कांग्रेस पार्टी और आरोपी सांसद के खिलाफ नारे लिखे थे और भाजपा महिला मोर्चा ने इस मामले में कांग्रेस सांसद डॉ. अंगोमचा बिमोल अकॉइजाम की तत्काल गिरफ्तारी की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने आरोपी के लिए फांसी की सजा की मांग वाले नारे लगाए और इस प्रकरण को महिला सुरक्षा तथा छात्राओं की गरिमा से जोड़ते हुए कांग्रेस नेतृत्व की जवाबदेही पर सवाल खड़े किए। भाजपा का कहना था कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की बड़ी-बड़ी बातें करने वाले कांग्रेस नेताओं को इस संवेदनशील मामले पर अपना रुख पूरी तरह स्पष्ट करना चाहिए।

राखी राठौड़ ने राहुल गांधी को घेरा

भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष राखी राठौड़ ने इस मामले को लेकर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी सार्वजनिक मंचों से अक्सर महिला अधिकारों और उनके सम्मान की दुहाई देते हैं, लेकिन जब उनकी ही पार्टी के सांसद पर इतने गंभीर आरोप लगते हैं, तो वे चुप्पी साध लेते हैं। राठौड़ ने जोर देकर कहा कि महिला सम्मान का मुद्दा केवल राजनीतिक भाषणों और चुनावी वादों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि यह जवाबदेही के स्तर पर भी दिखना चाहिए। उन्होंने मांग की कि पीड़ित छात्राओं को न्याय मिलना चाहिए और उनकी पहचान तथा निजता की हर हाल में रक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति को उसके राजनीतिक रसूख के आधार पर कानून से ऊपर नहीं माना जा सकता।

सांसद मंजू शर्मा ने सुरक्षा पर उठाए सवाल

जयपुर शहर की सांसद मंजू शर्मा ने भी प्रदर्शन में शामिल होकर जेएनयू की छात्राओं से जुड़े इन आरोपों को अत्यंत गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का विषय नहीं है, बल्कि यह हमारे प्रमुख शिक्षण संस्थानों में छात्राओं की सुरक्षा और उनकी शिकायतों पर होने वाली निष्पक्ष कार्रवाई से जुड़ा एक बड़ा सवाल है और शर्मा ने कांग्रेस नेतृत्व से सीधा सवाल किया कि वह छात्राओं के न्याय और जवाबदेही के मुद्दे पर क्या स्टैंड रखता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि छात्राओं की निजता को सुरक्षित रखते हुए जांच प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष बनाया जाना चाहिए ताकि दोषियों को सजा मिल सके और कानून का इकबाल कायम रहे।

छात्राओं की निजता और गरिमा सर्वोपरि

राजस्थान महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष सुमन शर्मा ने इस मामले में कानूनी और नैतिक पहलुओं पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यौन उत्पीड़न से जुड़ी किसी भी शिकायत में शिकायतकर्ताओं की सुरक्षा, निजता और गरिमा सबसे ऊपर होनी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि जांच से संबंधित तथ्यों और निष्कर्षों को बहुत ही जिम्मेदारी के साथ सार्वजनिक किया जाना चाहिए, ताकि पीड़ित छात्राओं पर किसी भी प्रकार का सामाजिक या मानसिक दबाव न पड़े। सुमन शर्मा ने कहा कि ऐसे मामलों को राजनीतिक चश्मे से देखने के बजाय छात्राओं के अधिकारों और उन्हें न्याय दिलाने के दृष्टिकोण से देखना अनिवार्य है। उन्होंने मांग की कि मामले की आगे की प्रक्रिया पूरी तरह नियमानुसार और बिना किसी भेदभाव के होनी चाहिए।

कांग्रेस के दोहरे चरित्र पर प्रहार

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता मनीषा सिंह ने कांग्रेस पर दोहरा चरित्र अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को महिला सुरक्षा के सवाल पर अपनी स्थिति साफ करनी चाहिए। मनीषा सिंह ने सीधे तौर पर राहुल गांधी को संबोधित करते हुए पूछा कि क्या वे अपनी पार्टी में ऐसे नेता को बनाए रखेंगे जिन पर मासूम बच्चियों के साथ घिनौना कृत्य करने का आरोप है। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक का पद गुरु-शिष्य के पवित्र रिश्ते का प्रतीक होता है, लेकिन इस मामले ने उस रिश्ते को कलंकित कर दिया है। उन्होंने मांग की कि ऐसे व्यक्ति को तत्काल प्रभाव से गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा दी जाए और उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने की मांग की कि जांच प्रक्रिया पर किसी भी प्रकार का राजनीतिक दबाव न पड़े और छात्राओं को जल्द से जल्द न्याय मिले।

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