देश की राजधानी दिल्ली में 8 जून को होने वाली इंडिया गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक से पहले राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है। भारतीय जनता पार्टी ने इस बैठक से ठीक पहले विपक्षी गठबंधन पर एक बड़ा और तीखा हमला बोला है। बीजेपी नेताओं ने इस गठबंधन को नो विजन सिर्फ डिवीजन का नाम दिया है और बीजेपी का दावा है कि इस गठबंधन के भीतर जबरदस्त आंतरिक कलह और समन्वय की भारी कमी है, जिसके कारण यह गठबंधन केवल कागजों तक ही सीमित रह गया है। बीजेपी ने झारखंड, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में सहयोगियों के बीच बढ़ते मतभेदों को इस विफलता का मुख्य प्रमाण बताया है।
निशिकांत दुबे ने गठबंधन के अस्तित्व पर उठाए सवाल
दिल्ली में 8 जून को होने वाली इंडिया गठबंधन की बैठक को लेकर बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर अब इस गठबंधन में बचा कौन है? दुबे ने कहा कि सीपीएम पहले ही कह चुकी है कि वे इस गठबंधन के साथ नहीं हैं। उन्होंने अपने रांची दौरे का जिक्र करते हुए बताया कि वहां झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) अपना अलग उम्मीदवार उतारने की बात कह रही है। इसके अलावा, उन्होंने तमिलनाडु की डीएमके पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वे अलग सीटों पर जाकर बैठ गए हैं और तृणमूल कांग्रेस का तो अब कोई अता-पता ही नहीं है। निशिकांत दुबे के अनुसार, इस गठबंधन का अब कोई वास्तविक अस्तित्व नहीं बचा है और यह पूरी तरह बिखर चुका है।
आंतरिक कलह और समन्वय की कमी
बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने भी गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि इस इंडी गठबंधन का कोई मकसद नहीं है और इसमें केवल डिवीजन यानी बंटवारा ही दिख रहा है। उन्होंने राज्यसभा सीट को लेकर जेएमएम और कांग्रेस के बीच चल रहे झगड़े का उदाहरण दिया। पूनावाला ने यह भी बताया कि एनसीपी (शरद पवार गुट) शायद इस बैठक में शामिल नहीं हो रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह गठबंधन सिर्फ कागजों पर है लेकिन वास्तविकता में कहीं पर भी नहीं है। वहीं, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि इंडी गठबंधन में भगदड़ मची हुई है और इनमें आपस में कोई समन्वय नहीं है, जबकि एनडीए पूरी तरह एकजुट है।
टीएमसी और डीएमके पर साधा निशाना
पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने तृणमूल कांग्रेस की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि टीएमसी की हालत बहुत खराब है और असली टीएमसी पार्टी अब ममता बनर्जी के हाथों से निकल चुकी है। उन्होंने सवाल किया कि इंडिया गठबंधन आखिर है कहां? उन्होंने बताया कि डीएमके इस बैठक में शामिल नहीं हो रही है। पॉल के अनुसार, देश की जनता ने इंडिया गठबंधन को पूरी तरह से किनारे कर दिया है और नकार दिया है। उन्होंने कहा कि ये लोग फिर से हंगामा करने के लिए दिल्ली जा रहे हैं, लेकिन जनता इनके साथ नहीं है।
रुष्ट राजनीतिक रंगबाजों का रंगमंच
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि इंडी गठबंधन का भविष्य अंधकार में है। उन्होंने दावा किया कि वे बैठक करें या ना करें, उनकी पराजय सुनिश्चित है क्योंकि वे जनहित में नहीं बल्कि स्वयं के हित में इस प्रकार की बैठकें करते हैं और केवल भाजपा का विरोध करते हैं। वहीं, बीजेपी नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने इस गठबंधन को रुष्ट राजनीतिक रंगबाजों का रंगमंच करार दिया। नकवी ने कहा कि जब कोई गठबंधन ऐसे लोगों का मंच बन जाता है, तो इसी तरह के हालात दिखाई देते हैं। उन्होंने कहा कि इनका जुगाड़ का जमघट, जनादेश के पनघट से कोसों दूर है और नकवी ने तंज कसते हुए कहा कि ये लोग प्रधानमंत्री मोदी से लड़ने की बात करते हैं लेकिन इनका ज्यादा समय आपस में भिड़ने में ही निकल जाता है।