Maharashtra Politics: BMC चुनावों में हार के बाद उद्धव ठाकरे की पार्टी का पहला रिएक्शन: 'मराठी सम्मान की लड़ाई जारी रहेगी'

Maharashtra Politics - BMC चुनावों में हार के बाद उद्धव ठाकरे की पार्टी का पहला रिएक्शन: 'मराठी सम्मान की लड़ाई जारी रहेगी'
| Updated on: 17-Jan-2026 12:20 PM IST
बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) चुनावों के नतीजों के बाद, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट की ओर से पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। यह प्रतिक्रिया पार्टी के भविष्य के रुख और महाराष्ट्र की राजनीतिक दिशा को लेकर महत्वपूर्ण संकेत देती है और चुनाव में मिली हार के बावजूद, शिवसेना (UBT) ने दृढ़ता से घोषणा की है कि उनकी लड़ाई अभी समाप्त नहीं हुई है, बल्कि यह तब तक जारी रहेगी जब तक मराठी समुदाय को वह सम्मान वापस नहीं मिल जाता, जिसका वह वास्तव में हकदार है। यह बयान पार्टी के आधिकारिक X (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर पोस्ट किया गया, जो उनके समर्थकों और राजनीतिक विरोधियों दोनों के लिए एक स्पष्ट संदेश था।

हार के बाद उद्धव ठाकरे गुट का संकल्प

BMC चुनावों में अपेक्षित परिणाम न मिलने के बावजूद, शिवसेना (UBT) ने हार स्वीकार करते हुए भी अपने मूल सिद्धांतों और मराठी अस्मिता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है और पार्टी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से यह स्पष्ट कर दिया है कि यह चुनावी हार उनके राजनीतिक संघर्ष का अंत नहीं है। इसके बजाय, इसे एक नए चरण की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है, जहाँ मराठी मानुष के सम्मान और अधिकारों के लिए उनकी लड़ाई और भी अधिक मुखर और दृढ़ता से लड़ी जाएगी और यह बयान महाराष्ट्र की राजनीति में उद्धव ठाकरे गुट की निरंतर सक्रियता और उनके जनाधार को बनाए रखने के प्रयासों को दर्शाता है। यह एक संकेत है कि वे भविष्य में भी प्रमुख राजनीतिक खिलाड़ी बने रहेंगे और अपने एजेंडे को आगे बढ़ाएंगे।

BMC चुनाव के विस्तृत परिणाम

हाल ही में संपन्न हुए BMC चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) गठबंधन को एक बड़ी और निर्णायक जीत हासिल हुई है। यह गठबंधन नगर निकाय में सबसे बड़े ब्लॉक के रूप में उभरा, जिसने मुंबई की राजनीतिक तस्वीर को काफी हद तक बदल दिया। BJP ने इन चुनावों में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 89 सीटें जीतीं और पार्टी को 11,79,273 वोट मिले, जो कुल डाले गए वोटों का 21. 58 प्रतिशत था। सभी विजयी उम्मीदवारों में, BJP का वोट शेयर 45. 22 प्रतिशत रहा, जिससे वह नगर निकाय में सबसे बड़ी एकल पार्टी बन गई और यह परिणाम BJP की बढ़ती पकड़ और मुंबई में उसके जनाधार को दर्शाता है।

शिंदे गुट और गठबंधन का प्रदर्शन

BJP के गठबंधन सहयोगी, शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) ने भी इन चुनावों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शिंदे गुट ने 29 सीटें हासिल कीं और उसे 2,73,326 वोट मिले, जो कुल वोट शेयर का 5. 00 प्रतिशत था। BJP और शिवसेना (शिंदे गुट) के संयुक्त प्रदर्शन ने उन्हें BMC में एक मजबूत बहुमत प्रदान किया, जिससे उन्हें नगर निगम के प्रशासन में महत्वपूर्ण प्रभाव डालने का अवसर मिलेगा। इस गठबंधन की जीत को महाराष्ट्र की वर्तमान राजनीतिक स्थिति में एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा जा रहा है, जो राज्य में सत्ताधारी गठबंधन की लोकप्रियता को भी दर्शाता है।

शिवसेना (UBT) और MNS गठबंधन का प्रदर्शन

दूसरी ओर, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ा, लेकिन वे सत्ताधारी गठबंधन से पिछड़ गए। शिवसेना (UBT) ने 65 सीटें जीतीं और उसे 7,17,736 वोट मिले, जो कुल डाले गए वोटों का 13. 13 प्रतिशत था। यह संख्या पिछले चुनावों की तुलना में उनके लिए एक झटका मानी जा सकती है, लेकिन फिर भी यह दर्शाता है कि पार्टी का एक महत्वपूर्ण जनाधार अभी भी बरकरार है और mNS ने गठबंधन के खाते में 6 सीटें जोड़ीं, उसे 74,946 वोट और 1. 37 प्रतिशत वोट शेयर मिला। इस गठबंधन का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा, जिससे उन्हें। अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता महसूस हो सकती है।

अन्य प्रमुख दलों का प्रदर्शन

इन चुनावों में अन्य राजनीतिक दलों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इंडियन नेशनल कांग्रेस (INC) ने 24 सीटें हासिल कीं, उसे 2,42,646 वोट मिले, जो कुल वोट शेयर का 4 और 44 प्रतिशत था। यह कांग्रेस के लिए एक मध्यम प्रदर्शन था, जो उन्हें BMC में एक महत्वपूर्ण विपक्षी भूमिका में रखता है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने 68,072 वोटों के साथ 8 सीटें जीतीं, जो उनके लिए एक शानदार प्रदर्शन माना जा सकता है। नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) को 3 सीटें मिलीं, समाजवादी पार्टी ने 2 सीटें जीतीं, और NCP (शरदचंद्र पवार) ने 1 सीट जीती। इन छोटे दलों का प्रदर्शन भी BMC की राजनीतिक विविधता को दर्शाता है।

आगे की राजनीतिक लड़ाई

शिवसेना (UBT) का यह बयान कि 'यह लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है' महाराष्ट्र की राजनीति में आने वाले समय में और अधिक उथल-पुथल का संकेत देता है। BMC चुनाव के परिणाम मुंबई के राजनीतिक परिदृश्य को परिभाषित करते हैं, और उद्धव ठाकरे गुट का यह संकल्प कि वे मराठी समुदाय के सम्मान के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे, यह दर्शाता है कि महाराष्ट्र में राजनीतिक संघर्ष अभी भी जारी रहेगा। यह बयान न केवल उनके कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने के लिए है, बल्कि यह प्रतिद्वंद्वी दलों को भी यह संदेश देता है कि वे आसानी से हार नहीं मानेंगे। आने वाले समय में, महाराष्ट्र की राजनीति में मराठी अस्मिता और सम्मान का मुद्दा एक केंद्रीय विषय बना रह सकता है, और शिवसेना (UBT) इस मुद्दे को लेकर अपनी राजनीतिक सक्रियता बनाए रखेगी।

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।