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भाजपा की रीतू तावड़े होंगी मुंबई की मेयर, संजय घाड़ी डिप्टी मेयर

भाजपा की रीतू तावड़े होंगी मुंबई की मेयर, संजय घाड़ी डिप्टी मेयर
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मुंबई नगर निगम (BMC) के आगामी कार्यकाल के लिए महापौर और उप-महापौर के नामों पर मुहर लग गई है। भारतीय जनता पार्टी ने वरिष्ठ पार्षद रीतू तावड़े को मेयर पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया है। वहीं, गठबंधन की सहयोगी शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) की ओर से संजय घाड़ी डिप्टी मेयर पद के लिए नामांकन दाखिल करेंगे। यह घटनाक्रम मुंबई की राजनीति में एक ऐतिहासिक मोड़ माना जा रहा है, क्योंकि बीएमसी के इतिहास में पहली बार भारतीय जनता पार्टी का कोई नेता मेयर की कुर्सी पर बैठने जा रहा है।

महायुति गठबंधन का संख्या बल और चुनावी परिणाम

बीएमसी चुनाव 15 जनवरी 2026 को संपन्न हुए थे, जिसमें भाजपा और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के महायुति गठबंधन ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया। 227 सदस्यीय सदन में बहुमत के लिए 114 सीटों की आवश्यकता थी। इस चुनाव में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी और उसने 89 सीटों पर जीत दर्ज की। वहीं, शिवसेना (शिंदे गुट) को 29 सीटें प्राप्त हुईं। कुल मिलाकर महायुति के पास 118 से अधिक पार्षदों का समर्थन है, जो बहुमत के आंकड़े से अधिक है। पिछले चार वर्षों से बीएमसी में निर्वाचित प्रतिनिधियों की अनुपस्थिति में प्रशासक का शासन चल रहा था, जो अब समाप्त होने जा रहा है।

रीतू तावड़े: कांग्रेस से भाजपा और मेयर पद तक का सफर

मेयर पद के लिए चुनी गई रीतू तावड़े घाटकोपर क्षेत्र से लगातार तीसरी बार पार्षद निर्वाचित हुई हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत कांग्रेस से की थी, लेकिन 2012 में उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया। रीतू तावड़े की पहचान एक जमीनी नेता के रूप में है, जिन्होंने गुजराती बहुल वार्डों में अपनी मजबूत पकड़ बनाई है। वह इससे पहले बीएमसी की महत्वपूर्ण शिक्षा समिति की अध्यक्ष रह चुकी हैं और वर्तमान में महाराष्ट्र प्रदेश महिला मोर्चा की उपाध्यक्ष हैं। 2012 में वार्ड नंबर 127, 2017 में वार्ड नंबर 121 और 2025 के चुनाव में वार्ड नंबर 132 से उनकी जीत ने पार्टी में उनके कद को निरंतर मजबूत किया है। इस बार मेयर का पद सामान्य वर्ग की महिला के लिए आरक्षित होने के कारण उनके नाम पर सर्वसम्मति बनी।

बीएमसी मुख्यालय में धार्मिक अनुष्ठान और तैयारियां

भाजपा के लिए यह एक ऐतिहासिक अवसर है, इसलिए बीएमसी स्थित पार्टी कार्यालय में विशेष तैयारियां की गई हैं। मेयर पद के नामांकन से पूर्व बीएमसी मुख्यालय में 10 पंडितों को आमंत्रित किया गया था। वहां वेद मंत्रों के उच्चारण और शंखनाद के बीच धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए गए। पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। रीतू तावड़े जल्द ही अपना आधिकारिक नामांकन पत्र दाखिल करेंगी। दूसरी ओर, संजय घाड़ी का उप-महापौर के रूप में कार्यकाल सवा वर्ष के लिए निर्धारित किया गया है, जो गठबंधन के भीतर शक्ति संतुलन के फॉर्मूले का हिस्सा है।

राजनीतिक विश्लेषण और भविष्य की राह

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, मुंबई में भाजपा का मेयर बनना राज्य की राजनीति में पार्टी के बढ़ते प्रभाव का संकेत है और दशकों तक शिवसेना (यूबीटी) के गढ़ रहे बीएमसी में अब महायुति का शासन विकास कार्यों की नई रूपरेखा तैयार कर सकता है। प्रशासक शासन के दौरान रुके हुए कई नीतिगत फैसलों और नागरिक परियोजनाओं को अब गति मिलने की उम्मीद है। विश्लेषकों का मानना है कि रीतू तावड़े का प्रशासनिक अनुभव और संजय घाड़ी का जमीनी जुड़ाव मुंबई के नागरिक प्रशासन को नई दिशा प्रदान कर सकता है।

निष्कर्षतः, मुंबई नगर निगम में निर्वाचित परिषद की वापसी के साथ ही लोकतांत्रिक प्रक्रिया पुनः बहाल हो गई है और रीतू तावड़े और संजय घाड़ी के नेतृत्व में नई टीम के सामने मुंबई की बुनियादी ढांचागत समस्याओं, जल आपूर्ति और शहरी नियोजन जैसी बड़ी चुनौतियां होंगी। महायुति गठबंधन के लिए यह कार्यकाल आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों के दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा।

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