जैसलमेर के ऐतिहासिक लोंगेवाला में, तनोट माता मंदिर के पास आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में, फिल्म 'बॉर्डर 2' के नए देशभक्ति गीत 'घर कब आओगे' का ऑडियो लॉन्च किया गया। यह आयोजन न केवल फिल्म के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण था, बल्कि यह भारतीय। सेना के जवानों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का भी एक अवसर था। इस विशेष अवसर पर, फिल्म के मुख्य कलाकार सनी देओल, वरुण धवन और अहान शेट्टी ने गायक सोनू निगम, निर्माता भूषण कुमार और निधि दत्ता के साथ मिलकर उपस्थित फौजियों को यह भावुक कर देने वाला गीत सुनाया। इस दौरान, सनी देओल ने अपने पिता, दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र की विरासत और उनकी एक क्लासिक फिल्म के साथ अपने गहरे भावनात्मक जुड़ाव के बारे में बात करते हुए एक महत्वपूर्ण खुलासा किया।
धर्मेंद्र की 'हकीकत' और सनी देओल का बचपन
लाइव परफॉर्मेंस के लिए फिल्म की स्टार कास्ट एम्फीथिएटर स्टेज पर पहुंचीं और वहां मौजूद दर्शकों में उत्साह भर दिया। संगीत निर्देशक मिथुन और गीतकार मनोज मुंतशिर के साथ इस समूह ने एक दमदार और यादगार प्रस्तुति दी, जिसने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। सनी देओल के लिए यह पल बेहद खास था, क्योंकि वे सीधे उन सैनिकों के सामने खड़े थे, जिनके बलिदान और सेवा को उनकी फिल्में अक्सर दर्शाती हैं। सैनिकों के सामने खड़े होकर, वे अपने पिता धर्मेंद्र की 1964 की युद्ध क्लासिक 'हकीकत' की यादों में खो गए। उन्होंने भावुक होकर बताया कि कैसे बचपन में देखी गई उस फिल्म ने उनके मन पर एक अमिट छाप छोड़ी थी। 'हकीकत' ने उन्हें न केवल युद्ध के मैदान की कठोर वास्तविकताओं से परिचित कराया, बल्कि देश के लिए लड़ने वाले सैनिकों के त्याग और साहस को भी गहराई से समझाया। यह फिल्म उनके लिए सिर्फ एक मनोरंजन का साधन नहीं थी, बल्कि एक प्रेरणा। का स्रोत बन गई थी, जिसने उनके भविष्य के कलात्मक निर्णयों की नींव रखी।
'बॉर्डर' बनाने के पीछे की प्रेरणा
सनी देओल ने इस कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों के साथ साझा। किया कि 'बॉर्डर' जैसी प्रतिष्ठित फिल्म बनाने के पीछे उनकी क्या प्रेरणा थी। उन्होंने कहा, 'मैंने बॉर्डर की थी, जब मैंने मेरे पापा की फिल्म हकीकत देखी थी। वो फिल्म मुझे बहुत अच्छी लगी थी और मैं बहुत छोटा था, जब मैं एक्टर बना तो मैंने भी तय किया कि मैं पापा जैसी फिल्म करूंगा। ' यह बयान उनके बचपन के सपने और अपने पिता की। कलात्मक विरासत को आगे बढ़ाने की उनकी इच्छा को दर्शाता है। उन्होंने आगे बताया कि कैसे उन्होंने फिल्म निर्माता जेपी दत्ता से इस विषय पर बात की। जेपी दत्ता, जो खुद युद्ध फिल्मों के निर्माण में माहिर हैं, उनके साथ मिलकर सनी देओल ने 'बॉर्डर' बनाने का फैसला किया। यह फिल्म, जो 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध की लोंगेवाला की लड़ाई पर आधारित थी, ने न। केवल बॉक्स ऑफिस पर धूम मचाई, बल्कि दर्शकों के दिलों में भी एक खास जगह बनाई। सनी देओल ने गर्व के साथ बताया कि कैसे इस फिल्म ने युवाओं की एक पूरी। पीढ़ी को भारतीय सेना में शामिल होने और देश की सेवा करने के लिए प्रेरित किया। 'बॉर्डर' सिर्फ एक फिल्म नहीं थी, बल्कि यह देशभक्ति और बलिदान। का एक प्रतीक बन गई, जिसने लाखों लोगों को प्रभावित किया।
'घर कब आओगे' का नया अवतार
'बॉर्डर 2' के लिए तैयार किया गया 'घर कब आओगे' का नया वर्जन अपने आप में एक महाकाव्य गीत है और यह गीत, जिसकी मूल धुन और भावनाएं पहले से ही लाखों दिलों में बसी हुई हैं, अब एक नए और अधिक विस्तृत रूप में प्रस्तुत किया गया है। 10 मिनट और 34 सेकंड लंबे इस गाने में भारतीय संगीत उद्योग के कुछ सबसे शक्तिशाली और प्रतिष्ठित गायकों ने अपनी आवाज दी है। सोनू निगम, रूप कुमार राठौड़, अरिजीत सिंह, विशाल मिश्रा और दिलजीत दोसांझ जैसे दिग्गजों ने मिलकर इस ट्रैक को एक अविस्मरणीय अनुभव बनाया है। संगीत निर्देशक मिथुन ने अपने संगीत से इस गीत में नई जान डाल दी है, जिससे यह और भी अधिक भावुक और प्रेरणादायक बन गया है। यह गीत न केवल सैनिकों के परिवारों की भावनाओं को दर्शाता है, बल्कि देश की सेवा में लगे हर व्यक्ति के त्याग और समर्पण को भी सलाम करता है।
'बॉर्डर 2' की टीम और भविष्य की उम्मीदें
23 जनवरी, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली 'बॉर्डर 2' से दर्शकों को काफी उम्मीदें हैं और फिल्म में वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और मोना सिंह जैसे प्रतिभाशाली कलाकार मुख्य भूमिकाओं में हैं। टीम का लक्ष्य सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर सफलता हासिल करना नहीं है, बल्कि अपनी बेहतरीन कहानी और देशभक्ति के संदेश से पूरे देश का दिल जीतना भी है। 'बॉर्डर 2' उसी भावना और प्रेरणा को आगे बढ़ाने का प्रयास करती है, जिसे पहली 'बॉर्डर' ने स्थापित किया था। यह फिल्म न केवल युद्ध के नायकों को श्रद्धांजलि देगी, बल्कि यह भी दिखाएगी। कि कैसे उनके बलिदान और साहस ने देश के भविष्य को आकार दिया है। फिल्म की टीम को विश्वास है कि यह नई पेशकश भी दर्शकों पर गहरा प्रभाव डालेगी। और उन्हें देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत करेगी, ठीक वैसे ही जैसे मूल 'बॉर्डर' ने किया था।