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यूट्यूब पर मिले 503 मिलियन व्यूज, फिर भी Chikni Chameli जैसा गाना क्यों नहीं गाना चाहतीं श्रेया घोषाल?

यूट्यूब पर मिले 503 मिलियन व्यूज, फिर भी Chikni Chameli जैसा गाना क्यों नहीं गाना चाहतीं श्रेया घोषाल?
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भारतीय फिल्म संगीत जगत की प्रतिष्ठित पार्श्व गायिका श्रेया घोषाल ने हाल ही में अपने करियर के सबसे चर्चित गानों में से एक 'चिकनी चमेली' को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। वर्ष 2012 में आई फिल्म 'अग्निपथ' के इस सुपरहिट आइटम सॉन्ग ने यूट्यूब पर 503 मिलियन से अधिक व्यूज हासिल किए हैं। राज शमानी के साथ एक हालिया पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान श्रेया घोषाल ने स्पष्ट किया कि वह भविष्य में इस तरह के गाने रिकॉर्ड करने से बचेंगी। सिंगर के अनुसार यह निर्णय किसी पछतावे के कारण नहीं बल्कि गानों के चयन को लेकर उनकी बढ़ती संवेदनशीलता और परिपक्वता का परिणाम है।

गानों के चयन में बढ़ती संवेदनशीलता

श्रेया घोषाल ने बातचीत के दौरान बताया कि 'चिकनी चमेली' की अपार सफलता के बाद उन्हें इसी तरह के कई गानों के प्रस्ताव मिले थे। हालांकि उन्होंने ऐसे अधिकांश गानों को रिकॉर्ड करने से मना कर दिया। सिंगर के अनुसार वह अब इस बात को लेकर बहुत अधिक सचेत हो गई हैं कि वह किस तरह के बोल और संगीत का हिस्सा बन रही हैं और उन्होंने कहा कि समय के साथ उनकी प्राथमिकताओं में बदलाव आया है और वह अब उन गीतों को प्राथमिकता देती हैं जो उनकी व्यक्तिगत विचारधारा और कलात्मक मूल्यों के अनुरूप हों।

वस्तुकरण और सामाजिक जिम्मेदारी

गायिका ने गानों में महिलाओं के वस्तुकरण (Objectification) के मुद्दे पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने बताया कि 'चिकनी चमेली' के बाद उन्हें जो गाने ऑफर हुए उनमें से कई में महिलाओं को एक वस्तु की तरह पेश करने वाले बोल थे और श्रेया ने स्पष्ट किया कि वह अब ऐसे गानों का हिस्सा नहीं बनना चाहतीं जो समाज में महिलाओं की छवि को गलत तरीके से पेश करते हों। उनके अनुसार एक कलाकार के रूप में उनकी यह जिम्मेदारी है कि वह अपनी कला के माध्यम से सही संदेश दें। उन्होंने यह भी साझा किया कि वह अब उन गानों को चुनने में अधिक सावधानी बरतती हैं जो भविष्य में उनकी पहचान का हिस्सा बनेंगे।

अनुभव और परिपक्वता का प्रभाव

श्रेया घोषाल ने अपने पुराने अनुभवों को याद करते हुए कहा कि जब उन्होंने 'चिकनी चमेली' रिकॉर्ड किया था तब वह इतनी परिपक्व नहीं थीं कि कुछ पंक्तियों के गहरे अर्थ को पूरी तरह समझ सकें। उन्होंने बताया कि उस समय उनका ध्यान मुख्य रूप से गायकी और धुन पर था और सिंगर के अनुसार फिल्म में जो गाना आया वह मूल ड्राफ्ट की तुलना में काफी हल्का (Toned-down) था। उन्होंने स्वीकार किया कि उस समय उन्हें हमेशा यह समझ नहीं आता था कि वह क्या गा रही हैं लेकिन अब अनुभव के साथ उनकी समझ विकसित हुई है और वह गीतों के अर्थ को लेकर अधिक गंभीर हैं।

गाने की लोकप्रियता और स्वीकार्यता

भविष्य में ऐसे गाने न गाने के फैसले के बावजूद श्रेया घोषाल ने 'चिकनी चमेली' की सफलता को पूरी तरह स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस गाने को लेकर कोई शर्मिंदगी नहीं है और वह इसे अपनी कला का एक हिस्सा मानती हैं। सिंगर ने बताया कि यह एक ऐसा गाना है जिसके साथ उन्हें हमेशा रहना होगा क्योंकि यह जनता के बीच बेहद लोकप्रिय है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि जब वह देखती हैं कि छोटे बच्चे भी इस गाने पर नाचते हैं तो कभी-कभी वह असहज महसूस करती हैं लेकिन वह इस गाने की लोकप्रियता और अपनी भागीदारी से इनकार नहीं करती हैं।

भविष्य की योजनाओं पर स्पष्टीकरण

श्रेया घोषाल ने स्पष्ट किया कि उनका यह बयान किसी विशेष फिल्म या संगीतकार के खिलाफ नहीं है बल्कि यह उनकी अपनी पेशेवर यात्रा का एक नया चरण है और वह अब अपनी गायकी में विविधता और गुणवत्ता पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रही हैं। सिंगर ने यह सुनिश्चित किया है कि वह केवल उन्हीं परियोजनाओं का हिस्सा बनेंगी जो उन्हें रचनात्मक रूप से संतुष्ट करती हैं और जिनमें शब्दों की गरिमा बनी रहती है और उनके इस बयान को संगीत जगत में एक कलाकार की वैचारिक स्पष्टता और नैतिक जिम्मेदारी के रूप में देखा जा रहा है।

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