विज्ञापन

Budget 2026: क्या खत्म हो जाएगा पुराना टैक्स सिस्टम? जानें सरकार का बड़ा प्लान

Budget 2026: क्या खत्म हो जाएगा पुराना टैक्स सिस्टम? जानें सरकार का बड़ा प्लान
विज्ञापन

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 को देश का केंद्रीय बजट पेश करने वाली हैं। इस बजट से आम आदमी और खासकर नौकरीपेशा वर्ग को काफी उम्मीदें हैं। हर साल की तरह इस बार भी सबसे बड़ा सवाल इनकम टैक्स को लेकर है। चर्चा जोरों पर है कि क्या सरकार अब पुराने टैक्स सिस्टम (Old। Tax Regime) को पूरी तरह से विदा करने की तैयारी में है? एक्सपर्ट्स का मानना है कि बजट 2026 में सरकार नए टैक्स सिस्टम (New Tax Regime) को और अधिक आकर्षक बनाकर पुराने सिस्टम को धीरे-धीरे खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम उठा सकती है।

पुराना बनाम नया टैक्स सिस्टम: क्या है मुख्य अंतर?

टैक्सपेयर्स के लिए वर्तमान में दो विकल्प मौजूद हैं। पुराने टैक्स सिस्टम में टैक्स की दरें तो अधिक हैं, लेकिन इसमें निवेश पर कई तरह की छूट मिलती है। जैसे सेक्शन 80C के तहत 1 और 5 लाख रुपये तक का निवेश, 80D में हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम, होम लोन का ब्याज और HRA जैसी कटौतियां शामिल हैं। वहीं, नया टैक्स सिस्टम कम टैक्स दरों की पेशकश करता है, लेकिन इसमें अधिकांश डिडक्शन और छूट उपलब्ध नहीं हैं। सरकार का तर्क है कि नया सिस्टम टैक्स फाइलिंग को सरल बनाता है और कागजी कार्रवाई को कम करता है।

क्या पुराने सिस्टम का अंत करीब है?

बजट 2026 से पहले हुए विभिन्न सर्वे और आर्थिक विशेषज्ञों की राय। संकेत देती है कि सरकार अब 'दोहरी व्यवस्था' को खत्म करना चाहती है। दो टैक्स सिस्टम होने से न केवल टैक्सपेयर्स में भ्रम पैदा होता है, बल्कि प्रशासन के लिए भी यह जटिल प्रक्रिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार पुराने सिस्टम को एकदम से बंद करने के बजाय इसे 'अप्रासंगिक' बनाने की रणनीति पर काम कर रही है। इसका मतलब है कि नए सिस्टम में मिलने वाले फायदों को इतना बढ़ा दिया जाएगा कि लोग खुद ही पुराने सिस्टम को छोड़ देंगे।

नए टैक्स सिस्टम की बढ़ती लोकप्रियता

EY इंडिया की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, असेसमेंट ईयर 2024-25 में लगभग 72% टैक्सपेयर्स ने नए टैक्स सिस्टम को चुना है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि लोग अब सरलता की ओर बढ़ रहे हैं। सरकार ने पिछले बजटों में नए सिस्टम के तहत स्टैंडर्ड। डिडक्शन को शामिल किया और टैक्स-फ्री लिमिट को भी बढ़ाया। वर्तमान में, स्टैंडर्ड डिडक्शन और सेक्शन 87A की छूट के साथ, नए सिस्टम में करीब 12. 75 लाख रुपये तक की सालाना आय पर प्रभावी रूप से शून्य टैक्स लगता है। बजट 2026 में इस सीमा को और बढ़ाने की संभावना है ताकि। मध्यम वर्ग को पूरी तरह नए सिस्टम की ओर आकर्षित किया जा सके।

निवेश की आदतों पर क्या होगा असर?

पुराना टैक्स सिस्टम लोगों को बचत और निवेश (जैसे LIC, PPF) के लिए प्रोत्साहित करता था क्योंकि वहां टैक्स छूट मिलती थी। यदि पुराना सिस्टम खत्म होता है, तो लोगों की निवेश की आदतों में बदलाव आ सकता है। हालांकि, सरकार का मानना है कि टैक्सपेयर्स के हाथ में अधिक पैसा रहने से वे अपनी मर्जी से निवेश कर सकेंगे, न कि केवल टैक्स बचाने के दबाव में। बजट 2026 में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या सरकार नए सिस्टम में भी कुछ चुनिंदा निवेशों पर छूट देने का विचार करती है या इसे पूरी तरह 'डिस्क्रिप्शनरी' ही रखती है।

निष्कर्ष और विशेषज्ञों की सलाह

विशेषज्ञों का कहना है कि पुराने सिस्टम को पूरी तरह खत्म करने में अभी कुछ साल लग सकते हैं क्योंकि कई लोगों ने लंबी अवधि के होम लोन और बीमा पॉलिसियां पुराने सिस्टम की छूट को ध्यान में रखकर ली हैं और सरकार एक 'सनसेट क्लॉज' ला सकती है, जिसके तहत एक निश्चित समय के बाद पुराना सिस्टम बंद हो जाएगा। तब तक, टैक्सपेयर्स को सलाह दी जाती है कि वे अपनी आय और निवेश के आधार पर दोनों सिस्टम की तुलना करें, हालांकि भविष्य निश्चित रूप से नए टैक्स रिजीम की ओर ही झुकता दिख रहा है।

विज्ञापन