ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की स्थिति का हमारे जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। इनमें बुध ग्रह को बहुत ही विशेष और महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। ज्योतिष के अनुसार, बुध को बुद्धि, वाणी और व्यापार का प्रमुख कारक ग्रह माना जाता है। ग्रहों की परिषद में बुध को 'राजकुमार' की उपाधि दी गई है। बुधवार का दिन विशेष रूप से भगवान गणेश और बुध देव को समर्पित होता है। ज्योतिषविदों का मानना है कि जिस व्यक्ति की कुंडली में बुध ग्रह शुभ स्थिति में विराजमान होता है, उसे जीवन के हर क्षेत्र में और विशेषकर कारोबार में अपार सफलता प्राप्त होती है। बुध की कृपा से व्यक्ति की निर्णय लेने की क्षमता और संवाद कौशल में निखार आता है।
व्यापार और जीवन पर बुध का प्रभाव
कुंडली में बुध की स्थिति यह तय करती है कि व्यक्ति का व्यापारिक जीवन कैसा रहेगा। यदि बुध ग्रह अनुकूल है, तो व्यक्ति अपनी वाणी और बुद्धि के बल पर व्यापार में खूब उन्नति करता है और समाज में मान-सम्मान प्राप्त करता है। वहीं दूसरी ओर, यदि कुंडली में यह ग्रह अशुभ स्थिति में हो, तो जीवन में कई नकारात्मक प्रभाव देखने को मिलते हैं। कारोबार में लगातार हानि होना, बनते हुए कार्यों में अचानक रुकावटें आना और व्यापार का पूरी तरह से ठप हो जाना अशुभ बुध के लक्षण माने जाते हैं। इसके अलावा, व्यक्ति को त्वचा संबंधी समस्याएं या संवाद में कठिनाई का सामना भी करना पड़ सकता है। इन समस्याओं से निपटने के लिए ज्योतिष शास्त्र में कुछ विशेष उपाय बताए गए हैं।
बुधवार को 108 नामों के जाप का महत्व
कारोबार में आ रही बाधाओं को दूर करने और लाभ प्राप्त करने के लिए बुधवार के दिन बुध देव के 108 नामों का जाप करना सबसे प्रमुख और प्रभावशाली उपायों में से एक है। ऐसी मान्यता है कि जो व्यक्ति पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ बुधवार को इन नामों का स्मरण करता है, उसके व्यापार की सभी बाधाएं स्वतः ही समाप्त हो जाती हैं और उसे धन-धान्य का लाभ मिलता है। यह जाप न केवल व्यापारिक बाधाओं को दूर करता है, बल्कि मानसिक शांति और बौद्धिक स्पष्टता भी प्रदान करता है और यदि आप भी अपने कार्यक्षेत्र में समस्याओं का सामना कर रहे हैं या लाभ नहीं मिल रहा है, तो बुध देव के इन 108 नामों का जाप अवश्य करें।
बुध देवता के 108 नाम
बुधवार के दिन इन पवित्र नामों का जाप करने से बुध देव प्रसन्न होते हैं:
- ૐ बुधाय नमः
- ૐ बुधार्चिताय नमः
- ૐ सौम्यय नमः
- ૐ सौम्यचित्ताय नमः
- ૐ शुभप्रदाय नमः
- ૐ दृढव्रताय नमः
- ૐ दृढफलाय नमः
- ૐ श्रुतिजालप्रबोधकाय नमः
- ૐ सत्यवासाय नमः
- ૐ सत्यवचसॆ नमः
- ૐ श्रेयसांपतयॆ नमः
- ૐ अव्ययाय नमः
- ૐ सोमजाय नमः
- ૐ सुखदाय नमः
- ૐ श्रीमते नमः
- ૐ सोमवंशप्रदीपकाय नमः
- ૐ वेदविदे नमः
- ૐ वेदतत्वज्ञाय नमः
- ૐ वेदांतज्ञानभास्कराय नमः
- ૐ विद्याविचक्षणाय नमः
- ૐ विदूषे नमः
- ૐ विद्वत्प्रीतिकराय नमः
- ૐ ऋजवे नमः
- ૐ विश्वानुकूलसंचारिणे नमः
- ૐ विशेषविनयान्विताय नमः
- ૐ विविधागमसारज्ञाय नमः
- ૐ वीर्यावते नमः
- ૐ विगतज्वराय नमः
- ૐ त्रिवर्गफलदाय नमः
- ૐ अनंताय नमः
- ૐ त्रिदशाधिपपूजिताय नमः
- ૐ बुद्धिमते नमः
- ૐ बहुशास्त्रज्ञाय नमः
- ૐ बलिने नमः
- ૐ बंधविमोचकाय नमः
- ૐ वक्रातिवक्रगमनाय नमः
- ૐ वासवाय नमः
- ૐ वसुधाधिपाय नमः
- ૐ प्रसन्नवदनाय नमः
- ૐ वंद्याय नमः
- ૐ वरेण्याय नमः
- ૐ वाग्विलक्षणाय नमः
- ૐ सत्यवते नमः
- ૐ सत्यसंकल्पाय नमः
- ૐ सत्यसंधाय नमः
- ૐ सदादराय नमः
- ૐ सर्वरोगप्रशमनाय नमः
- ૐ सर्वमृत्युनिवारकाय नमः
- ૐ वाणिज्यनिपुणाय नमः
- ૐ वश्याय नमः
- ૐ वातांगिने नमः
- ૐ वातरोगहृते नमः
- ૐ स्थूलाय नमः
- ૐ स्थैर्यगुणाध्यक्षाय नमः
- ૐ स्थूलसूक्ष्मादिकारणाय नमः
- ૐ अप्रकाशाय नमः
- ૐ प्रकाशात्मने नमः
- ૐ घनाय नमः
- ૐ गगनभूषणाय नमः
- ૐ विधिस्तुत्याय नमः
- ૐ विशालाक्षाय नमः
- ૐ विद्वज्जनमनोहराय नमः
- ૐ चारुशीलाय नमः
- ૐ स्वप्रकाशाय नमः
- ૐ चपलाय नमः
- ૐ चलितेंद्रियाय नमः
- ૐ उदन्मुखाय नमः
- ૐ मुखासक्ताय नमः
- ૐ मगधाधिपतये नमः
- ૐ हरये नमः
- ૐ सौम्यवत्सरसंजताय नमः
- ૐ सोमप्रियकराय नमः
- ૐ महते नमः
- ૐ सिंहादिरूढाय नमः
- ૐ सर्वज्ञाय नमः
- ૐ शिखिवर्णाय नमः
- ૐ शिवंकराय नमः
- ૐ पीतांबराय नमः
- ૐ पीतवपुषे नमः
- ૐ पीतच्छत्रध्वजांकिताय नमः
- ૐ खड्गचर्मधराय नमः
- ૐ कार्यकर्ते नमः
- ૐ कलुषहारकाय नमः
- ૐ आत्रेयगोत्रजाय नमः
- ૐ अत्यंतविनयाय नमः
- ૐ विश्वपावनाय नमः
- ૐ चांपेयपुष्पसंकाशाय नमः
- ૐ चरणाय नमः
- ૐ चारुभूषणाय नमः
- ૐ वीतरागाय नमः
- ૐ वीतभयाय नमः
- ૐ विशुद्धकनकप्रभाय नमः
- ૐ बंधुप्रियाय नमः
- ૐ बंधमुक्ताय नमः
- ૐ बाणमंडलसंश्रिताय नमः
- ૐ अर्कशानप्रदेशस्थाय नमः
- ૐ तर्कशास्त्रविशारदाय नमः
- ૐ प्रशांताय नमः
- ૐ प्रीतिसंयुक्ताय नमः
- ૐ प्रियकृते नमः
- ૐ प्रियभाषणाय नमः
- ૐ मेधाविने नमः
- ૐ माधवासक्ताय नमः
- ૐ मिथुनाधिपतयॆ नमः
- ૐ सुधिये नमः
- ૐ कन्याराशिप्रियाय नमः
- ૐ कामप्रदाय नमः
- ૐ घनफलाशाय नमः