छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में मंगलवार को एक बड़ा औद्योगिक हादसा सामने आया है। जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में दोपहर करीब 2:00 बजे अचानक एक बॉयलर फट गया। इस भीषण धमाके की चपेट में आने से अब तक 9 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 30 अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद पूरे प्लांट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल व्याप्त हो गया और स्थानीय प्रशासन ने तत्काल राहत कार्य शुरू कर दिया है।
घटना का विवरण और तत्काल प्रभाव
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाका इतना जोरदार था कि इसकी आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। मंगलवार दोपहर जब मजदूर अपनी शिफ्ट में काम कर रहे थे, तभी प्लांट के बॉयलर यूनिट में अचानक विस्फोट हुआ। विस्फोट के कारण प्लांट का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और वहां काम कर रहे मजदूर मलबे और गर्म भाप की चपेट में आ गए। घटना के तुरंत बाद प्लांट प्रबंधन और स्थानीय पुलिस को सूचित किया गया, जिसके बाद एंबुलेंस और दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं।
राहत और बचाव कार्य की स्थिति
सक्ती जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) प्रफुल ठाकुर ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए क्रेन और अन्य मशीनों की मदद ली जा रही है और पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर तैनात हैं और घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। आशंका जताई जा रही है कि मलबे के नीचे अभी भी कुछ और मजदूर दबे हो सकते हैं, जिसके कारण तलाशी अभियान को तेज कर दिया गया है।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया और जांच के आदेश
हादसे की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं और अधिकारियों को घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए और राज्य सरकार ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि जांच में यदि सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाई जाती है, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
मृतकों और घायलों की वर्तमान स्थिति
अस्पताल सूत्रों के अनुसार, भर्ती कराए गए 30 घायलों में से लगभग 20 मजदूरों की स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों की एक विशेष टीम घायलों की निगरानी कर रही है। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और उनकी पहचान की प्रक्रिया जारी है। जिला प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। प्लांट के बाहर बड़ी संख्या में मजदूरों के परिजन और स्थानीय लोग एकत्रित हो गए हैं, जिसे देखते हुए सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
सुरक्षा मानकों पर उठते सवाल
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे का कारण तकनीकी खराबी माना जा रहा है, लेकिन स्थानीय संगठनों और श्रमिक संघों ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप लगाया है। यह जांच का विषय है कि क्या बॉयलर का नियमित रखरखाव किया जा रहा था और क्या आपातकालीन सुरक्षा प्रणालियां सक्रिय थीं। औद्योगिक सुरक्षा विभाग की टीम भी मौके पर पहुंचकर तकनीकी साक्ष्य जुटा रही है ताकि विस्फोट के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके।