विज्ञापन

होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थिरता के लिए चीन ने शुरू की कूटनीतिक पहल

होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थिरता के लिए चीन ने शुरू की कूटनीतिक पहल
विज्ञापन

चीन ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में नौवहन को सामान्य बनाने और क्षेत्र में स्थिरता बहाल करने के लिए सक्रिय कूटनीतिक प्रयास शुरू कर दिए हैं। चीनी विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य में बने तनावपूर्ण हालातों से निपटने के लिए सभी संबंधित पक्षों के साथ निरंतर बातचीत कर रहा है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष के कारण इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर जहाजों की आवाजाही बाधित हुई है, जिससे वैश्विक ऊर्जा संकट का खतरा पैदा हो गया है।

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल पारगमन मार्गों में से एक है। इस क्षेत्र में सुरक्षा की कमी और सैन्य तनाव ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंताएं बढ़ा दी हैं। चीनी अधिकारियों के अनुसार, बीजिंग का उद्देश्य इस क्षेत्र में शांति स्थापित करना है ताकि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित न हो।

चीनी विदेश मंत्रालय का आधिकारिक रुख

चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने बीजिंग में आयोजित एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य और उसके आसपास के पानी में जल्द से जल्द युद्धविराम होना आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शांति और स्थिरता की बहाली अंतरराष्ट्रीय समुदाय की एक साझा इच्छा है और सभी पक्षों को इसी दिशा में मिलकर काम करना चाहिए। माओ निंग ने जोर देकर कहा कि चीन सभी पक्षों के साथ बातचीत और तालमेल बनाए हुए है ताकि तनाव को कम किया जा सके।

क्षेत्रीय संघर्ष और ऊर्जा संकट का प्रभाव

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष ने होर्मुज स्ट्रेट पर नौवहन को असुरक्षित बना दिया है। इस मार्ग के बाधित होने से दुनिया के कई देशों के सामने ऊर्जा आपूर्ति का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। चीन के अनुसार, इस इलाके में सुरक्षा बहाल करने का एकमात्र तरीका दुश्मनी को खत्म करना और कूटनीतिक संवाद को बढ़ावा देना है। चीनी प्रवक्ता ने यह भी कहा कि सैन्य तरीकों से इस मुद्दे का मूल समाधान नहीं निकाला जा सकता और संघर्ष का और अधिक बढ़ना किसी भी देश के हित में नहीं होगा।

अमेरिका की भूमिका और डोनाल्ड ट्रंप का रुख

इस संकट के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों ने वैश्विक राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी अकेले अमेरिका की नहीं है और अमेरिका का इससे सीधा लेना-देना नहीं है। अमेरिका द्वारा इस क्षेत्र की सुरक्षा से पीछे हटने के बाद चीन ने अपनी भूमिका को विस्तार देने का संकेत दिया है। चीन ने आरोप लगाया है कि इस क्षेत्र में अस्थिरता की असली वजह ईरान के खिलाफ की गई कुछ सैन्य कार्रवाइयां हैं।

चीन और पाकिस्तान का पांच सूत्रीय प्रस्ताव

चीन और पाकिस्तान ने इस सप्ताह एक महत्वपूर्ण 5-सूत्रीय प्रस्ताव को बढ़ावा देने पर सहमति व्यक्त की है। इस प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य जल्द से जल्द शांति वार्ता शुरू करना और होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही के लिए सुरक्षा की गारंटी सुनिश्चित करना है। बीजिंग इस प्रस्ताव के माध्यम से अन्य क्षेत्रीय शक्तियों को भी साथ लाने का प्रयास कर रहा है ताकि एक बहुपक्षीय सुरक्षा ढांचा तैयार किया जा सके।

विज्ञापन