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सीएम योगी का सिंगापुर और जापान दौरा शुरू, 2017 के बाद पहली विदेश यात्रा

सीएम योगी का सिंगापुर और जापान दौरा शुरू, 2017 के बाद पहली विदेश यात्रा
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राज्य को 'भारत का विनिर्माण केंद्र' बनाने की मुहिम के तहत सिंगापुर और जापान की चार दिवसीय यात्रा पर आज यानी रविवार को रवाना हो रहे हैं। यह 2017 की म्यांमार यात्रा के बाद मुख्यमंत्री का पहला विदेशी दौरा है। राज्य सरकार के अधिकारियों के अनुसार, इस यात्रा को प्रदेश की निवेश कूटनीति और औद्योगिक विस्तार की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री का यह दौरा उत्तर प्रदेश को एक हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की दिशा में एक बड़ा कदम है।

सिंगापुर में निवेश और डेटा सेंटर पर चर्चा

राज्य सरकार द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री 23 और 24 फरवरी को सिंगापुर में प्रवास करेंगे। इस दौरान वह लगभग 25 प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। चर्चा के मुख्य विषयों में डेटा सेंटर अवसंरचना, कृषि उद्योग और लॉजिस्टिक नेटवर्क शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक, गूगल और एसटीटी ग्लोबल जैसी दिग्गज कंपनियों के साथ डेटा सेंटर के विकास पर बातचीत होगी। इसके अतिरिक्त, जापफा ग्रुप और ओलम इंटरनेशनल के साथ कृषि आधारित उद्योगों में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी। मैपलट्री और एआई सैट्स जैसी कंपनियों के साथ उत्तर प्रदेश में लॉजिस्टिक नेटवर्क को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

जापान में ऑटोमोबाइल और सेमीकंडक्टर पर फोकस

सिंगापुर के बाद मुख्यमंत्री 25 और 26 फरवरी को जापान के दौरे पर रहेंगे। जापान प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री आठ प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। बयान के अनुसार, कुबोटा और सुजुकी जैसी कंपनियों के साथ ऑटोमोबाइल क्षेत्र में निवेश पर चर्चा होगी। उत्तर प्रदेश को सेमीकंडक्टर हब बनाने की दिशा में तोक्यो इलेक्ट्रॉन के साथ बैठक प्रस्तावित है। इसके अलावा, तोशिबा के साथ इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण और टोयो डेंसो, जापान एविएशन इलेक्ट्रॉनिक्स तथा नागासे एंड कंपनी के साथ ऑटोमोबाइल आपूर्ति श्रृंखला सहयोग पर बातचीत की जाएगी। कनाडेविया के साथ ग्रीन हाइड्रोजन और मारुबेनी के साथ रियल एस्टेट निवेश पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।

जी-टू-बी और गोलमेज बैठकों का आयोजन

इस यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री जी-टू-बी (गवर्नमेंट टू बिजनेस) बैठकों और गोलमेज बैठकों के माध्यम से निवेशकों से सीधा संवाद करेंगे। अधिकारियों के अनुसार, इन बैठकों का उद्देश्य निवेशकों के सामने उत्तर प्रदेश की औद्योगिक नीतियों, स्थिरता और कारोबारी संभावनाओं को स्पष्ट रूप से रखना है। मुख्यमंत्री निवेशकों को राज्य में उपलब्ध संसाधनों और सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं के बारे में जानकारी देंगे। इस संवाद के जरिए सरकार का लक्ष्य निवेश प्रस्तावों को तत्काल गति देना और संयुक्त परियोजनाओं के लिए मार्ग प्रशस्त करना है।

प्रवासी भारतीयों और छात्रों से संवाद

निवेश बैठकों के अलावा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कार्यक्रम प्रवासी भारतीयों और छात्रों के साथ संवाद का भी है। वह सिंगापुर और जापान में रह रहे उत्तर प्रदेश के निवासियों और भारतीय समुदाय को संबोधित करेंगे और अधिकारियों के मुताबिक, मुख्यमंत्री छात्रों के साथ भी बातचीत करेंगे ताकि उन्हें उत्तर प्रदेश में हो रहे बदलावों और भविष्य की संभावनाओं से अवगत कराया जा सके। यह पहल वैश्विक मंच पर 'ब्रांड यूपी' को सशक्त रूप से स्थापित करने और विदेशों में रह रहे भारतीयों को राज्य के विकास से जोड़ने के प्रयास का हिस्सा है।

अक्षय ऊर्जा और 'मेक इन यूपी' को वैश्विक मजबूती

मुख्यमंत्री की इस यात्रा में अक्षय एवं सौर ऊर्जा निवेश पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। एवीपीएन, जीएससी ग्रीन्स और ईडीपीआर सनसीप जैसी कंपनियों के साथ इस क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा होगी। राज्य सरकार के बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री निवेशकों के सामने 'नए उत्तर प्रदेश' की तस्वीर रखेंगे, जो औद्योगिक विकास और तकनीकी नवाचार के लिए तैयार है और इस दौरे को 'मेक इन यूपी' अभियान को वैश्विक स्तर पर मजबूती देने और राज्य में रोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक कदम के रूप में देखा जा रहा है।

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