चीनी टेक दिग्गज आमतौर पर मीडिया और सार्वजनिक चर्चाओं से दूरी बनाकर रखते हैं लेकिन चीनी एआई लैब DeepSeek के सीईओ लियांग वेनफेंग ने 4 घंटे की एक लंबी और विस्तृत बातचीत में ऐसा धमाका किया है जिसने पूरे सिलिकॉन वैली की नींद उड़ा दी है। ओपनएआई और एंथ्रोपिक जैसी प्रमुख अमेरिकी कंपनियों के विपरीत जो ट्रिलियन डॉलर के आईपीओ और भारी मुनाफे के पीछे भाग रही हैं DeepSeek का दावा है कि उनका एकमात्र और अंतिम लक्ष्य मानव स्तर की बुद्धिमत्ता यानी एजीआई (Artificial General Intelligence) हासिल करना है। लियांग वेनफेंग के इस बयान ने वैश्विक तकनीकी जगत में एक नई बहस छेड़ दी है।
पैसे के लिए नहीं बल्कि इंसानियत के लिए काम
जहाँ एक तरफ अमेरिकी एआई कंपनियां अरबों डॉलर के वैल्युएशन और अपने निवेशकों को मोटा रिटर्न देने की होड़ में लगी हैं वहीं लियांग वेनफेंग ने भविष्य में किसी भी आईपीओ की संभावनाओं को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। उनके मुताबिक कंपनी का राजस्व उनके लिए मूंगफली के दानों जैसा है जिसे वे अपनी प्राथमिकता सूची में सबसे नीचे रखते हैं और deepSeek का मुख्य मकसद केवल पैसा कमाना नहीं है बल्कि ऐसी एआई तकनीक बनाना है जो पूरी दुनिया और मानवता के लिए उपयोगी साबित हो सके। उन्होंने संकेत दिया कि ओपनएआई जो कभी एक नॉन प्रॉफिट संस्था थी अब पूरी तरह से कमर्शियल हो चुकी है लेकिन DeepSeek खुद को एक विजन संचालित कंपनी के रूप में देखता है।
एजीआई ही असली मंजिल
DeepSeek का पूरा ध्यान एजीआई हासिल करने पर केंद्रित है जिसका अर्थ है एक ऐसा एआई जो इंसानों की तरह स्वतंत्र रूप से सोच सके और नई चीजें सीख सके। लियांग वेनफेंग के अनुसार एआई का विकास एक सीढ़ी की तरह है जहाँ हर नया कदम पिछले मॉडल के अनुभवों पर आधारित होता है। उन्होंने बताया कि जब एआई मॉडल खुद को लगातार अपडेट करना और नया कोड लिखना सीख जाएंगे तब तकनीकी दुनिया में एक बड़ा बदलाव आएगा जिसे सिंगुलैरिटी कहा जाता है। इसके बाद एआई खुद ही अपने से बेहतर और अधिक शक्तिशाली वर्जन तैयार करने लगेगा जिससे विकास की गति अकल्पनीय हो जाएगी।
Nvidia अपनी कब्र खुद खोद रहा है
अमेरिका द्वारा चीन पर लगाए गए चिप प्रतिबंधों के संवेदनशील मुद्दे पर बोलते हुए DeepSeek के सीईओ ने कड़ा रुख अपनाया और उन्होंने कहा कि इन प्रतिबंधों के जरिए एनवीडिया खुद अपनी कब्र खोद रहा है। लियांग का मानना है कि इन प्रतिबंधों की वजह से चीन अब अपनी घरेलू चिप निर्माण क्षमता को बहुत तेजी से बढ़ा रहा है। उन्होंने विशेष रूप से हुआवेई की 950 सुपरनोड चिप्स का जिक्र किया और कहा कि ये प्रदर्शन और कीमत के मामले में एनवीडिया की GB200 और GB300 चिप्स को कड़ी टक्कर दे सकती हैं। भले ही चीन की चिप्स अभी तकनीक में थोड़ी पीछे हों लेकिन इन प्रतिबंधों ने चीनी कंपनियों को पूरी तरह आत्मनिर्भर बना दिया है।
एनवीडिया के इकोसिस्टम से आजादी
DeepSeek ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि उनके नए और उन्नत मॉडल अब एनवीडिया के सॉफ्टवेयर इकोसिस्टम पर निर्भर नहीं हैं। कंपनी ने अपनी स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए TileLang नामक अपना खुद का कंपाइलर तैयार कर लिया है। इसके अलावा DeepSeek पूरी तरह से खुला और मुफ़्त यानी ओपन वेट मॉडल देने की रणनीति पर काम कर रहा है। यह कदम अमेरिकी कंपनियों के उन महंगे सब्सक्रिप्शन मॉडल को बाजार से बाहर कर सकता है जो वर्तमान में एआई बाजार पर कब्जा जमाए हुए हैं।
सस्ते और मजबूत एआई का भविष्य
जिस तरह चीनी निर्माताओं ने दुनिया भर में इलेक्ट्रॉनिक्स सामानों को सस्ता और हर किसी के लिए सुलभ बनाया है ठीक वैसे ही DeepSeek और अन्य चीनी एआई लैब्स का इरादा बेहद सस्ते और शक्तिशाली एआई मॉडल उपलब्ध कराना है। लियांग वेनफेंग का मानना है कि आने वाले समय में अमेरिकी और चीनी एआई मॉडल की कार्यक्षमता में कोई खास अंतर नहीं रह जाएगा लेकिन चीनी मॉडल उनकी तुलना में काफी सस्ते होंगे और यह रणनीति निश्चित रूप से सिलिकॉन वैली की बादशाहत के लिए एक बहुत बड़ा खतरा पैदा कर सकती है और वैश्विक एआई बाजार के समीकरणों को पूरी तरह बदल सकती है।