दिल्ली मेट्रो स्टेशन खुले: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, प्रदर्शनकारियों से घर जाने की अपील

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दिल्ली मेट्रो स्टेशन खुले: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, प्रदर्शनकारियों से घर जाने की अपील
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देश की राजधानी दिल्ली में छात्रों के व्यापक प्रदर्शनों के बाद अब स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने की ओर बढ़ रही है। दिल्ली के कई महत्वपूर्ण मेट्रो स्टेशनों को आम जनता के लिए फिर से खोल दिया गया है। इस बीच, दिल्ली पुलिस ने एक औपचारिक अपील जारी करते हुए सभी प्रदर्शनकारियों से अपने-अपने घर लौटने का आग्रह किया है और गौरतलब है कि प्रदर्शनों के चलते सुरक्षा कारणों से दिल्ली मेट्रो के कुल 18 स्टेशनों को बंद कर दिया गया था। प्रशासन ने पहले ही लोगों को सलाह दी थी कि वे बिना किसी जरूरी काम के दिल्ली की सड़कों पर न निकलें ताकि भीड़भाड़ और सुरक्षा संबंधी समस्याओं से बचा जा सके।

मेट्रो सेवाओं की आंशिक बहाली

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) से प्राप्त ताजा जानकारी के अनुसार, तीन प्रमुख इंटरचेंज स्टेशनों पर प्रवेश और निकास द्वार फिर से खोल दिए गए हैं और इन स्टेशनों में राजीव चौक, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट और मंडी हाउस शामिल हैं। इन स्टेशनों के खुलने से यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है क्योंकि ये स्टेशन विभिन्न मेट्रो लाइनों को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण केंद्र हैं और डीएमआरसी ने पुष्टि की है कि इन स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा भी पूरी तरह से उपलब्ध है, जिससे यात्री बिना किसी परेशानी के एक लाइन से दूसरी लाइन पर जा सकते हैं। हालांकि, शनिवार सुबह बंद किए गए अन्य 15 स्टेशन अभी भी बंद हैं और वहां यात्रियों के लिए प्रवेश वर्जित है।

अभी भी बंद रहने वाले स्टेशनों की सूची

भले ही तीन बड़े स्टेशनों को खोल दिया गया है, लेकिन सुरक्षा के मद्देनजर 15 अन्य स्टेशनों पर पाबंदियां अभी भी लागू हैं। दिल्ली मेट्रो के अनुसार, लोक कल्याण मार्ग, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंभा रोड, सुप्रीम कोर्ट, सेवा तीर्थ, जनपथ, आईटीओ, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग, शिवाजी स्टेडियम, झंडेवालान और नई दिल्ली स्टेशन अभी भी बंद रखे गए हैं। कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के कारण डीएमआरसी ने पिछले चार दिनों से इन स्टेशनों को बंद करने के आदेश जारी किए थे। सरकार और सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि सेंट्रल दिल्ली में बड़ी भीड़ को जमा होने से रोकने के लिए ये पाबंदियां जरूरी हैं।

पुलिस की अपील और सुरक्षा व्यवस्था

दिल्ली पुलिस के स्पेशल कमिश्नर (लॉ एंड ऑर्डर) देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने स्थिति पर अपनी पैनी नजर बना रखी है। उन्होंने बताया कि पुलिस प्रदर्शनकारियों के हटने की प्रक्रिया पर नजर रख रही है। श्रीवास्तव ने कहा, "हम अभी लोगों के हटने पर नजर रख रहे हैं और लोग पहले ही हटने लगे हैं। हम सभी से शांत रहने और शांतिपूर्वक अपने गंतव्य की ओर जाने का अनुरोध करते हैं। हम सभी से यह भी अपील करते हैं कि कानून और व्यवस्था की कोई समस्या पैदा न करें। " सुरक्षा के कड़े इंतजामों के तहत, सरकार ने फूड डिलीवरी और ऑनलाइन कैब सेवा देने वाली कंपनियों को भी निर्देश दिया था कि वे मध्य दिल्ली के प्रभावित इलाकों में अपनी सेवाएं सीमित रखें।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा

इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक बड़ी राजनीतिक खबर सामने आई है। धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से अपना इस्तीफा दे दिया है। अपने फैसले के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि वह यह कदम छात्र हित में उठा रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनके इस कदम के बाद छात्र अपना प्रदर्शन खत्म कर घर लौटेंगे और अपने करियर पर ध्यान केंद्रित करेंगे। धर्मेंद्र प्रधान ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) के हैंडल से भी 'शिक्षा मंत्री' का पदनाम हटा दिया है। हालांकि, अभी तक उनके इस्तीफे को आधिकारिक रूप से स्वीकार किए जाने की पुष्टि नहीं हुई है। वर्तमान में, कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा व जितेंद्र सिंह के बीच महत्वपूर्ण बातचीत चल रही है। माना जा रहा है कि इस बैठक के समाप्त होने के बाद शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की आधिकारिक पुष्टि हो सकती है और कॉकरोच जनता पार्टी अपना धरना खत्म करने का ऐलान कर सकती है।

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