उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को देश की राजधानी दिल्ली पहुंचे, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके आधिकारिक आवास 7 लोक कल्याण मार्ग पर मुलाकात की। मुख्यमंत्री का यह दिल्ली दौरा राज्य की राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश में आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए अपनी तैयारियों को धार देने में जुटी हुई है।
केंद्रीय नेतृत्व के साथ महत्वपूर्ण बैठकें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से भी मिलने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। इन बैठकों के दौरान उत्तर प्रदेश के राजनीतिक परिदृश्य और पार्टी की भविष्य की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। हालांकि इन मुलाकातों के आधिकारिक एजेंडे के बारे में अभी तक कोई औपचारिक जानकारी साझा नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे 2027 के चुनावों की तैयारी और संगठन की मजबूती से जोड़कर देखा जा रहा है। यह दौरा ग्रेटर नोएडा में आयोजित उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 के ठीक बाद हो रहा है, जिसमें अमित शाह ने 25 सितंबर को शिरकत की थी।
इन्वेस्टमेंट और ट्रेड शो पर फोकस
ग्रेटर नोएडा में आयोजित ट्रेड शो के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रूस, वियतनाम, बेलारूस, जापान और सिंगापुर जैसे साझेदार देशों की कंपनियों के साथ राउंड-टेबल बैठकें की थीं। उन्होंने इन विदेशी कंपनियों को उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों जैसे डिफेंस, फार्मास्युटिकल्स, एविएशन, मेडिकल डिवाइस, कृषि और मैन्युफैक्चरिंग में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया। इस कार्यक्रम में अमित शाह ने भी उत्तर प्रदेश में निवेश के अनुकूल माहौल की सराहना की थी और राज्य की बेहतर कानून-व्यवस्था को विकास का आधार बताया था।
संगठनात्मक तैयारियां और सेवा संकल्प अभियान
इस सप्ताह की शुरुआत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने मेरठ में पार्टी की संगठनात्मक तैयारियों की समीक्षा की थी। इस बैठक में बूथ स्तर से लेकर जिला स्तर तक की गतिविधियों का जायजा लिया गया था। इसके साथ ही, बीजेपी उत्तर प्रदेश में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान चला रही है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। इस अभियान के तहत लाभार्थियों से संपर्क, सामाजिक सेवा और युवाओं की भागीदारी जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री का दिल्ली दौरा इन सभी गतिविधियों और 2027 के चुनावी रोडमैप को अंतिम रूप देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।