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दिल्ली-NCR में बारिश और तेज हवाएं, 14 राज्यों में अलर्ट जारी

दिल्ली-NCR में बारिश और तेज हवाएं, 14 राज्यों में अलर्ट जारी
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दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में सोमवार दोपहर के बाद मौसम के मिजाज में बड़ा बदलाव देखा गया और आसमान में घने काले बादल छाने के साथ ही कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। तेज हवाओं और गरज के साथ हुई इस बूंदाबांदी ने दिल्लीवासियों को बढ़ती गर्मी से बड़ी राहत प्रदान की है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, यह बदलाव उत्तर भारत में सक्रिय हुए दो नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण हुआ है। मौसम विभाग ने आज के लिए दिल्ली-एनसीआर में 'येलो अलर्ट' जारी किया है, जिसमें धूल भरी आंधी और गरज के साथ छींटे पड़ने की चेतावनी दी गई है।

दिल्ली-NCR में वायुमंडलीय परिवर्तन और हवा की गति

मौसम विभाग के अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में सोमवार को दिन भर बादल छाए रहने और रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना बनी हुई है। इस दौरान सतही हवाओं की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे रहने का अनुमान है, जो कुछ समय के लिए 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंच सकती है। तेज हवाओं के कारण दृश्यता में भी कमी दर्ज की गई है। मौसम विभाग का कहना है कि इन हवाओं और बारिश के कारण वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में भी सुधार होने की उम्मीद है। दिल्ली के सफदरजंग, पालम और लोधी रोड स्थित मौसम केंद्रों ने तापमान में गिरावट दर्ज की है, जिससे वातावरण में ठंडक बढ़ गई है।

14 राज्यों के लिए मौसम विभाग की चेतावनी

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने केवल दिल्ली ही नहीं, बल्कि देश के 14 राज्यों के लिए मौसम संबंधी चेतावनी जारी की है। उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और चंडीगढ़ में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान बारिश और गरज के साथ तेज हवाएं चलने का अनुमान है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राजस्थान के पश्चिमी हिस्सों में धूल भरी आंधी चलने की संभावना है। इसके अतिरिक्त, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी भारी बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। दक्षिण भारत के केरल राज्य में 31 मार्च से 1 अप्रैल के बीच भारी वर्षा की आशंका जताई गई है, जिसके लिए स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में ओलावृष्टि

हिमालयी क्षेत्रों में मौसम का प्रभाव अधिक तीव्र देखा जा रहा है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। कश्मीर के कुछ हिस्सों में भारी बर्फबारी के कारण यातायात प्रभावित होने की संभावना है। वहीं, मैदानी इलाकों जैसे पंजाब और हरियाणा के कुछ जिलों में ओलावृष्टि (Hailstorm) की भी चेतावनी दी गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय होने वाली ओलावृष्टि कृषि क्षेत्र के लिए चिंता का विषय बन सकती है, क्योंकि यह तैयार फसलों, विशेषकर गेहूं और सरसों को नुकसान पहुंचा सकती है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम की स्थिति को देखते हुए अपनी फसलों की कटाई और भंडारण का प्रबंधन करें।

तापमान के आंकड़ों में गिरावट और गर्मी से राहत

पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ था, लेकिन सोमवार की बारिश के बाद इसमें उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, आज दिल्ली का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मंगलवार को न्यूनतम तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस की और गिरावट आ सकती है, जिससे रात के समय मौसम अधिक ठंडा रहेगा। यह गिरावट केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की कमी आने की संभावना है।

आगामी दिनों के लिए मौसम का पूर्वानुमान

मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव अगले तीन से चार दिनों तक बना रह सकता है। 2 अप्रैल के बाद से मौसम के धीरे-धीरे साफ होने और धूप खिलने की संभावना है। हालांकि, इस दौरान नमी का स्तर ऊंचा रहेगा। पूर्वोत्तर भारत के राज्यों, जैसे असम और मेघालय में भी गरज के साथ बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अप्रैल के पहले सप्ताह में तापमान में फिर से बढ़ोतरी शुरू होगी, लेकिन फिलहाल सक्रिय मौसमी प्रणालियों के कारण लू (Heatwave) चलने की कोई संभावना नहीं है। तटीय क्षेत्रों में आर्द्रता बढ़ने से उमस भरी गर्मी का अनुभव हो सकता है।

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