दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुए दर्दनाक इमारत हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या में इजाफा हुआ है। ताजा जानकारी के अनुसार, इस हादसे में अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है। रविवार को हुई इस घटना में एक 5 मंजिला इमारत अचानक ढह गई थी, जिसके बाद वहां अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि कैसे इमारत गिरने के तुरंत बाद पूरी गली में धूल का गुबार छा गया और चारों तरफ अंधेरा सा हो गया।
बचाव कार्य और हताहतों का विवरण
प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, मलबे से अब तक 11 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। राहत और बचाव कार्य अभी भी युद्ध स्तर पर जारी है क्योंकि मलबे में और भी लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। बचाव दल हर संभव कोशिश कर रहे हैं कि फंसे हुए लोगों को जल्द से जल्द खोजा जा सके। मृतकों की संख्या 6 तक पहुंचने से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है और स्थानीय लोग डरे हुए हैं।
नगर निगम की कार्रवाई और इमारत का इतिहास
इस हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) ने सक्रियता दिखाते हुए उसी गली में स्थित अन्य जर्जर इमारतों को नोटिस जारी कर दिया है। ढह गई इमारत की पहचान पी-14, सत्य निकेतन के रूप में हुई है। यह इमारत एक पुनर्वास कॉलोनी का हिस्सा थी और लगभग 55 वर्ग गज के क्षेत्र में बनी थी। इस संपत्ति में बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और चौथी मंजिल तक का निर्माण किया गया था। बताया जा रहा है कि इस इमारत का निर्माण 1990 के दशक में हुआ था। एमसीडी के रिकॉर्ड के अनुसार, इस प्रॉपर्टी की बुकिंग या सीलिंग का पहले का कोई रिकॉर्ड मौजूद नहीं है और न ही यहां हो रहे किसी निर्माण कार्य के खिलाफ विभाग को कोई शिकायत मिली थी।
दिल्ली मेयर के कड़े निर्देश
घटना को लेकर दिल्ली के मेयर प्रवेश वाही ने रविवार शाम को कड़ा रुख अपनाया। मेयर ने स्पष्ट किया कि सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे के दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और उन्होंने आदेश दिया है कि चार मंजिल से अधिक वाले सभी अवैध निर्माणों को तत्काल प्रभाव से सील किया जाए। इसके साथ ही, उन्होंने दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल बर्खास्त करने के निर्देश दिए हैं। मेयर ने कहा कि ये आदेश तुरंत लागू किए जाएंगे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके और प्रशासन में जवाबदेही तय हो।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिए जांच के आदेश
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस पूरी घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने भवन मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश भी जारी किए हैं। " सरकार का उद्देश्य इस हादसे के पीछे की असली वजहों का पता लगाना और दोषियों को सख्त सजा दिलाना है ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके।