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दिल्ली में झमाझम बारिश से बदला मौसम: केरल में मानसून की दस्तक, एनसीआर में छाया अंधेरा

दिल्ली में झमाझम बारिश से बदला मौसम: केरल में मानसून की दस्तक, एनसीआर में छाया अंधेरा
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दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में गुरुवार को मौसम ने करवट ली और झमाझम बारिश के साथ लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली। तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण दिन में ही अंधेरा छा गया, जिससे सड़कों पर चलने वाले वाहनों को अपनी लाइटें जलानी पड़ीं। मौसम विभाग ने इस बदलाव को लेकर पहले ही येलो अलर्ट जारी किया था, जिसमें गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई थी और इस बारिश ने न केवल तापमान में गिरावट लाई है, बल्कि वातावरण को भी सुहावना बना दिया है।

पूरे दिल्ली-एनसीआर में व्यापक वर्षा

राजधानी के विभिन्न हिस्सों में सुबह से ही बादल छाए रहे और फिर जोरदार बारिश शुरू हो गई और दिल्ली के पटेल नगर, दिल्ली छावनी, करोल बाग, मॉडल टाउन, रोहिणी, छतरपुर, मालवीय नगर, महरौली, नजफगढ़, द्वारका, जनकपुरी, राजौरी गार्डन, कनॉट प्लेस और इंडिया गेट जैसे इलाकों में जमकर बादल बरसे। दिल्ली के अलावा गुरुग्राम और नोएडा में भी तेज हवाओं के साथ बारिश दर्ज की गई। इस बारिश से दिल्ली-एनसीआर के निवासियों को पिछले कई दिनों से पड़ रही उमस भरी गर्मी से निजात मिली है।

तापमान के विस्तृत आंकड़े

गुरुवार की सुबह दिल्ली में न्यूनतम तापमान 29 दशमलव 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के विभिन्न केंद्रों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, पालम में न्यूनतम तापमान 27 दशमलव 6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0 दशमलव 4 डिग्री अधिक है। लोधी रोड पर यह 28 दशमलव 4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1 दशमलव 4 डिग्री अधिक है। वहीं, रिज क्षेत्र में न्यूनतम तापमान 27 दशमलव 5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1 दशमलव 4 डिग्री अधिक है। आयानगर में न्यूनतम तापमान 28 दशमलव 4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2 दशमलव 3 डिग्री अधिक है। मौसम विभाग का अनुमान है कि दिन का अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।

केरल में मानसून का आगमन

दिल्ली में हो रही इस बारिश के बीच एक बड़ी खबर यह है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 4 जून, 2026 को केरल में प्रवेश कर लिया है। इस बार मानसून अपने निर्धारित समय से 3 दिन की देरी से पहुंचा है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून अब दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व अरब सागर के शेष हिस्सों, पश्चिम-मध्य और पूर्व-मध्य अरब सागर के कुछ भागों, पूरे लक्षद्वीप द्वीपसमूह, केरल और माहे, कर्नाटक तथा तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ गया है। इसके अलावा, यह कोमोरिन क्षेत्र के शेष भागों, दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी और उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों तक पहुंच चुका है।

मानसून का भविष्य और पूर्वानुमान

इससे पहले मौसम विभाग ने 26 मई तक मानसून के केरल पहुंचने की संभावना जताई थी, लेकिन यह जून के पहले सप्ताह में सक्रिय हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक, इस साल देश में मौसमी वर्षा, दीर्घकालिक औसत (एलपीए) की लगभग 90 प्रतिशत रहने की संभावना है। यह आंकड़ा कृषि और जल संचयन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दिल्ली और आसपास के इलाकों में मानसून के आगे बढ़ने के साथ ही आने वाले दिनों में और अधिक बारिश होने की उम्मीद है, जिससे गर्मी का प्रभाव पूरी तरह से कम हो जाएगा।

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