दक्षिण भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता और निर्देशक धनुष एक बड़े कानूनी विवाद में फंस गए हैं। यह मामला उनकी लगभग 10 साल पुरानी एक अधूरी फिल्म 'नान रुद्रन' से जुड़ा है। मीडिया रिपोर्ट्स और कानूनी दस्तावेजों के अनुसार, फिल्म निर्माण कंपनी थेनंडल फिल्म्स ने धनुष को 20 करोड़ रुपये का कानूनी नोटिस भेजा है। इस नोटिस में आरोप लगाया गया है कि अभिनेता की ओर से हुई देरी के कारण प्रोडक्शन हाउस को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा है। यह फिल्म साल 2016 में शुरू हुई थी, लेकिन कई वर्षों के बाद भी इसका निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है।
विवाद की पृष्ठभूमि और 'नान रुद्रन' प्रोजेक्ट
फिल्म 'नान रुद्रन' की शुरुआत 2016 में एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के रूप में हुई थी। इस फिल्म के लिए धनुष ने न केवल मुख्य भूमिका निभाने बल्कि निर्देशन की जिम्मेदारी संभालने पर भी सहमति जताई थी। थेनंडल फिल्म्स के अनुसार, फिल्म की शूटिंग आंशिक रूप से शुरू की गई थी और इसके लिए एक बड़ी स्टार कास्ट को भी जोड़ा गया था। हालांकि, शुरुआती चरणों के बाद फिल्म का काम रुक गया। प्रोडक्शन हाउस का दावा है कि धनुष ने इस प्रोजेक्ट को समय देने के बजाय अपनी अन्य फिल्मों की प्रतिबद्धताओं को प्राथमिकता दी, जिसके कारण 'नान रुद्रन' अधर में लटक गई।
वित्तीय मांग और कानूनी नोटिस का विवरण
थेनंडल फिल्म्स द्वारा भेजे गए कानूनी नोटिस में स्पष्ट रूप से वित्तीय क्षतिपूर्ति की मांग की गई है। कंपनी के वकीलों के अनुसार, धनुष को दिसंबर 2026 तक फिल्म का काम पूरा करने की समय सीमा दी गई है। यदि वह ऐसा करने में विफल रहते हैं, तो उन्हें कुल 21 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा। इस राशि में 20 करोड़ रुपये मूल निवेश के रूप में और 1 करोड़ रुपये अतिरिक्त हर्जाने के तौर पर मांगे गए हैं। नोटिस में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि एक सप्ताह के भीतर अभिनेता की ओर से कोई संतोषजनक प्रतिक्रिया नहीं मिलती है, तो कंपनी अदालत में औपचारिक कानूनी कार्यवाही शुरू करेगी।
प्रोडक्शन हाउस के गंभीर आरोप
प्रोडक्शन हाउस ने अपने नोटिस में कई गंभीर आरोप लगाए हैं। कंपनी का कहना है कि उन्होंने फिल्म के अन्य कलाकारों, जिनमें नागार्जुन अक्किनेनी और एसजे सूर्या जैसे बड़े नाम शामिल हैं, को पहले ही भुगतान कर दिया था और थेनंडल फिल्म्स का आरोप है कि धनुष ने फिल्म की पूरी स्क्रिप्ट समय पर जमा नहीं की और बार-बार शूटिंग की तारीखों में बदलाव किया। कंपनी के अनुसार, अभिनेता ने अन्य बैनरों की फिल्मों के लिए तारीखें आवंटित कीं, जबकि 'नान रुद्रन' के लिए उनके पास समय की कमी रही। इस देरी के कारण फिल्म की लागत लगातार बढ़ती गई और अंततः प्रोजेक्ट बंद होने की कगार पर पहुंच गया।
धनुष की वर्तमान परियोजनाएं और चुप्पी
इस पूरे विवाद पर अभी तक धनुष या उनकी टीम की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वर्तमान में धनुष कई बड़े प्रोजेक्ट्स में व्यस्त हैं। वह अपनी आगामी फिल्म 'कुबेर' और 'तेरे इश्क में' को लेकर चर्चा में हैं। इसके अलावा, उनके पास 'डी55' जैसे कई अघोषित प्रोजेक्ट्स भी हैं। फिल्म उद्योग के जानकारों का मानना है कि इस कानूनी नोटिस का असर उनके आने वाले प्रोजेक्ट्स के शेड्यूल पर भी पड़ सकता है। फिलहाल, सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या धनुष इस मामले को आपसी सहमति से सुलझाते हैं या यह विवाद अदालत तक पहुंचता है।
फिल्म उद्योग पर प्रभाव और प्रक्रिया
यह मामला फिल्म निर्माण के क्षेत्र में अनुबंधों और समयबद्धता के महत्व को रेखांकित करता है। थेनंडल फिल्म्स का कहना है कि एक बड़े बजट की फिल्म के रुकने से न केवल वित्तीय नुकसान होता है, बल्कि प्रोडक्शन हाउस की साख पर भी असर पड़ता है। फिल्म उद्योग में इस तरह के विवाद पहले भी देखे गए हैं, जहां तारीखों के टकराव या स्क्रिप्ट संबंधी मतभेदों के कारण प्रोजेक्ट्स वर्षों तक लंबित रहते हैं। 'नान रुद्रन' के मामले में, चूंकि इसमें कई अन्य बड़े सितारे भी शामिल थे, इसलिए इस विवाद ने तमिल फिल्म उद्योग में व्यापक चर्चा छेड़ दी है।