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धार भोजशाला में आज पूजा और नमाज एक साथ: 8000 जवानों का पहरा, ड्रोन से निगरानी

धार भोजशाला में आज पूजा और नमाज एक साथ: 8000 जवानों का पहरा, ड्रोन से निगरानी
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मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक और संवेदनशील शहर धार में स्थित भोजशाला में आज बसंत पंचमी का पर्व एक विशेष और कड़ी सुरक्षा के बीच मनाया जा रहा है। आज का दिन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि बसंत पंचमी के साथ-साथ शुक्रवार होने के कारण जुमे की नमाज का भी समय है। इस स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के ऐसे इंतजाम किए हैं कि पूरा शहर एक अभेद्य किले में तब्दील हो गया है। सूर्योदय के साथ ही हिंदू पक्ष ने मां वाग्देवी की। विशेष पूजा-अर्चना शुरू कर दी है, जो पूरे दिन जारी रहेगी।

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला और समय का निर्धारण

पूजा और नमाज के समय को लेकर चल रहे लंबे विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय पीठ ने एक स्पष्ट आदेश जारी किया है और सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की पीठ ने ‘हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस’ की याचिका पर सुनवाई करते हुए निर्देश दिया कि हिंदू पक्ष को सूर्योदय से सूर्यास्त तक पूजा करने का अधिकार होगा, लेकिन दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बीच का समय मुस्लिम पक्ष के लिए नमाज अदा करने हेतु आरक्षित रहेगा। इस दौरान हिंदू पक्ष परिसर से बाहर रहेगा। कोर्ट ने प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं कि दोनों पक्षों के बीच किसी भी प्रकार का टकराव न हो और शांति व्यवस्था बनी रहे।

सुरक्षा का महाजाल: 8000 जवान और एआई कैमरे

धार की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। पूरे शहर में सीआरपीएफ (CRPF), रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और। स्थानीय पुलिस के लगभग 8000 जवानों को तैनात किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए आधुनिक तकनीक का भी सहारा लिया जा रहा है। संवेदनशील इलाकों और भोजशाला परिसर के आसपास एआई (AI) तकनीक वाले कैमरों और ड्रोन के जरिए पल-पल की निगरानी की जा रही है। श्रद्धालुओं को परिसर में प्रवेश देने से पहले 13 से 14। राउंड की सुरक्षा बैरिकेडिंग और सघन तलाशी से गुजरना पड़ रहा है।

भव्य शोभा यात्रा और धर्म सभा का आयोजन

भोजशाला उत्सव समिति के अनुसार, आज के दिन को लेकर हिंदू समाज में भारी उत्साह है और सुबह 10:00 बजे उदाजी राव चौराहा (लालबाग) से एक भव्य शोभा यात्रा निकाली जा रही है। यह यात्रा शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होते हुए सुबह 11:30 बजे मोतीबाग चौक पहुंचेगी। यहाँ एक विशाल धर्म सभा का आयोजन किया गया है, जिसे विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार और स्वामी स्वदेशानंद जी संबोधित करेंगे और इस सभा के माध्यम से सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व पर प्रकाश डाला जाएगा।

गर्भगृह में महाआरती और धार्मिक अनुष्ठान

दोपहर 12:45 बजे, नमाज के समय से ठीक पहले, श्रद्धालु और विशेष अतिथि भोजशाला के गर्भगृह में प्रवेश करेंगे और मां सरस्वती की महाआरती करेंगे। इसके बाद नमाज के समय के लिए परिसर को खाली कराया जाएगा। पूरे दिन वेदारंभ संस्कार, हवन और विशेष आहुतियों का दौर चलता रहेगा। सूर्यास्त के समय इस धार्मिक अनुष्ठान की पूर्णाहुति होगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यक्ति को बिना वैध पास के परिसर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा और सोशल मीडिया पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है ताकि कोई भ्रामक जानकारी न फैले।

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