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इंदौर अग्निकांड: EV चार्जिंग से लगी आग, डिजिटल लॉक न खुलने से 8 की मौत

इंदौर अग्निकांड: EV चार्जिंग से लगी आग, डिजिटल लॉक न खुलने से 8 की मौत
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मध्य प्रदेश के इंदौर में बुधवार तड़के एक भीषण अग्निकांड में 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना बंगाली चौराहे के पास स्थित ग्रेटर बृजेश्वरी कॉलोनी में घटित हुई, जहां एक इलेक्ट्रिक कार को चार्ज करते समय हुए शॉर्ट सर्किट ने तीन मंजिला मकान को अपनी चपेट में ले लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मृतकों में रबर कारोबारी मनोज पुगलिया और उनकी गर्भवती बहू सिमरन सहित परिवार के अन्य सदस्य शामिल हैं। इस हादसे में 4 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

हादसे का प्रारंभिक कारण और प्रसार

पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, घर के बाहर खड़ी टाटा पंच इलेक्ट्रिक कार को चार्जिंग पर लगाया गया था। 00 बजे के बीच चार्जिंग पॉइंट में शॉर्ट सर्किट होने से कार में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और घर के अंदर तक फैल गई। आग की लपटों ने घर में रखे गैस सिलेंडरों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे एक के बाद एक कई धमाके हुए। धमाकों की तीव्रता इतनी अधिक थी कि मकान का एक हिस्सा पूरी तरह ढह गया।

डिजिटल लॉक और बिजली आपूर्ति का संकट

प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार, आग लगने के तुरंत बाद घर की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी। घर के मुख्य द्वारों पर डिजिटल लॉक लगे हुए थे, जो बिजली गुल होने के कारण जाम हो गए और नहीं खुले। घर के अंदर सो रहे लोगों को बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं मिला और वे धुएं तथा आग के बीच फंस गए। सुरक्षा के लिए लगाए गए आधुनिक तकनीकी उपकरण इस आपात स्थिति में लोगों के लिए जानलेवा साबित हुए।

पीड़ितों का विवरण और पारिवारिक पृष्ठभूमि

इस हादसे में जान गंवाने वाले 8 लोगों में से 6 मनोज पुगलिया के रिश्तेदार थे। बताया जा रहा है कि ये रिश्तेदार मंगलवार को ही बिहार के किशनगंज से इंदौर आए थे। मृतकों में कारोबारी की गर्भवती बहू भी शामिल है। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि ऊपरी मंजिलों पर सो रहे लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। घायलों की स्थिति भी नाजुक बनी हुई है और उनका गहन चिकित्सा इकाई में उपचार चल रहा है।

राहत कार्य और स्थानीय निवासियों की प्रतिक्रिया

हादसे के बाद स्थानीय निवासियों ने तुरंत फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचना दी। रहवासियों का आरोप है कि सूचना देने के करीब एक घंटे बाद दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। तब तक आग ने पूरे घर को तबाह कर दिया था। स्थानीय लोगों ने अपनी स्तर पर बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन सिलेंडरों के फटने के कारण वे घर के करीब नहीं जा सके। पुलिस ने मर्ग कायम कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की विस्तृत तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है।

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