Madhya Pradesh: इंदौर दूषित पानी मामला: 15 मौतों के बाद सरकार का बड़ा एक्शन, अपर आयुक्त हटाए गए, DM को नोटिस

Madhya Pradesh - इंदौर दूषित पानी मामला: 15 मौतों के बाद सरकार का बड़ा एक्शन, अपर आयुक्त हटाए गए, DM को नोटिस
| Updated on: 02-Jan-2026 05:40 PM IST
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इंदौर में दूषित पानी के कारण हुई 15 मौतों के गंभीर मामले में तत्काल और कड़े कदम उठाए हैं। उन्होंने अपर मुख्य सचिव (नगरीय प्रशासन एवं विकास) द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट पर गहन चर्चा की और इसके आधार पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए। यह घटना शहर में पेयजल आपूर्ति की गुणवत्ता और स्थानीय प्रशासन की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

लापरवाही की लंबी दास्तान

इन निर्णयों में इंदौर के अपर आयुक्त को तत्काल प्रभाव से उनके पद से हटाना शामिल है, जो इस मामले में प्रशासनिक जवाबदेही तय करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े ऐसे संवेदनशील मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने प्रभारी अधीक्षण यंत्री से जल वितरण कार्य विभाग का प्रभार तुरंत वापस लेने का निर्देश दिया है,। जिससे यह स्पष्ट होता है कि जल आपूर्ति से संबंधित जिम्मेदारियों में किसी भी प्रकार की ढिलाई को गंभीरता से लिया जाएगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए, जिलाधिकारी (DM) को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, जिसमें उनसे इस गंभीर स्थिति पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। यह कार्रवाई दर्शाती है कि राज्य सरकार इस त्रासदी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए ठोस कदम उठाना चाहती है।

मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इंदौर के दूषित पेयजल प्रकरण में राज्य शासन द्वारा की जा रही कार्रवाई की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने इंदौर नगर निगम आयुक्त और अपर आयुक्त को इस सम्बन्ध में कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश भी दिया, ताकि उनकी ओर से हुई चूक की जांच की जा सके। साथ ही, इंदौर नगर निगम में आवश्यक पदों पर तत्काल प्रभाव से पूर्ति करने के निर्देश भी दिए गए हैं, जिससे प्रशासनिक दक्षता में सुधार हो सके। इंदौर में दूषित पानी की समस्या अचानक उत्पन्न नहीं हुई थी, बल्कि यह नगर निगम प्रशासन की बड़े स्तर पर और लंबे समय से चली आ रही लापरवाही का परिणाम थी और यह बेहद चौंकाने वाली बात है कि दूषित पानी पीने से अब तक 15 लोगों की दुखद मौत हो चुकी है। इससे भी अधिक चिंताजनक तथ्य यह है कि पिछले कई हफ्तों से शहर के कुछ इलाकों में गंदे पानी की आपूर्ति हो रही थी।

वार्डवासियों ने इस संबंध में बार-बार शिकायतें दर्ज कराई थीं, लेकिन नगर निगम के अधिकारी इन शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दे रहे थे और हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे। इस घोर उपेक्षा का परिणाम यह हुआ कि पीने वाले पानी की सप्लाई लाइन में सीवर का पानी मिल गया, जिससे स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि लोगों की जान चली गई और यह घटना स्थानीय प्रशासन की संवेदनहीनता और कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही को उजागर करती है, जिसने नागरिकों के जीवन को खतरे में डाल दिया।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की चेतावनी

जांच में यह भी सामने आया है कि दूषित पानी की आपूर्ति केवल भागीरथपुरा जैसे एक इलाके तक ही सीमित नहीं थी, बल्कि शहर के 59 अन्य स्थानों पर भी सप्लाई का पानी पीने योग्य नहीं पाया गया। यह चौंकाने वाली जानकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट से सामने आई है, जो इस समस्या की व्यापकता को दर्शाती है और बोर्ड ने नगर निगम को इस गंभीर मुद्दे पर तीन बार पत्र लिखकर चेताया था। इन पत्रों में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि इन इलाकों में पानी की आपूर्ति उपचार के बाद ही की जानी चाहिए ताकि यह पीने योग्य बन सके। हालांकि, नगर निगम ने इन चेतावनियों को गंभीरता से नहीं लिया, जिसके परिणामस्वरूप यह त्रासदी हुई। यह दर्शाता है कि नियामक संस्थाओं की सलाह और चेतावनियों को किस प्रकार नजरअंदाज किया गया, जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न हुआ।

खतरनाक बैक्टीरिया की मौजूदगी

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने वर्ष 2016-17 और 2017-18 के दौरान शहर। के 60 विभिन्न स्थानों से पानी के नमूने एकत्र किए थे। इन नमूनों की विस्तृत जांच रिपोर्ट 2019 में जारी की गई थी, और इसके परिणाम बेहद चिंताजनक थे। रिपोर्ट के अनुसार, 60 में से 59 नमूने जांच में फेल पाए गए थे, जो शहर में पीने के पानी की गुणवत्ता की भयावह स्थिति को उजागर करता है। जांच में पानी में 'टोटल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया' की मौजूदगी पाई गई, जिसे सेहत के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है। यह बैक्टीरिया उल्टी, दस्त, पेट दर्द और अन्य गंभीर गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल बीमारियों का कारण बन सकता है, जैसा कि इंदौर में हुई मौतों और बीमारियों से स्पष्ट होता है। इस बैक्टीरिया की व्यापक उपस्थिति ने सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर खतरा पैदा कर दिया था, जिसकी अनदेखी नहीं की जा सकती थी।

प्रभावित क्षेत्रों की सूची

जिन इलाकों में सप्लाई का पानी पीने योग्य नहीं पाया गया, उनकी सूची काफी लंबी है और इसमें शहर के कई घनी आबादी वाले क्षेत्र शामिल हैं और इन क्षेत्रों में भागीरथपुरा, खातीपुरा, रामनगर, नाहर शाहवली रोड, खजराना, गोविंद कॉलोनी, शंकर बाग कॉलोनी, परदेशीपुरा, सदर बाजार, राजवाड़ा, जूनी इंदौर और कई अन्य इलाके शामिल हैं। शहर के जिन स्थानों से पानी के नमूने लिए गए थे, उनमें से अधिकांश में कोलीफॉर्म बैक्टीरिया की खतरनाक मात्रा पाई गई थी। इस संबंध में जानकारी नगर निगम को समय-समय पर दी गई थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि निगम प्रशासन को इस गंभीर समस्या की पूरी जानकारी थी, फिर भी कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। यह स्थिति स्थानीय निवासियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति घोर उपेक्षा को दर्शाती है। और यह भी बताती है कि कैसे प्रशासनिक निष्क्रियता ने एक बड़ी त्रासदी को जन्म दिया।

नए अपर आयुक्तों की नियुक्ति

मुख्यमंत्री की सख्ती और इस गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई के बाद,। इंदौर नगर निगम में प्रशासनिक सुधार की दिशा में कदम उठाए गए हैं। सरकार ने इंदौर को तीन नए अपर आयुक्त प्रदान किए हैं, जिससे प्रशासनिक क्षमता को मजबूत करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने का प्रयास किया जा रहा है और आकाश सिंह, प्रखर सिंह और आशीष कुमार पाठक को इंदौर का नया अपर आयुक्त नियुक्त किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश भी जारी कर दिया है। इन नियुक्तियों का उद्देश्य नगर निगम के जल वितरण और स्वच्छता प्रबंधन विभागों में नई ऊर्जा और जवाबदेही लाना है, ताकि शहरवासियों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा सके और भविष्य में ऐसी त्रासदियों से बचा जा सके और यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है कि इंदौर के नागरिक सुरक्षित पेयजल प्राप्त कर सकें और ऐसी दुखद घटना दोबारा न हो।

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।