जिबूती के पास नाव पलटने से 109 प्रवासियों की मौत, 15 बच्चों ने भी गंवाई जान

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जिबूती के पास नाव पलटने से 109 प्रवासियों की मौत, 15 बच्चों ने भी गंवाई जान
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पूर्वी अफ्रीका में जिबूती के तट पर एक भीषण समुद्री हादसा हुआ है, जहां 305 प्रवासियों को ले जा रही एक नाव के पलटने से कम से कम 109 लोगों की मौत हो गई है। इंटरनेशनल ऑर्गनाइज़ेशन फ़ॉर माइग्रेशन (IOM) ने रविवार को इस दुखद घटना की जानकारी साझा की। इस हादसे में जान गंवाने वालों में 15 मासूम बच्चे भी शामिल हैं, जो बेहतर भविष्य की तलाश में इस खतरनाक सफर पर निकले थे। प्रशासन और राहत टीमें अभी भी लापता लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं।

हादसे का विवरण और हताहतों की संख्या

आईओएम के अनुसार, यह नाव जिबूती से यमन की ओर जा रही थी। बताया जा रहा है कि यह हादसा गुरुवार की रात या शुक्रवार की सुबह के दौरान हुआ। नाव पर क्षमता से अधिक लोग सवार थे, जिनकी कुल संख्या 305 थी। अब तक की रिपोर्ट के मुताबिक, मरने वालों की कुल संख्या 109 तक पहुंच गई है। मृतकों के आंकड़ों का विश्लेषण करें तो इसमें 52 पुरुष, 42 महिलाएं और 15 बच्चे शामिल हैं।

राहत और बचाव कार्यों के दौरान 80 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है, लेकिन संकट अभी टला नहीं है। कम से कम 116 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश के लिए अभियान जारी है। समुद्र की लहरों के बीच लापता लोगों के मिलने की उम्मीदें समय बीतने के साथ कम होती जा रही हैं, जिससे मृतकों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका बनी हुई है।

खतरनाक माइग्रेशन कॉरिडोर और प्रवासियों की मजबूरी

आईओएम ने अपने आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया कि 'हॉर्न ऑफ अफ्रीका' क्षेत्र से हजारों प्रवासी सुरक्षा और आर्थिक अवसरों की तलाश में इस रास्ते का उपयोग करते हैं। ये प्रवासी जिबूती के रास्ते होते हुए बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) को पार कर खाड़ी देशों तक पहुंचने की कोशिश करते हैं। यमन में जारी हिंसा और अस्थिरता के बावजूद, प्रवासियों की यह आवाजाही थमी नहीं है। अपनी और अपने परिवार की आजीविका सुधारने की चाहत में ये लोग अपनी जान जोखिम में डालकर इस खतरनाक समुद्री रास्ते को चुनते हैं।

अधिकारियों का बयान और राहत कार्य

जिबूती में आईओएम के मिशन प्रमुख एलेक्जेंडर कॉइसेक ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। " कॉइसेक के अनुसार, यह त्रासदी इस बात की एक कठोर याद दिलाती है कि आर्थिक मौकों की तलाश में इस माइग्रेशन कॉरिडोर से गुजरने वाले प्रवासियों को किन भयानक खतरों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

वर्तमान में, स्थानीय प्रशासन और आईओएम की टीमें जीवित बचे लोगों को हर संभव चिकित्सा सहायता प्रदान करने में जुटी हुई हैं और हादसे का शिकार हुए लोग गहरे सदमे में हैं और उन्हें शारीरिक व मानसिक उपचार दिया जा रहा है। बेहतर आजीविका की उम्मीद में सफर कर रहे इन प्रवासियों का इस तरह काल के गाल में समा जाना मानवता के लिए एक गंभीर चेतावनी माना जा रहा है। राहत दल अभी भी समुद्र में लापता 116 लोगों की खोज कर रहे हैं।

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