कर्नाटक की राजनीति में आज एक बेहद महत्वपूर्ण और भावुक मोड़ देखने को मिला है। राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने से ठीक पहले डीके शिवकुमार ने अपनी मां गौराम्मा का आशीर्वाद लिया और लोक भवन में आयोजित होने वाले मुख्य समारोह से पहले सामने आई इन तस्वीरों में डीके शिवकुमार अपनी मां के पैर छूते हुए नजर आए। मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालने से पहले अपनी मां के प्रति उनका यह सम्मान सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। यह पल उनके व्यक्तिगत और राजनीतिक जीवन के सबसे बड़े पड़ावों में से एक है।
शपथ ग्रहण समारोह का विवरण
कर्नाटक में नई सरकार के गठन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और राज्यपाल थावरचंद गहलोत आज शाम 4 बजकर 5 मिनट पर लोक भवन के ग्लास हाउस में आयोजित एक भव्य समारोह में नए मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिमंडल को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। इस समारोह के लिए सुरक्षा और अन्य प्रशासनिक व्यवस्थाएं चाक-चौबंद की गई हैं। ग्लास हाउस में होने वाला यह कार्यक्रम राज्य की नई प्रशासनिक दिशा तय करेगा और इसमें कई गणमान्य व्यक्तियों के शामिल होने की उम्मीद है।
मंत्रिमंडल का स्वरूप और नए चेहरे
मुख्यमंत्री पद के लिए नामित डीके शिवकुमार के साथ आज 13 विधायक मंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। कांग्रेस पार्टी के सूत्रों के अनुसार, वरिष्ठ नेता जी. परमेश्वर राज्य के नए उपमुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभालेंगे। इस बार के कैबिनेट गठन में अनुभव और नए उत्साह का संतुलन बनाने का प्रयास किया गया है। शपथ लेने वाले अधिकांश नेता पूर्ववर्ती सिद्धरमैया सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं, जिससे शासन में निरंतरता बनी रहेगी। हालांकि, इस बार कुछ नए नामों को भी जगह दी गई है। टी. खादर को छोड़कर बाकी सभी नाम पुरानी कैबिनेट का हिस्सा रहे हैं।
राज्यपाल को भेजी गई अंतिम सूची
कांग्रेस विधायक दल के नेता डीके शिवकुमार ने मंत्रियों की अंतिम सूची राज्यपाल थावरचंद गहलोत को सौंप दी है और राज्यपाल को लिखे अपने आधिकारिक पत्र में उन्होंने विनम्रतापूर्वक अनुरोध किया कि वह मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएं। इस पत्र के माध्यम से सरकार गठन की संवैधानिक प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया गया।
शपथ लेने वाले मंत्रियों की पूरी सूची
के. शिवकुमार (मुख्यमंत्री) और जी. परमेश्वर (उपमुख्यमंत्री) के नाम सबसे ऊपर हैं। एच. जे. बी. टी. खादर, ईश्वर खंड्रे, यतींद्र सिद्धरमैया, बिरथी सुरेश और शरण प्रकाश पाटिल भी कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ लेंगे। यह 14 सदस्यीय टीम कर्नाटक के विकास और शासन की जिम्मेदारी संभालेगी।
सत्ता परिवर्तन का घटनाक्रम
इस नई सरकार के गठन की नींव 28 मई को पड़ी थी, जब आलाकमान के साथ हुए समझौते के तहत सिद्धरमैया ने मुख्यमंत्री पद से अपना इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद 30 मई को बेंगलुरु में कांग्रेस विधायक दल की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सिद्धरमैया ने स्वयं डीके शिवकुमार के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे सभी विधायकों ने सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया। इस सर्वसम्मति के बाद शिवकुमार ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मुलाकात कर सरकार बनाने का औपचारिक दावा पेश किया था। आज उसी प्रक्रिया का समापन डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के साथ हो रहा है।