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ट्रंप के हाथ पर नीला निशान: क्या है राष्ट्रपति की बीमारी का सच? खुद दी सफाई

ट्रंप के हाथ पर नीला निशान: क्या है राष्ट्रपति की बीमारी का सच? खुद दी सफाई
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं, लेकिन इस बार वजह उनकी कोई नीति नहीं बल्कि उनके हाथ पर दिखा एक रहस्यमयी नीला निशान है और दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (WEF) के दौरान, जब ट्रंप 'बोर्ड ऑफ पीस' की स्थापना के लिए हस्ताक्षर कर रहे थे, तब उनके बाएं हाथ के पीछे एक गहरा नीला-बैंगनी निशान देखा गया। इस दृश्य ने सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह चर्चा छेड़। दी कि क्या 79 वर्षीय राष्ट्रपति किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ निशान

समारोह के दौरान हाई-डेफिनिशन कैमरों ने ट्रंप के हाथ की क्लोज-अप तस्वीरें लीं, जिसमें वह निशान साफ नजर आ रहा था। देखते ही देखते ट्विटर (अब X) और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर अटकलों का दौर शुरू हो गया। कुछ यूजर्स ने इसे उम्र से संबंधित कमजोरी बताया, तो कुछ ने इसे आंतरिक रक्तस्राव या किसी गंभीर बीमारी का लक्षण करार दिया। ट्रंप की उम्र को देखते हुए उनकी सेहत हमेशा से ही विपक्ष और जनता के लिए एक संवेदनशील मुद्दा रही है।

ट्रंप ने खुद तोड़ी चुप्पी

अफवाहों को बढ़ता देख राष्ट्रपति ट्रंप ने एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, "मैं पूरी तरह स्वस्थ हूं और ऊर्जा से भरा हुआ हूं और यह निशान किसी बीमारी का नहीं, बल्कि एक छोटी सी दुर्घटना का नतीजा है। " ट्रंप ने बताया कि हस्ताक्षर करने वाली मेज के एक नुकीले कोने से उनका हाथ टकरा गया था, जिसकी वजह से वहां नील पड़ गया। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि उन्होंने उस पर मरहम लगा लिया है और डॉक्टरों ने किसी विशेष इलाज की जरूरत नहीं बताई है।

एस्पिरिन और नीले निशान का कनेक्शन

ट्रंप ने अपनी सफाई में एक महत्वपूर्ण मेडिकल जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि वह अपने दिल को दुरुस्त रखने के लिए रोजाना 325 मिलीग्राम एस्पिरिन लेते हैं। चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, एस्पिरिन एक 'ब्लड थिनर' (खून पतला करने वाली दवा) के रूप में काम करती है। जब खून पतला होता है, तो त्वचा के नीचे की छोटी रक्त वाहिकाएं मामूली चोट से भी आसानी से फट सकती हैं, जिससे गहरा नीला निशान बन जाता है और ट्रंप ने कहा, "एस्पिरिन दिल के लिए अच्छी है, लेकिन इसके साथ ऐसे छोटे-मोटे निशान झेलने पड़ते हैं।

व्हाइट हाउस और डॉक्टरों की राय

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने भी राष्ट्रपति के बयान का समर्थन किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह चोट कार्यक्रम के दौरान ही लगी थी और इससे पहले ट्रंप के हाथ पर ऐसा कोई निशान नहीं था और वहीं, ट्रंप के निजी चिकित्सक डॉ. सीन बारबाबेला ने पुष्टि की कि राष्ट्रपति का हृदय स्वास्थ्य स्थिर है और वह एस्पिरिन की उच्च खुराक ले रहे हैं। हालांकि, कुछ स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि 325 मिलीग्राम की खुराक काफी अधिक है,। क्योंकि आमतौर पर हृदय सुरक्षा के लिए 75 से 100 मिलीग्राम ही पर्याप्त होती है।

क्या वाकई चिंता की बात है?

विशेषज्ञों के अनुसार, बुजुर्गों में 'एस्पिरिन' के कारण होने वाली ब्रूजिंग (नील पड़ना) एक सामान्य प्रक्रिया है। इसे 'सेनाइल प्यूर्पुरा' भी कहा जाता है, जहां उम्र के साथ त्वचा पतली हो जाती है और रक्त वाहिकाएं कमजोर। ट्रंप के मामले में, उनकी सक्रियता और दावोस में उनके लंबे भाषणों ने यह संकेत दिया है कि वह फिलहाल किसी बड़ी शारीरिक अक्षमता का सामना नहीं कर रहे हैं। फिर भी, इस नीले निशान ने दुनिया को यह याद दिला दिया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति की सेहत पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी रहती हैं।

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