प्रेस कॉन्फ्रेंस का समय और आधिकारिक घोषणा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आज व्हाइट हाउस में एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगे और आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह ब्रीफिंग अमेरिकी समयानुसार दोपहर 1:00 बजे आयोजित की जाएगी, जो भारतीय समयानुसार आज रात 10:30 बजे होगी। इस प्रेस वार्ता का मुख्य उद्देश्य ईरान के भीतर चलाए गए एक अत्यंत साहसी और सफल रेस्क्यू ऑपरेशन के विवरणों को सार्वजनिक करना है। राष्ट्रपति ट्रंप इस मिशन की सफलता और इसमें शामिल अमेरिकी सैन्य बलों की वीरता पर प्रकाश डालेंगे।
पायलट का संघर्ष और पहाड़ों में बचाव
ईरान के ऊपर मार गिराए गए अमेरिकी एफ-15E नेविगेटर के बचाव के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने आई है। इजरायली मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद पायलट को सिर में गंभीर चोटें आई थीं, जिसके कारण वह कुछ समय के लिए अचेत हो गए थे। होश में आने के बाद, उन्होंने शुक्रवार दोपहर 12:00 बजे मुख्यालय के साथ अपना पहला संपर्क स्थापित किया। पकड़े जाने के जोखिम को देखते हुए, पायलट ने अदम्य साहस दिखाया और लगभग 10-12 किलोमीटर पैदल चलकर पहाड़ों की एक सुरक्षित दरार में शरण ली। वहां से उन्होंने अपनी सटीक भौगोलिक स्थिति (Coordinates) भेजी।
अमेरिकी सेना का साहसी जमीनी अभियान
बचाव अभियान को अंजाम देने के लिए अमेरिकी सेना ने एक जटिल रणनीति अपनाई। पायलट की लोकेशन से लगभग 18 किलोमीटर दूर एक खुले खेत को अस्थायी लैंडिंग जोन के रूप में चुना गया और उस पर नियंत्रण स्थापित किया गया। इस ऑपरेशन में दो विशेष विमानों और छोटे हेलीकॉप्टरों का उपयोग किया गया। हेलीकॉप्टरों ने सीधे उस पहाड़ी दरार तक उड़ान भरी जहां पायलट छिपा हुआ था। पायलट को सुरक्षित निकालने के बाद उन्हें वापस उसी खेत में लाया गया जहां बड़े परिवहन विमान तैनात थे।
इजरायली खुफिया तंत्र और सैन्य सहयोग
इस पूरे ऑपरेशन की सफलता में इजरायल की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है और इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने न केवल सटीक खुफिया जानकारी प्रदान की, बल्कि अमेरिकी सेना को सुरक्षित गलियारा देने के लिए ईरानी हवाई रक्षा प्रणालियों को भी व्यस्त रखा। शुक्रवार और शनिवार के दौरान, इजरायल ने रणनीतिक रूप से उन क्षेत्रों में हमले जारी रखे जो रेस्क्यू जोन से दूर थे, ताकि ईरानी सेना का ध्यान भटकाया जा सके। इजरायल ने उस विशिष्ट क्षेत्र में किसी भी प्रकार के हमले से परहेज किया जहां पायलट के होने की संभावना थी।
सैन्य उपकरणों का विनाश और सुरक्षित वापसी
रेस्क्यू ऑपरेशन के अंतिम चरण में कुछ तकनीकी चुनौतियां उत्पन्न हुईं। जब अमेरिकी विमान पायलट को लेकर वापस उड़ान भरने की तैयारी कर रहे थे, तब कुछ विमान खेत की नरम मिट्टी में फंस गए। सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए और यह सुनिश्चित करने के लिए कि अमेरिकी सैन्य तकनीक ईरान के हाथ न लगे, सेना ने उन विमानों को वहीं नष्ट करने का निर्णय लिया। पायलट को सुरक्षित रूप से सुरक्षित क्षेत्र में पहुंचा दिया गया है और वर्तमान में उनका चिकित्सा उपचार जारी है। राष्ट्रपति ट्रंप आज रात इस पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि करेंगे।