ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक नए चरम पर पहुंच गया है। ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया चेतावनी का कड़ा जवाब देते हुए स्पष्ट किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) तभी खोला जाएगा जब संघर्ष से हुए वित्तीय नुकसान की पूरी तरह से भरपाई कर दी जाएगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को जलडमरूमध्य खोलने के लिए एक निश्चित समय सीमा दी है और ऐसा न करने पर गंभीर सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है।
मुआवजे की मांग और कानूनी ढांचा
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के कार्यालय में संचार उप प्रमुख मेहदी तबताबाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के माध्यम से ईरान का रुख स्पष्ट किया और उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को केवल एक नई कानूनी व्यवस्था के तहत ही खोला जाएगा। इस व्यवस्था के तहत, युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों से वसूले जाने वाले शुल्क के एक हिस्से से की जाएगी। ईरानी अधिकारियों ने पहले ही संकेत दिया है कि वे जलडमरूमध्य से कुछ टैंकरों के सुरक्षित मार्ग के लिए शुल्क लेना जारी रखेंगे। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय शिपिंग विशेषज्ञों और कई देशों की सरकारों ने इस प्रस्तावित शुल्क की आलोचना की है।
ट्रंप का अल्टीमेटम और सैन्य चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट के माध्यम से ईरान को मंगलवार रात 8:00 बजे (ईस्टर्न टाइम) तक की समय सीमा दी थी। यह समय सीमा तेहरान के समयानुसार बुधवार सुबह 3:30 बजे (00:00 GMT) समाप्त हो रही थी। ट्रंप ने वॉल स्ट्रीट जर्नल को दिए एक साक्षात्कार में अपनी चेतावनी को और कड़ा करते हुए कहा कि यदि ईरान इस समय सीमा तक मार्ग नहीं खोलता है, तो उसके पास कोई बिजली संयंत्र या पुल सुरक्षित नहीं बचेगा। उन्होंने स्पष्ट संकेत दिया कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य बंद रहता है, तो अमेरिका ईरान के नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बना सकता है।
ईरानी नेतृत्व की तीखी प्रतिक्रिया
मेहदी तबताबाई ने राष्ट्रपति ट्रंप पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि अमेरिकी नेता बेहद निराशा और गुस्से में गलत भाषा का उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि ट्रंप की यह बयानबाजी क्षेत्र में पूरी तरह से युद्ध जैसी स्थिति पैदा कर रही है। ईरानी अधिकारियों का मानना है कि अमेरिका का दबाव और धमकियां अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन हैं। तेहरान ने स्पष्ट किया है कि वह अपनी संप्रभुता और आर्थिक हितों की रक्षा के लिए किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेगा और मुआवजे की मांग पर अडिग रहेगा।
संयुक्त राष्ट्र में ईरान का आधिकारिक रुख
संयुक्त राष्ट्र में ईरान के स्थायी मिशन ने भी राष्ट्रपति ट्रंप के संदेश की कड़ी निंदा की है। मिशन ने इसे ईरान के नागरिकों के जीवन के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे को नष्ट करने की एक खुली धमकी करार दिया है और ईरानी मिशन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। मिशन द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय और सभी देशों का यह कानूनी दायित्व है कि वे ऐसे युद्ध अपराधों को रोकने के लिए कार्रवाई करें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो स्थिति नियंत्रण से बाहर हो सकती है।
होर्मुज जलडमरूमध्य का सामरिक महत्व
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल पारगमन मार्गों में से एक है। वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा इसी संकीर्ण जलमार्ग से होकर गुजरता है। इसके बंद होने से वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी अस्थिरता आने की संभावना है। वर्तमान में, ईरान इस मार्ग पर अपना नियंत्रण होने का दावा कर रहा है और इसे एक सौदेबाजी के उपकरण के रूप में उपयोग कर रहा है। अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए इस मार्ग का खुला रहना वैश्विक अर्थव्यवस्था की स्थिरता के लिए अनिवार्य है। दोनों देशों के बीच जारी यह गतिरोध अब एक ऐसी स्थिति में पहुंच गया है जहां कूटनीतिक समाधान की गुंजाइश कम होती दिख रही है।