इंग्लैंड ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 में खेले गए तीसरे स्थान के मुकाबले में फ्रांस को हराकर एक यादगार जीत दर्ज की है। मियामी स्टेडियम में खेले गए इस रोमांचक मैच में गोलों की जबरदस्त बौछार देखने को मिली, जिसमें अंततः इंग्लैंड ने बाजी मारी। इस मुकाबले में कुल 10 गोल दागे गए, जिनमें से 6 गोल इंग्लैंड की ओर से आए, जबकि फ्रांस की टीम 4 गोल करने में सफल रही। फ्रांस को 6-4 से मात देकर इंग्लैंड ने टूर्नामेंट में तीसरे स्थान पर रहकर अपने सफर का समापन किया। यह उपलब्धि इंग्लैंड के लिए बेहद खास है क्योंकि 1966 के बाद यह उनका वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन है। गौरतलब है कि 1966 में इंग्लैंड की टीम विश्व विजेता बनी थी।
44 साल बाद दोहराया गया इतिहास
जब इस मुकाबले की शुरुआत हुई थी, तो किसी ने यह कल्पना नहीं की थी कि इसका परिणाम फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास के उन पन्नों में दर्ज होगा जो 44 साल पहले लिखे गए थे। मैच में दागे गए 10 गोलों ने इसे एक ऐतिहासिक दर्जा दिला दिया है। फीफा वर्ल्ड कप के अब तक के इतिहास में केवल 6 मैच ही ऐसे हुए हैं जिनमें 10 या उससे अधिक गोल हुए हैं। इंग्लैंड और फ्रांस के बीच मियामी स्टेडियम पर खेला गया यह मुकाबला अब इस सूची में छठे स्थान पर आ गया है। इससे पहले साल 1982 में हंगरी और साल्वाडोर के बीच खेले गए मैच में 11 गोल हुए थे, जिसे हंगरी ने 10-1 से जीता था। मियामी में खेला गया यह मैच फुटबॉल प्रेमियों के लिए किसी रोमांचक फिल्म से कम नहीं था।
पहले हाफ में इंग्लैंड का दबदबा
मुकाबले की शुरुआत से ही इंग्लैंड ने आक्रामक रुख अपनाया। मैच का पहला गोल इंग्लैंड की ओर से राइस ने दागा, जो खेल के केवल 3रे मिनट में ही आ गया था। इस शुरुआती बढ़त ने इंग्लैंड के हौसले बुलंद कर दिए। इसके 15 मिनट बाद यानी मैच के 18वें मिनट में कोंसा ने गोल दागकर इंग्लैंड की बढ़त को 2-0 कर दिया। इंग्लैंड का आक्रमण यहीं नहीं रुका और बुकायो साका ने अपनी चमक बिखेरनी शुरू की। साका ने मैच के 38वें और 46वें मिनट में दो शानदार गोल किए। इस तरह पहले हाफ का खेल खत्म होने तक इंग्लैंड ने फ्रांस पर 4-0 की मजबूत बढ़त बना ली थी और ऐसा लग रहा था कि मैच पूरी तरह से इंग्लैंड की मुट्ठी में है।
फ्रांस का पलटवार और साका की हैट्रिक
मैच का दूसरा हाफ शुरू होते ही फ्रांस ने जबरदस्त वापसी की कोशिश की और फ्रांस के कप्तान किलियन एम्बाप्पे ने 48वें मिनट में अपनी टीम के लिए पहला गोल किया। इसके ठीक 6 मिनट बाद 54वें मिनट में बारकोला ने एक और गोल दागकर मैच में रोमांच पैदा कर दिया। अब स्कोर 2-4 हो चुका था। फ्रांस ने अपना दबाव जारी रखा और 66वें मिनट में किलियन एम्बाप्पे ने अपना दूसरा गोल करते हुए स्कोर को 3-4 पर ला खड़ा किया। मैच के अंतिम क्षणों में रोमांच चरम पर था। हालांकि, 87वें मिनट में बुकायो साका ने अपना तीसरा गोल दागकर अपनी हैट्रिक पूरी की और इंग्लैंड को 5-3 से आगे कर दिया। एक्स्ट्रा टाइम में फ्रांस ने एक और गोल किया, लेकिन तुरंत बाद जूड बेलिंघम ने इंग्लैंड के लिए छठा गोल दागकर जीत पक्की कर दी। अंततः इंग्लैंड 6-4 से विजयी रहा।