इंग्लैंड क्रिकेट टीम ने लीड्स के बाद अब लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर भी अपनी बादशाहत साबित कर दी है। इंग्लैंड ने पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की और इसके साथ ही 3 मैचों की इस टेस्ट सीरीज को अपने नाम कर लिया है। यह जीत इंग्लैंड के लिए बेहद खास है क्योंकि दिसंबर 2024 के बाद टीम ने पहली बार कोई टेस्ट सीरीज जीती है। सीरीज के शुरुआती दोनों मैचों में जीत हासिल कर इंग्लैंड ने 2 0 की अजेय बढ़त बना ली है, जिससे पाकिस्तान की सीरीज बचाने की उम्मीदें पूरी तरह खत्म हो गई हैं। लॉर्ड्स में खेले गए इस मुकाबले में इंग्लैंड ने पाकिस्तान को खेल के चौथे दिन ही 194 रनों के बड़े अंतर से शिकस्त दी।
चौथे दिन का खेल और इंग्लैंड की दूसरी पारी
रविवार 30 अगस्त को लॉर्ड्स टेस्ट मैच का चौथा दिन था। इंग्लैंड ने अपनी दूसरी पारी को 177 रन के स्कोर से आगे बढ़ाना शुरू किया। उस समय टीम के पास केवल 3 विकेट शेष थे। हालांकि, इंग्लैंड की यह पारी चौथे दिन ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी और पाकिस्तान के तेज गेंदबाज मोहम्मद अब्बास ने सुबह के सत्र में ही अपनी धारदार गेंदबाजी का प्रदर्शन किया और इंग्लैंड के बाकी बचे 2 विकेट जल्दी ही झटक लिए। इस तरह इंग्लैंड की पूरी टीम अपनी दूसरी पारी में 208 रन बनाकर ऑल आउट हो गई। मोहम्मद अब्बास ने इस पारी में शानदार गेंदबाजी करते हुए अपने 5 विकेट पूरे किए। इंग्लैंड की धरती पर यह उनका पहला 5 विकेट हॉल है। पूरे मैच की बात करें तो अब्बास ने कुल 9 विकेट अपने नाम किए। अब्बास के इस बेहतरीन प्रदर्शन के बावजूद इंग्लैंड ने पाकिस्तान के सामने जीत के लिए 389 रनों का एक बेहद मुश्किल लक्ष्य रखा।
पाकिस्तानी बल्लेबाजी का एक और फ्लॉप शो
389 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करना पाकिस्तान के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं था। क्रिकेट प्रेमियों की नजरें इस बात पर टिकी थीं कि क्या पाकिस्तानी बल्लेबाज इस बार कुछ संघर्ष दिखा पाएंगे और क्या टीम इस सीरीज में पहली बार 200 रनों का आंकड़ा पार कर सकेगी। लेकिन मैदान पर उतरते ही पाकिस्तानी बल्लेबाजों ने एक बार फिर निराश किया। टीम के कप्तान बाबर आजम से बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन वह जोफ्रा आर्चर की एक तेज बाउंसर गेंद पर बेहद खराब तरीके से अपना विकेट गंवा बैठे। बाबर के आउट होते ही पाकिस्तान की बल्लेबाजी ताश के पत्तों की तरह बिखरने लगी। मध्यक्रम के अन्य बल्लेबाज भी इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों के सामने टिकने में नाकाम रहे और एक के बाद एक पवेलियन लौटते गए।
सऊद शकील का संघर्ष और बदकिस्मती
बल्लेबाजी के इस पतन के बीच सऊद शकील ने एक छोर संभाले रखा। पिछले कुछ समय से खराब फॉर्म के कारण भारी दबाव झेल रहे शकील ने इस कठिन परिस्थिति में जबरदस्त जुझारूपन दिखाया। उन्होंने इंग्लैंड के गेंदबाजों का डटकर सामना किया और पाकिस्तान की हार को टालने की पूरी कोशिश की और शकील की यह पारी टीम को जीत तो नहीं दिला सकी, लेकिन इसने टीम में उनके स्थान को लेकर उठ रहे सवालों पर विराम जरूर लगा दिया। हालांकि, शकील बेहद बदकिस्मत रहे और अपने शतक से मात्र 3 रन पहले 97 रन के स्कोर पर आउट हो गए। उनके आउट होते ही पाकिस्तान की रही सही उम्मीदें भी खत्म हो गई और पूरी टीम 194 रनों पर सिमट गई। इंग्लैंड की ओर से ऑली रॉबिनसन ने पहली पारी की तरह दूसरी पारी में भी 4 विकेट लिए, जबकि जॉश टंग को 3 और जोफ्रा आर्चर को 2 सफलताएं मिलीं।
72 साल बाद पाकिस्तान की ऐसी दुर्दशा
इस हार के साथ ही पाकिस्तान के नाम एक बेहद शर्मनाक रिकॉर्ड दर्ज हो गया है। टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में 72 साल बाद पाकिस्तान की ऐसी दुर्दशा देखने को मिली है। इस सीरीज के अब तक के 2 मैचों की 4 पारियों में पाकिस्तान एक बार भी 200 रनों का आंकड़ा नहीं छू सका है। लीड्स टेस्ट में पाकिस्तान ने 171 और 139 रन बनाए थे, जबकि लॉर्ड्स टेस्ट में टीम 110 और 194 रनों पर ही ढेर हो गई। साल 1954 के बाद यह पहला मौका है जब पाकिस्तान किसी टेस्ट सीरीज की लगातार 4 पारियों में 200 रन बनाने में नाकाम रहा है। इंग्लैंड ने इस जीत के साथ न केवल सीरीज जीती है, बल्कि पाकिस्तान की बल्लेबाजी की कमजोरियों को भी पूरी दुनिया के सामने उजागर कर दिया है।