अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जेफरी एपस्टीन मामले से संबंधित जांच फाइलों को सार्वजनिक करने की प्रक्रिया में एक बड़ी सुरक्षा चूक सामने आई है। हाल ही में जारी किए गए हजारों पन्नों के दस्तावेजों में पीड़ितों की पहचान और उनकी संवेदनशील निजी जानकारी को सुरक्षित रखने के लिए किए गए रिडक्शन (काली स्याही से छिपाना) के प्रयास विफल रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, इन फाइलों में यौन शोषण की शिकार महिलाओं की अनसेंसर्ड नग्न तस्वीरें, उनके बैंक खाते के विवरण और सोशल सिक्योरिटी नंबर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं और यह घटनाक्रम तब सामने आया है जब अमेरिकी सरकार एपस्टीन के पीड़ितों के लिए गोपनीयता सुरक्षा बनाए रखने के कानूनी वादे के तहत इन फाइलों को सार्वजनिक कर रही थी।
गोपनीयता सुरक्षा और रिडक्शन की विफलता
एसोसिएटेड प्रेस और अन्य प्रमुख समाचार संगठनों द्वारा की गई समीक्षा में पाया गया कि न्याय विभाग द्वारा जारी किए गए दस्तावेजों में रिडक्शन का काम बेहद लापरवाह और असंगत तरीके से किया गया है। कई स्थानों पर संवेदनशील जानकारी को छिपाने के बजाय उसे पूरी तरह खुला छोड़ दिया गया है। उदाहरण के तौर पर, फ्लोरिडा में एपस्टीन को यौन मालिश देने वाली एक नाबालिग लड़की की तस्वीर बिना किसी ब्लर या सेंसर के जारी कर दी गई। इसके अतिरिक्त, पुलिस रिपोर्टों में उन पीड़ितों के नाम भी शामिल हैं जिन्होंने पहले कभी सार्वजनिक रूप से अपनी पहचान उजागर नहीं की थी। विशेषज्ञों के अनुसार, यह चूक उन व्यक्तियों के लिए स्थायी और अपूर्णीय क्षति का कारण बन सकती है जिन्हें सरकार ने सुरक्षा का आश्वासन दिया था।
कुत्ते का नाम छिपाया पर पीड़ितों के चेहरे उजागर
इन फाइलों में एक विचित्र विसंगति भी देखी गई है। एक ईमेल में एक पालतू कुत्ते का नाम रिडेक्टेड (छिपाया) गया है, जबकि उसी फाइल में पीड़ितों के चेहरे और उनके निजी विवरणों को सार्वजनिक छोड़ दिया गया। ईमेल में लिखा था कि एक घंटा कुत्ते को घुमाने और नहलाने में बिताया गया, जहां कुत्ते का नाम काली स्याही से ढका हुआ था। न्याय विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्टाफ को केवल पीड़ितों और उनके परिवारों से संबंधित जानकारी को ही छिपाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन व्यावहारिक रूप से इसके उलट परिणाम देखने को मिले हैं। वकीलों का तर्क है कि जहां जानवरों की पहचान को सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया, वहीं मानव पीड़ितों की गरिमा और सुरक्षा की अनदेखी की गई।
पीड़ितों और कानूनी प्रतिनिधियों की तीखी प्रतिक्रिया
इस चूक पर पीड़ितों ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। एनी फार्मर, जिन्होंने 16 साल की उम्र में एपस्टीन द्वारा शोषण का सामना किया था, ने कहा कि उनकी जन्म तिथि और फोन नंबर जैसे निजी विवरण उजागर होने से वह खतरे में महसूस कर रही हैं। उन्होंने इस प्रक्रिया को बेहद लापरवाह करार दिया है। वहीं, वकील ब्रिटनी हेंडरसन ने न्याय विभाग से मांग की है कि इस साइट को तुरंत हटाया जाए और भविष्य की गलतियों को रोकने के लिए एक स्वतंत्र मॉनिटर नियुक्त किया जाए। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यह विफलता केवल तकनीकी नहीं है, बल्कि यह उन लोगों की सुरक्षा करने में विफलता है जिन्होंने न्याय प्रणाली पर भरोसा किया था।
न्याय विभाग का स्पष्टीकरण और आगामी कदम
अमेरिकी न्याय विभाग ने इन समस्याओं के लिए तकनीकी और मानवीय त्रुटियों को जिम्मेदार ठहराया है। विभाग के अनुसार, लाखों पन्नों के रिकॉर्ड की समीक्षा और उन्हें ब्लैक आउट करने का काम एक बहुत ही संकुचित समय सीमा के भीतर किया गया था और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 19 नवंबर को एक कानून पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत इन फाइलों को 30 दिनों के भीतर जारी करना अनिवार्य था। विभाग ने कहा है कि उसने कई विवादास्पद सामग्रियों को हटा दिया है और अब ठीक से रिडेक्टेड संस्करणों को दोबारा प्रकाशित करने पर काम किया जा रहा है। हालांकि, बुधवार शाम तक कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें वेबसाइट पर मौजूद थीं, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।